आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में सामान खो जाना एक आम समस्या बन चुकी है। चाबियां, पर्स, बैग या फिर यात्रा के दौरान लगेज का गायब हो जाना न केवल परेशानी बढ़ाता है बल्कि समय और मानसिक तनाव भी पैदा करता है। टेक्नोलॉजी कंपनियां लगातार ऐसे समाधान विकसित कर रही हैं, जो लोगों की इस रोजमर्रा की समस्या को कम कर सकें। इसी कड़ी में Apple ने एक बार फिर अपने लोकप्रिय ट्रैकिंग डिवाइस AirTag को नए और उन्नत रूप में पेश किया है।

भारत में लॉन्च हुआ नया Apple AirTag दिखने में भले ही पहले जैसा लगे, लेकिन इसके अंदर किए गए तकनीकी बदलाव इसे पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट, भरोसेमंद और प्रभावी बनाते हैं। इस बार Apple ने खासतौर पर रेंज, सटीकता और यूज़र की सहूलियत पर ध्यान दिया है, जिससे खोई हुई चीजों को ढूंढना अब और भी आसान हो जाएगा।
डिजाइन वही, लेकिन अनुभव पूरी तरह नया
Apple की पहचान हमेशा से सादगी और प्रीमियम डिजाइन के लिए रही है। नए AirTag में भी कंपनी ने इसके गोल और कॉम्पैक्ट डिजाइन को बरकरार रखा है। इसका फायदा यह है कि पहले से मौजूद एक्सेसरीज़ जैसे कीचेन, बैग होल्डर या अन्य कवर बिना किसी परेशानी के नए AirTag के साथ इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
हालांकि बाहरी डिजाइन में बदलाव न के बराबर है, लेकिन अंदरूनी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में किए गए सुधार इसे पूरी तरह नया अनुभव देते हैं। Apple का फोकस इस बार यह सुनिश्चित करने पर रहा है कि यूज़र को ज्यादा दूरी से भी सटीक लोकेशन मिले और ट्रैकिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा सहज हो।
नया Ultra Wideband चिप और बढ़ी हुई रेंज
नए AirTag का सबसे बड़ा और अहम अपग्रेड इसका सेकेंड जेनरेशन Ultra Wideband चिप है। यह वही तकनीक है, जिसने Precision Finding फीचर को और अधिक सटीक बना दिया है। इस नए चिप की मदद से अब AirTag की ट्रैकिंग रेंज पहले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

इसका मतलब यह है कि यदि आपकी चाबी, बैग या कोई अन्य जरूरी सामान पहले से कहीं ज्यादा दूरी पर रखा हो, किसी कोने में छिपा हो या भीड़भाड़ वाली जगह पर हो, तो भी उसे ढूंढना अब ज्यादा आसान हो गया है। iPhone स्क्रीन पर आपको दिशा दिखाने वाले विजुअल संकेत, हल्की वाइब्रेशन और स्पष्ट साउंड के जरिए यह बताया जाता है कि आपका सामान किस दिशा और कितनी दूरी पर है।
Precision Finding अब Apple Watch पर भी
इस नए AirTag के साथ Apple ने पहली बार Apple Watch यूज़र्स के लिए भी Precision Finding सपोर्ट जोड़ दिया है। Apple Watch सीरीज़ 9, सीरीज़ 10 और Ultra मॉडल्स पर अब सीधे AirTag को ट्रैक किया जा सकता है। यह फीचर उन यूज़र्स के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, जो हर वक्त iPhone हाथ में नहीं रखते।

अब केवल Apple Watch की मदद से ही खोई हुई चीज की दिशा और दूरी का पता लगाया जा सकता है। यह सुविधा खासकर घर के अंदर, ऑफिस या यात्रा के दौरान काफी उपयोगी साबित हो सकती है, जहां जल्दी-जल्दी iPhone निकालना संभव नहीं होता।
ज्यादा तेज और दमदार स्पीकर
नए AirTag में दिया गया स्पीकर पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर बनाया गया है। इसकी आवाज लगभग 50 प्रतिशत ज्यादा तेज है और पहले की तुलना में दोगुनी दूरी तक सुनी जा सकती है। इसका सीधा फायदा यह है कि यदि आपका सामान किसी दराज, सोफे के नीचे या बैग के अंदर रखा हो, तो भी चाइम साउंड आसानी से सुनाई देगा।
Apple ने इस बार नए साउंड प्रोफाइल पर भी काम किया है, जिससे आवाज ज्यादा साफ और पहचानने में आसान हो गई है। भीड़भाड़ या शोर-शराबे वाली जगहों पर भी यह फीचर काफी मददगार साबित होता है।
Find My नेटवर्क और बेहतर प्राइवेसी
AirTag पहले की तरह ही Apple के Find My नेटवर्क पर काम करता है। यह नेटवर्क दुनिया भर में मौजूद लाखों Apple डिवाइसेज़ की मदद से काम करता है। जब आपका AirTag किसी अन्य Apple डिवाइस के पास से गुजरता है, तो उसकी लोकेशन सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड तरीके से आपके अकाउंट तक पहुंच जाती है।
Apple ने इस प्रक्रिया में प्राइवेसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। लोकेशन डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहता है और न तो Apple और न ही कोई तीसरा व्यक्ति यह जान सकता है कि AirTag किसका है या उसकी लोकेशन किसने भेजी है। यही वजह है कि AirTag को ट्रैकिंग डिवाइस होने के बावजूद प्राइवेसी के लिहाज से सुरक्षित माना जाता है।
Share Item Location फीचर से बढ़ी सहूलियत
नए AirTag में Share Item Location फीचर को और ज्यादा उपयोगी बना दिया गया है। अब आप अपनी किसी खास चीज की लोकेशन सीमित समय के लिए थर्ड पार्टी के साथ भी शेयर कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि यात्रा के दौरान आपका लगेज खो जाता है, तो आप उसकी लोकेशन एयरलाइंस के साथ साझा कर सकते हैं।
इस फीचर से खोए हुए लगेज या सामान को ढूंढने की प्रक्रिया तेज और आसान हो जाती है। खास बात यह है कि यह शेयरिंग पूरी तरह कंट्रोल्ड होती है और यूज़र तय कर सकता है कि कितने समय तक और किसके साथ लोकेशन साझा करनी है।
सॉफ्टवेयर की जरूरत और सिस्टम संगतता
नया Apple AirTag इस्तेमाल करने के लिए लेटेस्ट सॉफ्टवेयर सपोर्ट जरूरी है। इसे इस्तेमाल करने के लिए iOS 26 या iPadOS 26 पर चलने वाला iPhone या iPad होना चाहिए। Apple ने यह सुनिश्चित किया है कि नए हार्डवेयर फीचर्स का पूरा फायदा तभी मिलेगा, जब डिवाइस लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम पर अपडेट हो।
यह कदम Apple के उस इकोसिस्टम अप्रोच को भी दर्शाता है, जिसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का गहरा तालमेल देखने को मिलता है।
भारत में कीमत और उपलब्धता
भारत में Apple ने नए AirTag की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है। सिंगल AirTag की कीमत ₹3,790 रखी गई है, जबकि चार AirTag का पैक ₹12,900 में उपलब्ध है। यह कीमत इसे प्रीमियम ट्रैकिंग डिवाइस की श्रेणी में बनाए रखती है, लेकिन फीचर्स को देखते हुए इसे एक उपयोगी निवेश माना जा सकता है।
ऑनलाइन ऑर्डर करने पर Apple की ओर से फ्री पर्सनलाइज्ड एन्ग्रेविंग का विकल्प भी दिया जा रहा है, जिससे यूज़र अपने AirTag को नाम या किसी खास संदेश के साथ कस्टमाइज कर सकते हैं।
क्या नया AirTag वाकई अपग्रेड के लायक है
यदि आप पहले से AirTag इस्तेमाल कर रहे हैं और ज्यादा रेंज, तेज साउंड और Apple Watch से ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं की जरूरत महसूस करते हैं, तो नया AirTag एक मजबूत अपग्रेड साबित हो सकता है। वहीं, नए यूज़र्स के लिए यह ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक भरोसेमंद और प्राइवेसी-फ्रेंडली एंट्री पॉइंट है।
Apple ने इस बार छोटे लेकिन अहम बदलावों के जरिए AirTag को पहले से ज्यादा परिपक्व और उपयोगी बना दिया है।
