बैतूल शहर के हृदयस्थल विवेकानंद वार्ड में स्थित माचना एनीकट एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्षों बाद एनीकट का ऐसा दृश्य देखने को मिला है जब इसके सभी 10 गेटों को बंद कर दिया गया और पानी लगभग 15 फीट की ऊँचाई से बहता हुआ ओवरफ्लो होने लगा। यह दृश्य न सिर्फ आकर्षक है बल्कि लोगों में जिज्ञासा और चिंता दोनों का कारण भी बना हुआ है।
कई वर्षों से एनीकट के गेट खुले थे, जिनसे सामान्य मात्रा में पानी छोड़ा जाता था, लेकिन नगरपालिका ने हाल ही में इन गेटों को लोहे की मजबूत प्लेटें लगाकर पूरी तरह बंद कर दिया। जैसे ही यह किया गया, पानी का स्तर तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते गेटों के ऊपर से 15 फीट ऊँचे वेग से पानी बहने लगा।

बैतूल शहर में यह दृश्य पहले कम ही देखने को मिलता था, इसलिए स्थानीय लोग इसे देखने बड़ी संख्या में पहुँचने लगे। यह दृश्य किसी पर्यटन स्थल से कम नहीं लग रहा था, लेकिन दूसरी ओर विशेषज्ञ और जल संसाधन विभाग के अधिकारी इस स्थिति को लेकर गंभीरता से मूल्यांकन कर रहे हैं।
एनीकट बंद करने का फैसला क्यों लिया गया?
नगरपालिका के अधिकारियों ने बताया कि एनीकट के 10 गेट वर्षो से जर्जर स्थिति में थे और कई बार रिसाव की समस्या उत्पन्न हो रही थी। गेटों की मरम्मत लंबे समय से लंबित थी, लेकिन इस बार संरचना की मजबूती के परीक्षण को ध्यान में रखकर गेटों को बंद करना जरूरी समझा गया।
अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय अस्थायी है और जल्द ही एनीकट के गेटों का नवीनीकरण और मेंटेनेंस कार्य शुरू किया जाएगा।
54 लाख लीटर का जल संरचनात्मक टैंक भी आया चर्चा में
एनीकट स्ट्रक्चर से ठीक दूसरी ओर 54 लाख लीटर क्षमता वाला बड़ा जल संग्रहण टैंक बना हुआ है। पानी का बढ़ा स्तर और ओवरफ्लो की स्थिति को देखते हुए यह टैंक भी चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीण और शहरी जल आपूर्ति प्रणाली में इस टैंक का महत्वपूर्ण योगदान है, लेकिन पानी की बढ़ती मात्रा को देखते हुए जिम्मेदार विभाग इसकी सुरक्षा और क्षमता का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है।
ओवरफ्लो के कारण तेज बहाव—सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
गेट बंद होते ही पानी का स्तर तेजी से बढ़ा और अब लगभग 15 फीट ऊँचाई से ओवरफ्लो हो रहा है। यह तेज बहाव क्षेत्र में जोखिम भी पैदा कर सकता है।
इसलिए नगरपालिका ने एनीकट के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है। चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और स्थानीय पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पानी का प्रवाह इतना तेज है कि पास जाने पर फिसलने या बह जाने का खतरा बना रहता है। लोग फोटो और वीडियो बनाने के लिए नजदीक जाते हैं, इसलिए प्रशासन बार-बार समझाइश दे रहा है कि सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया—खुशी भी और चिंता भी
● खुशी: कई युवाओं ने कहा कि वर्षों बाद उन्होंने ऐसा ओवरफ्लो दृश्य देखा है। उन्हें यह किसी बांध के जलप्रपात जैसा खूबसूरत लगा।
● चिंता: बुजुर्गों और किसानों ने चिंता जताई कि यदि पानी का स्तर और बढ़ा तो नीचे के इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
● वास्तविकता: जल विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, और एनीकट की संरचना इतना दबाव सहन करने में सक्षम है।
जल विभाग क्या कह रहा है?
जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने निरीक्षण किया और बताया कि—
• एनीकट में पानी की तेज धार से फिलहाल कोई तकनीकी खतरा नहीं है।
• गेटों की मजबूती को लेकर नए सिरे से काम शुरू किया जाएगा।
• पानी का स्तर नियंत्रित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
• 54 लाख लीटर टैंक की भी सुरक्षा जांच की जा रही है।
गेट बंद करने का दूसरा पहलू—शहर में जल उपलब्धता पर असर
एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि गेट बंद होने से जलसंग्रहण क्षमता बढ़ गई है।
इससे—
• शहर में पेयजल उपलब्धता बढ़ेगी
• गर्मी के मौसम में पानी का संकट कम होगा
• एनीकट का जलस्तर लंबे समय तक बना रहेगा
लेकिन दूसरी ओर कुछ चुनौतियाँ भी हैं—
• अचानक पानी बढ़ने से एनीकट पर दबाव
• निचले इलाकों में जलभराव का खतरा
• संरचना के कमजोर हिस्सों पर भार बढ़ सकता है
लोगों की सुरक्षा के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश
● एनीकट के पास न जाएँ
● पानी की बहाव दिशा में न खड़े हों
● सेल्फी लेने के दौरान सावधानी रखें
● बच्चों को किनारे न जाने दें
● बारिश की स्थिति में क्षेत्र पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा
निष्कर्ष
माचना एनीकट के 10 गेटों का बंद होना और 15 फीट ऊँचे वेग से पानी बहना प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है, लेकिन साथ ही यह प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए जिम्मेदारी और सतर्कता का समय भी है।
बैतूल में यह घटना चर्चा का प्रमुख विषय बनने के साथ ही एक महत्वपूर्ण जल प्रबंधन मुद्दा भी बन गई है।
सरकार, नगरपालिका और जल विभाग अब संरचना की मजबूती और शहर की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
