डिजिटल दुनिया की सबसे चौंकाने वाली धोखाधड़ी में से एक का अंत आखिरकार हो गया। जिस महिला को कभी “चीन की क्रिप्टोक्वीन” कहा जाता था, जो महलों, लग्जरी कारों और करोड़ों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी में तैर रही थी — वही अब जेल की सलाखों के पीछे है। उसका नाम है कियान झिमिन (Qian Zhimin) — 47 वर्षीय महिला जिसने हजारों चीनी निवेशकों, विशेषकर बुजुर्गों, को अपने झूठे वादों और तकनीकी भ्रम के जाल में फंसा लिया।

यह कहानी सिर्फ एक ठगी की नहीं, बल्कि तकनीकी लालच, मानव कमजोरियों और लालच के ग्लोबल नेटवर्क की है — जो यह बताती है कि कैसे एक क्लिक से शुरू हुआ विश्वास अंत में जिंदगीभर के पछतावे में बदल गया।
फ्रॉड की शुरुआत : जब निवेश बन गया धोखा
साल 2016 में चीन के कई शहरों में अचानक एक नई कंपनी चर्चा में आई — “Qian Investment & Health Tech”। कंपनी का दावा था कि वह “हेल्थ प्रोडक्ट्स और क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग” के क्षेत्र में काम कर रही है। कियान झिमिन ने खुद को एक “आर्थिक सलाहकार” और “टेक इनोवेटर” के रूप में प्रस्तुत किया। उसने सेमिनार आयोजित किए, सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाए और बुजुर्ग निवेशकों को यह यकीन दिलाया कि उसका प्रोजेक्ट चीन को दुनिया की क्रिप्टो अर्थव्यवस्था का नेता बना देगा।
कंपनी की वेबसाइट और ऐप इतने पेशेवर थे कि लोग यह समझ नहीं पाए कि यह सब एक सुनियोजित ठगी का हिस्सा था। कुछ ही महीनों में 1 लाख से अधिक लोगों ने इस कंपनी में पैसा लगाया, जिनमें ज्यादातर 50 वर्ष से ऊपर के सेवानिवृत्त लोग थे। वे अपने जीवनभर की जमा पूंजी ‘सुरक्षित भविष्य’ की उम्मीद में इस जाल में फंसा बैठे।
2017 : जब क्रिप्टोक्वीन हुई फरार
2017 में अचानक कंपनी की वेबसाइट बंद हो गई, सर्वर गायब हो गए और कियान झिमिन चीन से लापता हो गई।सरकारी एजेंसियों ने जांच शुरू की तो पता चला कि कियान ने निवेशकों के पैसे से बिटकॉइन और अन्य डिजिटल करेंसी खरीदीं और नकली पासपोर्ट के जरिए ब्रिटेन भाग गई।
वहां उसने लंदन के हैम्पस्टेड (Hampstead) इलाके में एक करोड़ों पाउंड की हवेली किराए पर ली, लक्ज़री गाड़ियों का काफिला रखा और खुद को “महिला निवेश गुरु” के रूप में पेश किया। ब्रिटेन में उसके पास अरबों युआन मूल्य की डिजिटल संपत्ति थी। वह सोशल सर्कल में बेहद प्रभावशाली मानी जाती थी। कुछ महीनों बाद उसने स्वीडन में एक महल खरीदने की प्रक्रिया शुरू की और एक “इंटरनेशनल डिजिटल बैंक” लॉन्च करने की योजना बनाई।
कैसे आई पुलिस के रडार पर
ब्रिटिश पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि लंदन में रह रही एक चीनी महिला के पास असामान्य मात्रा में डिजिटल संपत्ति है। जांच में खुलासा हुआ कि यह महिला चीन की वांटेड आर्थिक अपराधी है।
जब पुलिस ने कियान के निवास पर छापा मारा, तो कई हार्ड ड्राइव, लैपटॉप और एन्क्रिप्टेड वॉलेट बरामद हुए।
जांच के दौरान यह साफ हुआ कि यह संपत्ति हजारों निवेशकों के ठगे गए पैसे से अर्जित की गई थी।
पुलिस को उसके लैपटॉप से ऐसे दस्तावेज मिले जिनसे पता चला कि वह जल्द ही “QZM Global Bank” नामक एक नया डिजिटल बैंक शुरू करने जा रही थी।
कोर्ट में झूठ की दीवार गिरी
ट्रायल के दौरान कियान झिमिन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को “राजनीतिक षड्यंत्र” बताया और खुद को निर्दोष कहा। उसने कहा कि उसने “वैध निवेश योजना” चलाई थी, और क्रिप्टो मार्केट के गिरने से नुकसान हुआ। लेकिन अदालत में जब सबूतों की फाइलें खुलीं, तो सारा सच सामने आ गया — कियान ने फर्जी कंपनियों के जरिए निवेशकों के पैसे सीधे अपने वॉलेट में ट्रांसफर कराए थे। कई ईमेल और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में उसका नाम साफ तौर पर दर्ज था।ब्रिटेन की अदालत ने उसे 11 साल 8 महीने की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि यह सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि “मानव विश्वास के साथ सबसे बड़ा अपराध” है।
कियान झिमिन की आलीशान जिंदगी
लंदन में कियान का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। वह डिजाइनर कपड़ों, महंगी कारों और विदेशी यात्राओं के लिए मशहूर थी।
वह अक्सर हाई-प्रोफाइल पार्टियों में नजर आती थी, और अपने सोशल मीडिया पर “फाइनेंशियल एम्पावरमेंट” के नाम से मोटिवेशनल पोस्ट करती थी। उसे “महिला उद्यमिता का चेहरा” कहने वाले कई विदेशी ब्लॉगों ने लेख भी लिखे थे। लेकिन यह चमक केवल धोखे की कमाई का परदा थी।
हजारों पीड़ितों की टूट चुकी उम्मीदें
कियान की गिरफ्तारी की खबर से चीन में हजारों निवेशकों के चेहरों पर एक हल्की राहत दिखी। कई लोगों ने मीडिया से कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि अब उन्हें अपना कुछ पैसा वापस मिलेगा। लेकिन हकीकत यह है कि ठगे गए बिटकॉइन और डिजिटल एसेट्स का बड़ा हिस्सा पहले ही ट्रांसफर या खर्च किया जा चुका है। एक 68 वर्षीय पीड़ित ने कहा,
“मैंने अपनी पूरी रिटायरमेंट फंड उसके प्रोजेक्ट में लगा दी थी। अब सिर्फ सजा से ज्यादा, मैं न्याय चाहता हूँ।”
क्रिप्टो की दुनिया में फर्जी साम्राज्य
कियान का केस इस बात की चेतावनी है कि कैसे क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन जैसे जटिल शब्दों का इस्तेमाल कर ठग नए तरीके से आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। डिजिटल इन्वेस्टमेंट का आकर्षण और तकनीकी अज्ञानता — दोनों मिलकर ऐसे अपराधों को आसान बनाते हैं।2024 में चीन और ब्रिटेन की जॉइंट साइबर एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार,
“केवल 2022-24 के बीच ऐसे 7,000 से अधिक केस दर्ज हुए, जिनमें ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी की गई।”
‘क्रिप्टोक्वीन’ क्यों कहलाई?
कियान झिमिन ने खुद को “Cryptoqueen of China” नाम से प्रचारित किया था। वह ब्लॉकचेन कॉन्फ्रेंस में भाषण देती, मीडिया इंटरव्यू में अपनी “नवाचार सोच” की बातें करती, और महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता के नाम पर जोड़ती थी। असल में, वह साइबर ठगी के मनोविज्ञान को समझ चुकी थी — लोगों को सपनों की ऐसी दुनिया दिखाओ, जिसमें वे खुद धोखा खाने को तैयार हो जाएं।
तकनीक का दूसरा चेहरा
यह मामला बताता है कि तकनीक एक ओर जहां समाज को आगे ले जा रही है, वहीं दूसरी ओर इसका दुरुपयोग कितनी बड़ी तबाही ला सकता है। ब्लॉकचेन जैसी पारदर्शी प्रणाली को भी झूठे वादों और नकली योजनाओं के जरिए अपराधी कैसे हथियार बना रहे हैं, यह इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
अंत में मिला न्याय, पर अधूरा
कियान झिमिन अब सलाखों के पीछे है, लेकिन जिन परिवारों की मेहनत की कमाई डूब गई, उनका दर्द अब भी कायम है।
अदालत ने कहा कि सरकारें ऐसे मामलों में साइबर फ्रॉड रिकवरी फंड तैयार करें ताकि पीड़ितों को कुछ राहत दी जा सके।
