मध्य प्रदेश की धरती, जो कभी जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के लिए जानी जाती थी, आज कुछ लालची शिकारीयों के कारण बदनाम होती जा रही है। एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला इंदौर से सामने आया है, जहाँ तीन आरोपियों — जोहर हुसैन, इम्तियाज खान और सलमान पियारजी — ने न केवल वन्यजीवों की हत्या की, बल्कि इस शिकार को “ट्रॉफी गेम” की तरह लिया।

यह मामला इतना गम्भीर है कि इसमें काले हिरण के अवैध शिकार, अंतरराष्ट्रीय गिरोह की साजिश, विदेशी संपर्कों और अपराध जगत से जुड़ी कड़ियाँ सामने आई हैं। पुलिस और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STS Force) की जांच जारी है, परंतु 11 महीनों बाद भी मामला उलझनों में घिरा हुआ है।
कहानी की शुरुआत: इंदौर से दक्षिण अफ्रीका तक का सफर
सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी जोहर हुसैन और उसके साथियों ने दक्षिण अफ्रीका जाकर ‘हंटिंग गेम’ सीखा। वहां उन्होंने आधुनिक हथियारों से शिकार करने, जानवरों की पहचान, और उनके अंगों की तस्करी के तरीके सीखे। भारत लौटने के बाद, उन्होंने इस ‘खेल’ को अपराध में बदल दिया और मध्य प्रदेश के जंगलों को अपना शिकारगाह बना लिया।
इन आरोपियों को पहली बार 3 दिसंबर 2024 को पकड़ा गया था। जब इंदौर पुलिस ने छापा मारा, तो 65 किलो काले हिरण का मांस, एक स्वीडिश बंदूक, देसी पिस्टल, कारतूस, चार मोबाइल फोन, और एक वाहन बरामद हुआ। जांच के दौरान उनके मोबाइल से 500 से अधिक शिकार के फोटो और वीडियो मिले — जिनमें हिरण, चीतल, बारहसिंगा और चिंकारा की हत्या के दृश्य कैद थे।
धीमी जांच और सवालों के घेरे में STSF
हालांकि इन खुलासों के बाद राज्य की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने दावा किया था कि यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश होगा, लेकिन जांच की रफ्तार बेहद धीमी रही है। 11 महीनों में सिर्फ एक और आरोपी — सुबाह पुत्र सलाहुद्दीन — को मुंबई के जोगेश्वरी इलाके से गिरफ्तार किया गया है। सुबाह की रिमांड खत्म हो चुकी है और अब उसका मोबाइल डेटा फॉरेंसिक लैब में रिकवर किया जा रहा है। मोबाइल में कई वॉट्सऐप ग्रुप मिले, लेकिन अधिकांश चैट डिलीट कर दी गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, सुबाह का काम ग्राहकों से संपर्क करना और विदेशी खरीदारों से डील करना था।
जमानत पर सुनवाई और समाज का विरोध
मुख्य आरोपी सलमान, इम्तियाज और जोहर फिलहाल जेल में हैं। इनकी जमानत याचिका तीन बार खारिज हो चुकी है। हाल ही में जब सलमान ने फिर से जमानत की अर्जी दी, तो बिश्नोई समाज की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया। समाज के वकील मनीष यादव ने अदालत में कहा,
“काला हिरण भगवान विष्णु के वाहन का प्रतीक है, इसका शिकार धार्मिक और कानूनी रूप से बड़ा अपराध है। ये आरोपी आदतन अपराधी हैं, इनकी जमानत से वन्यजीव संरक्षण को ठेस पहुँचेगी।”
मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की गई थी।
शिकार के बाद फोटो और वीडियो भेजना बना गर्व की बात
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों के लिए यह सिर्फ अपराध नहीं बल्कि “एडवेंचर और शौक” का हिस्सा था। वे शिकार के बाद हिरण और चीतल के शवों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, वीडियो बनाते और इन्हें अपने गिरोह के अन्य सदस्यों को भेजते थे। उनके मोबाइल में हिरण की खाल उतारने, मांस निकालने, और ट्रॉफी तैयार करने के कई वीडियो मिले हैं। यह गिरोह सिर्फ मांस नहीं बल्कि जानवरों की खाल, सींग, और अंगों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी करता था।
गिरोह की साजिश और संपर्क
पूरी जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग राज्यों में फैले हुए थे। उनकी लोकेशन विदिशा के लटेरी, राजगढ़ के कंवलाझर, रायसेन के सिमरई, गुना के राघोगढ़, शाजापुर के कालपीपल, और सागर के खुरई के जंगलों में पाई गई। वे लगातार एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे और सैकड़ों बार कॉल करते थे ताकि शिकार की योजना सटीक तरीके से लागू हो सके।
विदेशी पहचान और काला कारोबार
इम्तियाज खान के पास UAE का पहचान पत्र मिला है। वह मुंबई में गरम मसाले की फैक्ट्री चलाता है और खाड़ी देशों में उसका निर्यात होता है। इसका उपयोग वह अवैध अंगों और जानवरों की खाल भेजने के लिए कवर बिजनेस के रूप में करता था। जोहर हुसैन और सलमान भी कई बार विदेश यात्रा कर चुके हैं।
भोपाल का निशानेबाज आमिर – अब तक फरार
पूछताछ में एक और नाम सामने आया — भोपाल का आमिर, जो निशानेबाजी में माहिर है। गिरोह में उसकी भूमिका शिकार के दौरान जानवरों को मारने की थी। आमिर फिलहाल फरार है, हालांकि उसकी लोकेशन समय-समय पर मिल रही है। उसके खिलाफ कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक वह पुलिस की पकड़ से दूर है।
वन विभाग पर भी उठे सवाल
शिकार की ये घटनाएं बिना किसी “भीतरखाते” के संभव नहीं थीं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ वन विभाग के कर्मचारी भी गिरोह से मिले हुए थे। उनकी मदद से शिकारी जंगलों में बिना डर-खौफ के घूमते थे। STS Force ने ऐसे कई अधिकारियों की भूमिका पर जांच शुरू कर दी है।
गिरफ्तारी के बाद ‘दाऊद’ का नाम और धमकियाँ
मामला तब और सनसनीखेज हो गया जब गिरफ्तार आरोपी सुबाह को दाऊद इब्राहिम का रिश्तेदार बताया गया। जांच टीम के सदस्यों को धमकी भरे फोन आए, जिसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल बंद कर दिए। सूत्रों के अनुसार, सुबाह खुद भी एक बार शिकार में शामिल हुआ था।
वन्यजीव अपराध – कानून और सजा
भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (1972) के तहत काले हिरण का शिकार गंभीर अपराध है। इसमें 3 से 7 वर्ष की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है। काला हिरण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पारिस्थितिकी संतुलन में भी इसकी अहम भूमिका है।
निष्कर्ष: लालच और मनोरंजन के बीच मरते वन्यजीव
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी नैतिकता पर सवाल है। दक्षिण अफ्रीका से सीखे गए “गेम” ने भारत के जंगलों में विनाश का रूप ले लिया। अब सवाल यह है — क्या कानून इतने प्रभावी हैं कि इन लालची शिकारियों को सजा मिल सके? या फिर वन्यजीवों की चीखें हमेशा जंगलों में गूंजती रहेंगी?
