दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल अमेजन एक बार फिर बड़े कॉर्पोरेट बदलाव की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। 27 जनवरी 2026 को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि कंपनी आज बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले से करीब 16,000 कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित होने की आशंका है। यह छंटनी केवल एक तात्कालिक कदम नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे अमेजन के व्यापक रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।

बीते कुछ वर्षों में टेक इंडस्ट्री में लगातार हो रहे बदलावों, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग ने कंपनियों को अपने संगठनात्मक ढांचे पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया है। अमेजन भी इसी दौर से गुजर रही है, जहां वह अपने खर्च, निर्णय प्रक्रिया और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर को नए सिरे से परिभाषित करना चाहती है।
2026 तक 30,000 कॉर्पोरेट पद खत्म करने की योजना
सूत्रों के अनुसार, अमेजन केवल मौजूदा 16,000 पदों तक सीमित नहीं रहने वाली है। कंपनी का लक्ष्य 2026 के मध्य तक करीब 30,000 कॉर्पोरेट पदों को समाप्त करने का बताया जा रहा है। यह संख्या अमेजन के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी छंटनी योजनाओं में से एक मानी जा रही है।
इस छंटनी का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। भारत समेत कई देशों में स्थित अमेजन की कॉर्पोरेट टीमें भी इसकी चपेट में आ सकती हैं। खास तौर पर उन यूनिट्स पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जहां मैनेजमेंट लेयर्स ज्यादा हैं या जिनकी भूमिकाओं को तकनीक के जरिए ऑटोमेट किया जा सकता है।
किन विभागों पर सबसे ज्यादा असर की आशंका
अंदरूनी चर्चाओं और रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेजन के कुछ प्रमुख डिवीजन इस बार छंटनी की जद में आ सकते हैं। इसमें अमेजन वेब सर्विसेज यानी AWS, प्राइम वीडियो, रिटेल ऑपरेशंस और कंपनी की इंटरनल ह्यूमन रिसोर्स यूनिट शामिल हैं।
AWS, जो लंबे समय से अमेजन की कमाई का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता रहा है, वहां भी लागत नियंत्रण और टीम स्ट्रक्चर को लेकर पुनर्गठन की बात सामने आ रही है। प्राइम वीडियो यूनिट में कंटेंट निवेश और रिटर्न के बीच संतुलन बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। वहीं रिटेल ऑपरेशंस में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को ज्यादा ऑटोमेट करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
भारत की कॉर्पोरेट टीमों पर बढ़ता खतरा
भारत में अमेजन के बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई स्थित कॉर्पोरेट ऑफिस इस संभावित छंटनी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इन शहरों में बड़ी संख्या में टेक, प्रोडक्ट, सपोर्ट और मैनेजमेंट से जुड़े कर्मचारी काम करते हैं।
सोशल मीडिया और आंतरिक प्लेटफॉर्म्स पर कर्मचारियों के बीच हो रही चर्चाओं से संकेत मिल रहे हैं कि कई विभागों में पहले से ही तैयारी शुरू हो चुकी है। कुछ टीमों में परफॉर्मेंस रिव्यू और रोल री-डिफाइन करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जिसे छंटनी से पहले का संकेत माना जा रहा है।
अब तक कितनी नौकरियां जा चुकी हैं
अगर बीते वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेजन पहले ही बड़े पैमाने पर छंटनी कर चुकी है। रॉयटर्स समेत कई रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी 2025 के अंत तक लगभग 30,000 कॉर्पोरेट नौकरियों में कटौती की योजना बना रही है।
अक्टूबर 2025 में ही अमेजन ने करीब 14,000 व्हाइट-कॉलर पद समाप्त किए थे। यदि मौजूदा दौर में 16,000 और नौकरियां जाती हैं, तो यह आंकड़ा 2022 और 2023 के दौरान की गई कुल 27,000 छंटनियों से भी ज्यादा हो जाएगा। उस समय टेक इंडस्ट्री में मंदी और पोस्ट-पैंडेमिक एडजस्टमेंट को इसकी वजह बताया गया था।
हालांकि, इन कटौतियों के बावजूद अमेजन के पास अभी भी दुनियाभर में करीब 15.7 लाख कर्मचारी हैं, जिससे यह साफ होता है कि कंपनी का आकार बेहद विशाल बना हुआ है।
छंटनी के पीछे अमेजन की रणनीतिक सोच
अमेजन का कहना है कि यह छंटनी केवल खर्च घटाने के लिए नहीं की जा रही है। कंपनी के सीईओ एंडी जेस्सी के मुताबिक, इसका असली मकसद संगठन को ज्यादा चुस्त और प्रभावी बनाना है। उनका मानना है कि समय के साथ कंपनी के भीतर ब्यूरोक्रेसी बढ़ गई है, जिससे फैसले लेने की रफ्तार धीमी हो गई है।
एंडी जेस्सी ने आंतरिक बैठकों में संकेत दिए हैं कि अमेजन मैनेजमेंट की अनावश्यक लेयर्स को कम करना चाहती है। इसका मतलब है कि मिड-लेवल मैनेजमेंट के कई पदों को खत्म किया जा सकता है, ताकि निर्णय सीधे और तेजी से लिए जा सकें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका
अमेजन के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। कंपनी पहले से ही कई आंतरिक प्रक्रियाओं में AI का इस्तेमाल कर रही है। कस्टमर सपोर्ट, डेटा एनालिसिस, रिपोर्टिंग और कुछ एडमिनिस्ट्रेटिव कार्य अब ऑटोमेशन के जरिए पूरे किए जा रहे हैं।
इस बदलाव का सीधा असर उन भूमिकाओं पर पड़ रहा है, जहां मैनुअल हस्तक्षेप की जरूरत कम होती जा रही है। सपोर्ट और एडमिनिस्ट्रेटिव से जुड़े कई पद अब पहले जैसे जरूरी नहीं रह गए हैं, और यही वजह है कि इन क्षेत्रों में छंटनी की आशंका ज्यादा जताई जा रही है।
कर्मचारियों के बीच बढ़ती अनिश्चितता
छंटनी की खबरों ने कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता और चिंता का माहौल बना दिया है। खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए यह स्थिति ज्यादा कठिन है, जो पिछले कुछ वर्षों में लगातार बदलावों और पुनर्गठन के दौर से गुजर चुके हैं।
भारत समेत कई देशों में अमेजन को एक स्थिर और सुरक्षित नियोक्ता के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन बार-बार हो रही छंटनियों ने इस छवि को प्रभावित किया है। कर्मचारी अब लंबे समय की नौकरी सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
टेक इंडस्ट्री में छंटनी का व्यापक संदर्भ
अमेजन की संभावित छंटनी को केवल एक कंपनी के फैसले के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह पूरी टेक इंडस्ट्री में चल रहे बड़े बदलावों का हिस्सा है। दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां लागत नियंत्रण, AI अपनाने और संगठनात्मक ढांचे को सरल बनाने की दिशा में कदम उठा रही हैं।
पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हुई हायरिंग के बाद अब कंपनियां अपने स्टाफिंग मॉडल को संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं। अमेजन का यह कदम उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या हो सकता है
आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि अमेजन अपने रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को किस तरह लागू करती है। यह भी देखने वाली बात होगी कि छंटनी के बाद कंपनी की कार्यक्षमता और निर्णय प्रक्रिया में कितना सुधार आता है।
कर्मचारियों और इंडस्ट्री विशेषज्ञों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह कदम अमेजन को लंबे समय में ज्यादा मजबूत बनाएगा या इससे टैलेंट रिटेंशन और ब्रांड इमेज को नुकसान पहुंचेगा।
निष्कर्ष
अमेजन की संभावित 16,000 कर्मचारियों की छंटनी केवल एक संख्या नहीं है। यह उस बदलाव का संकेत है, जिससे वैश्विक टेक इंडस्ट्री गुजर रही है। संगठन को सरल बनाने, AI को अपनाने और लागत को नियंत्रित करने की यह कोशिश भविष्य की कार्य संस्कृति को भी नई दिशा दे सकती है।
