फिल्म इंडस्ट्री में परिवार और पेशे के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। एक ही घर के लोग जब कैमरे के आगे और पीछे अपनी-अपनी जगह तलाश रहे होते हैं, तो रिश्तों की डोर कई बार नाजुक हो जाती है। यही कहानी है भट्ट परिवार की — जिसने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं, लेकिन आज खुद भावनाओं की दरारों से गुजर रहा है।
हाल ही में फिल्ममेकर मुकेश भट्ट ने अपने दिल की बात कही। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी भतीजी आलिया भट्ट, जिनकी फिल्में आज देश ही नहीं दुनिया में धूम मचा रही हैं, उनसे अब दूर हो गई हैं। यह दूरी सिर्फ पेशेवर नहीं, बल्कि दिल की भी है।

मुकेश भट्ट ने कहा कि उन्हें आलिया और रणबीर कपूर की शादी में बुलाया तक नहीं गया। वे बोले, “अगर मैं कहूं कि मुझे बुरा नहीं लगा तो मैं झूठ बोलूंगा। मुझे बहुत दुख हुआ। आलिया मेरी बेटी जैसी है। उसकी शादी मेरे लिए एक भावनात्मक पल होना चाहिए था।”
यह बात सिर्फ एक रिश्तेदार की शिकायत नहीं है — यह उस व्यक्ति का दर्द है जिसने ‘आशिकी’, ‘सड़क’, ‘राज’, ‘मर्डर’ जैसी फिल्मों से बॉलीवुड को नई ऊँचाइयाँ दीं। वह इंसान जो कभी भाई महेश भट्ट के साथ मिलकर ‘विशेष फिल्म्स’ के बैनर तले सपनों की दुनिया बनाता था, अब उस परिवार की खुशियों से दूर बैठा है।
परिवार की दरारें: पर्दे के पीछे की अनकही कहानी
भट्ट ब्रदर्स की जोड़ी कभी इंडस्ट्री में मिसाल मानी जाती थी। महेश भट्ट निर्देशन की कमान संभालते, तो मुकेश भट्ट प्रोडक्शन और फैसलों में अग्रणी रहते। दोनों ने मिलकर ऐसा साम्राज्य खड़ा किया, जहां से उभरे कलाकारों ने बॉलीवुड का चेहरा बदला। लेकिन 2021 में दोनों के बीच एक विवाद ने सबकुछ बदल दिया।
बताया जाता है कि आर्थिक और क्रिएटिव मतभेदों के चलते दोनों भाइयों ने अपने रास्ते अलग कर लिए। तब से लेकर आज तक, दोनों में बातचीत भी बहुत सीमित रह गई है। इस दूरी का असर पूरे परिवार पर पड़ा — खासकर अगली पीढ़ी पर।
आलिया, जो अपने पिता महेश भट्ट के बेहद करीब हैं, स्वाभाविक रूप से अपने चाचा से दूर होती चली गईं। मुकेश भट्ट का कहना है कि उन्होंने कभी किसी से दूरी बनाने की कोशिश नहीं की, लेकिन रिश्ते धीरे-धीरे ठंडे पड़ते गए।
‘राहा’ से मिलने की अधूरी इच्छा
आलिया और रणबीर की बेटी राहा कपूर अब तीन साल की हो गई है। लेकिन मुकेश भट्ट अभी तक उससे नहीं मिले। उन्होंने भावनात्मक स्वर में कहा, “जब मुझे पता चला कि आलिया मां बनने वाली है, तब मेरे दिल में एक उत्साह था। मैंने सोचा कि यह तो मेरे परिवार में एक नई जान आने वाली है। लेकिन जब राहा का जन्म हुआ और मैं उससे नहीं मिल सका, तो दिल भारी हो गया।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने कभी आलिया को असहज करने की कोशिश नहीं की। मैंने उसे कोई संदेश नहीं भेजा, क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि उसे किसी तरह का दबाव महसूस हो। मैंने सिर्फ दिल से दुआ दी — कि वह खुश रहे, उसकी बेटी स्वस्थ रहे और परिवार में हमेशा सुख बना रहे।”
सिनेमा से रिश्तों तक: मुकेश भट्ट की भावनात्मक यात्रा
मुकेश भट्ट, जो अपने काम को ही अपनी पहचान मानते हैं, ने पिछले कुछ वर्षों में अपने आपको लगभग इंडस्ट्री से अलग कर लिया है। उन्होंने कहा, “मैंने अब जीवन के उस मोड़ पर पहुंचकर सबकुछ शांत कर दिया है। अब मुझे नाम या शोहरत की नहीं, बस सुकून की तलाश है।”
वे कहते हैं कि ‘विशेष फिल्म्स’ कभी सिर्फ एक प्रोडक्शन हाउस नहीं था — वह एक परिवार की तरह था। हर फिल्म के साथ जुड़ी यादें, संघर्ष, और सफलता के पल — सब उनके दिल में बसे हैं। लेकिन जब परिवार की बुनियाद ही हिलने लगे, तो कला भी कहीं खो जाती है।
विक्रम भट्ट का बयान और विवाद की जड़
निर्देशक विक्रम भट्ट, जिन्होंने विशेष फिल्म्स के साथ कई फिल्में बनाई हैं, ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था कि महेश और मुकेश के बीच पेशेवर मतभेद काफी गहरे थे। उन्होंने बताया था कि एक वक्त पर महेश भट्ट ने उन्हें खुद कंपनी से अलग होने को कहा था ताकि वह “स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ सकें।”
विक्रम के अनुसार, महेश भट्ट ने उनसे कहा था — “सालों तक मेरे भाई ने मेरा शोषण किया है, मैं नहीं चाहता कि वह तुम्हारा करे।”
यह बयान उस तनाव को उजागर करता है जो सालों से परिवार के भीतर पलता रहा।
एक परिवार, दो रास्ते — और बीच में सन्नाटा
महेश भट्ट और मुकेश भट्ट की जोड़ी ने सिनेमा में जादू रचा, लेकिन निजी रिश्तों में वो जादू खत्म हो गया। जहां एक ओर आलिया, शाहीन और पूजा भट्ट अपने पिता के साथ मजबूत रिश्ते में दिखती हैं, वहीं दूसरी ओर मुकेश भट्ट खुद को अकेला महसूस करते हैं।
उन्होंने कहा, “रिश्ते खून से नहीं, एहसास से बनते हैं। और जब एहसास खत्म हो जाएं, तो सिर्फ नाम बचता है।”
क्या कभी सुलह की उम्मीद है?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह दोबारा परिवार के करीब आना चाहेंगे, तो उन्होंने मुस्कराकर कहा, “दिल तो हमेशा चाहता है। लेकिन अब मैं बस समय पर छोड़ देता हूँ। अगर वक्त ने चाहा, तो सब ठीक हो जाएगा। मैं किसी से नाराज नहीं हूँ, न कोई गिला है। बस थोड़ा सन्नाटा है, जो रिश्तों के बीच बस गया है।”
आलिया की ओर से खामोशी
आलिया भट्ट ने इस पूरे मामले पर अब तक कोई बयान नहीं दिया है। वह अपनी फिल्मों, बेटी राहा और पति रणबीर कपूर के साथ अपनी व्यस्त जिंदगी में हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि वह अब पारिवारिक और प्रोफेशनल जीवन में संतुलन बनाना सीख रही हैं।
निष्कर्ष
यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं है — यह हर उस रिश्ते की कहानी है जो काम और भावनाओं के बीच बंट जाता है। मुकेश भट्ट का दर्द सिर्फ एक चाचा का नहीं, बल्कि एक इंसान का है जो अब भी रिश्तों के लौट आने की उम्मीद रखता है।
शायद किसी दिन, किसी समारोह में, वह राहा को अपनी गोद में उठा पाएँगे — और परिवार फिर से एक फ्रेम में दिखेगा।
