मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने आखिरकार सिविल जज (जूनियर डिवीजन, एंट्री लेवल) परीक्षा 2022 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस परिणाम का इंतजार प्रदेश के हजारों अभ्यर्थी बेसब्री से कर रहे थे। परिणाम जारी होने के बाद राज्यभर में खुशी की लहर दौड़ गई, खासकर इंदौर में, जहाँ की भामिनि राठी ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में टॉप किया है।

12 नवंबर 2025 की शाम को जारी इस परिणाम में भामिनि ने न केवल अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि सपने चाहे कितने भी बड़े हों, अगर समर्पण और निरंतर प्रयास हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
भामिनि राठी – एक प्रेरणादायक सफर
इंदौर निवासी भामिनि राठी ने इस परीक्षा में कुल 450 अंकों में से 291.01 अंक हासिल किए और पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। भामिनि अनारक्षित वर्ग (Unreserved Category) की अभ्यर्थी हैं। उनका नाम अब मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है।
उनकी सफलता की कहानी केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास से अपनी मंज़िल तलाशते हैं।
क्या है MPCJ परीक्षा और इसकी अहमियत
MPCJ यानी Madhya Pradesh Civil Judge Examination राज्य न्यायिक सेवा (Judicial Services) में शामिल होने का द्वार है। इस परीक्षा का आयोजन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (MPHC) द्वारा किया जाता है।
परीक्षा तीन चरणों में होती है:
- प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
- मुख्य परीक्षा (Mains)
- साक्षात्कार (Interview)
इन तीनों चरणों में अभ्यर्थियों की विधिक जानकारी, तार्किक क्षमता, लेखन कौशल और न्यायिक दृष्टिकोण का परीक्षण किया जाता है।
कठिन प्रतिस्पर्धा, मगर दृढ़ संकल्प से मिली सफलता
इस साल परीक्षा में हजारों उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में अच्छे अंकों से पास होने के बाद, साक्षात्कार दौर में भामिनि ने आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच के दम पर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। वे बताती हैं कि उनका लक्ष्य हमेशा से न्यायिक सेवा में आना था, ताकि वे समाज में न्याय और संवेदना का संतुलन स्थापित कर सकें।
भामिनि ने इंटरव्यू के दौरान न केवल विधिक प्रश्नों का उत्तर सटीकता से दिया, बल्कि अपने विचारों में परिपक्वता और मानवीय दृष्टिकोण भी प्रदर्शित किया — यही गुण उन्हें शीर्ष स्थान तक ले गए।
महिला अभ्यर्थियों की बढ़ती भागीदारी
इस वर्ष के परिणामों की एक खास बात यह रही कि शीर्ष स्थानों पर महिला अभ्यर्थियों ने कब्जा जमाया। भामिनि राठी के बाद हरप्रीत कौर परिहार ने दूसरा और रिया मान्धान्या ने तीसरा स्थान हासिल किया। तीनों ही प्रतिभाशाली युवतियों ने साबित किया कि मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता किसी भी क्षेत्र में हासिल की जा सकती है।
रजिस्ट्रार (परीक्षा) संगीता यादव ने बताया कि इस बार महिलाओं की सफलता दर पिछले वर्षों की तुलना में कहीं बेहतर रही है। न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत देती है।
MPCJ टॉपर लिस्ट 2025
- भामिनि राठी – इंदौर (291.01 अंक)
- हरप्रीत कौर परिहार – भोपाल
- रिया मान्धान्या – जबलपुर
- अंकित मिश्रा – सागर
- श्रुति तिवारी – ग्वालियर
- आदित्य चौहान – रीवा
- पायल शर्मा – उज्जैन
- रोहित सिंह तोमर – दमोह
- संध्या यादव – बालाघाट
- दीपक राजपूत – भोपाल
(यह सूची मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा जारी आधिकारिक मेरिट लिस्ट के आधार पर संकलित है।)
तैयारी करने वालों के लिए संदेश
भामिनि राठी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने अपनी तैयारी को लगातार और अनुशासित बनाए रखा। वे दिन में 6 से 8 घंटे पढ़ाई करती थीं और हर सप्ताह “मॉक टेस्ट” व “केस लॉ रिवीजन” करती थीं।
उन्होंने कहा —
“अगर आप न्यायिक सेवा में आना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी है – निरंतरता। यह परीक्षा सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि धैर्य, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास की भी परीक्षा है।”
उनका कहना है कि कोचिंग संस्थान से अधिक आत्म-अध्ययन ने उनकी सफलता में बड़ी भूमिका निभाई।
न्यायपालिका में नई पीढ़ी का योगदान
मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा हर साल राज्य के न्यायिक तंत्र में नई ऊर्जा लाती है। भामिनि और अन्य सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति से उम्मीद है कि प्रदेश के न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे की गति में तेजी आएगी।
इन युवाओं के आने से न केवल न्यायपालिका को नई सोच और दृष्टिकोण मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में भी न्याय तक पहुंच आसान होगी।
विभिन्न वर्गों के अनुसार चयन
इस बार घोषित परिणाम में विभिन्न वर्गों से चयनित अभ्यर्थियों की संख्या निम्न रही:
- अनारक्षित श्रेणी: 32 अभ्यर्थी
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 14 अभ्यर्थी
- अनुसूचित जाति (SC): 1 अभ्यर्थी
- अनुसूचित जनजाति (ST): 3 अभ्यर्थी
रजिस्ट्रार एग्जामिनेशन संगीता यादव के अनुसार, चयन प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ की गई और सभी परिणाम MPHC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए गए हैं।
निष्कर्ष
भामिनि राठी की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश है कि मेहनत, ईमानदारी और दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। उनकी कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो न्यायपालिका में करियर बनाने का सपना देखते हैं।
मध्य प्रदेश की न्यायिक सेवा को अब नई पीढ़ी की ऊर्जा, नारी शक्ति की समझ और आधुनिक दृष्टिकोण का संगम मिलेगा — और यही है इस परीक्षा की सबसे बड़ी उपलब्धि।
