जनवरी का महीना भारत में केवल नए साल की शुरुआत का प्रतीक नहीं होता, बल्कि यह त्योहारों, सांस्कृतिक आयोजनों और क्षेत्रीय परंपराओं से भी गहराई से जुड़ा रहता है। यही वजह है कि इस महीने बैंकिंग व्यवस्था पर छुट्टियों का प्रभाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दिखाई देता है। जनवरी 2026 का दूसरा सप्ताह भी कुछ ऐसा ही है, जब देश के अलग-अलग राज्यों में बैंक लगातार कई दिनों तक बंद रहने वाले हैं। ऐसे में आम लोगों, कारोबारियों, नौकरीपेशा वर्ग और बुजुर्गों के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि उनके शहर और राज्य में बैंक खुले रहेंगे या नहीं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी आधिकारिक बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार जनवरी 2026 में कुल 16 दिन बैंक बंद रहेंगे। इनमें साप्ताहिक छुट्टियां भी शामिल हैं और साथ ही कई राज्यों में स्थानीय त्योहारों और खास अवसरों के कारण अतिरिक्त अवकाश भी घोषित किए गए हैं। खासतौर पर 12 जनवरी से 18 जनवरी के बीच बैंकिंग सेवाएं कई जगहों पर प्रभावित रहने वाली हैं।
क्यों जरूरी है बैंक हॉलिडे की पहले से जानकारी
बैंक से जुड़े काम केवल नकद लेन-देन तक सीमित नहीं होते। आज भी चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट, लोन फाइलिंग, डिमांड ड्राफ्ट, लॉकर ऑपरेशन और कई सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य सीधे बैंक शाखाओं पर निर्भर रहते हैं। जब लगातार छुट्टियां पड़ती हैं, तो इन सेवाओं में देरी होना स्वाभाविक है।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि वहां डिजिटल बैंकिंग का उपयोग अभी भी सीमित है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को यह जानकारी नहीं होती कि बैंक किस दिन बंद रहेगा, तो उसे समय और संसाधनों दोनों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की भूमिका और छुट्टियों का ढांचा
भारत में बैंक छुट्टियों का निर्धारण पूरी तरह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है। आरबीआई हर साल एक विस्तृत बैंक हॉलिडे सूची जारी करता है, जिसमें राष्ट्रीय अवकाश, साप्ताहिक छुट्टियां और राज्य-विशेष अवकाश शामिल होते हैं।
देशभर में सभी सरकारी और निजी बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। इसके अलावा हर रविवार को बैंक शाखाओं में कोई कामकाज नहीं होता। यह व्यवस्था पूरे देश में समान रूप से लागू होती है। हालांकि इसके अलावा जो छुट्टियां होती हैं, वे राज्य और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होती हैं।
12 जनवरी से 18 जनवरी 2026 के बीच क्या है खास
जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में त्योहारों की भरमार है। इसी वजह से 12 से 18 जनवरी के बीच कई राज्यों में लगातार बैंक अवकाश देखने को मिलेंगे। इस अवधि में कुछ दिन ऐसे हैं जब एक ही राज्य में दो-तीन दिन तक बैंक बंद रह सकते हैं।
12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल में बैंक बंद रहेंगे। यह दिन युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक माना जाता है और राज्य में इसे बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इसी कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
इसके बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति और माघ बिहू जैसे प्रमुख त्योहारों के चलते गुजरात, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और असम में बैंक बंद रहेंगे। यह दिन कृषि और सूर्य उपासना से जुड़ा होता है, इसलिए इन राज्यों में इसे सार्वजनिक अवकाश के रूप में मान्यता दी गई है।
15 जनवरी को उत्तरायण पुण्यकाल, पोंगल, माघे संक्रांति और मकर संक्रांति के कारण तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और सिक्किम में बैंकिंग सेवाएं ठप रहेंगी। दक्षिण भारत में पोंगल केवल एक पर्व नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
16 जनवरी को तमिलनाडु में थिरुवल्लुवर दिवस के कारण बैंक बंद रहेंगे। यह दिन तमिल साहित्य और संस्कृति को समर्पित है और राज्य में इसे बड़े सम्मान के साथ मनाया जाता है।
17 जनवरी को तमिलनाडु में उझावर थिरुनाल के अवसर पर बैंक अवकाश रहेगा। यह पर्व किसानों को समर्पित है और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।
18 जनवरी रविवार है, इसलिए पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। इस तरह कई राज्यों में 12 से 18 जनवरी के बीच लगातार छुट्टियां पड़ रही हैं।
अलग-अलग राज्यों में अलग नियम क्यों
भारत की विविधता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। हर राज्य की अपनी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मान्यताएं हैं। इसी वजह से बैंक छुट्टियां भी राज्य के हिसाब से अलग-अलग होती हैं। जो त्योहार किसी एक राज्य में बेहद महत्वपूर्ण होता है, वह दूसरे राज्य में सामान्य दिन भी हो सकता है।
इसी कारण यह जरूरी हो जाता है कि लोग केवल राष्ट्रीय अवकाशों पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने राज्य की बैंक हॉलिडे लिस्ट भी जरूर जांचें। इससे यह साफ हो जाता है कि किस दिन बैंक खुले रहेंगे और किस दिन बंद।
बैंक बंद होने पर कौन-सी सेवाएं रहेंगी चालू
भले ही बैंक शाखाएं बंद रहें, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से चालू रहती हैं। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं। एटीएम से नकद निकासी भी संभव होती है, हालांकि छुट्टियों के दौरान एटीएम में नकदी की उपलब्धता पर ध्यान देना जरूरी होता है।
इसके अलावा ऑनलाइन बिल पेमेंट, फिक्स्ड डिपॉजिट का नवीनीकरण और बैलेंस चेक जैसी सुविधाएं भी चालू रहती हैं। लेकिन चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट, ड्राफ्ट बनवाना और लोन से जुड़े दस्तावेजी कार्य छुट्टियों के दौरान नहीं हो पाते।
आम लोगों के लिए क्या है सही रणनीति
अगर किसी व्यक्ति को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करना है, तो बेहतर यही होगा कि वह छुट्टियों से पहले ही उसे पूरा कर ले। खासकर जनवरी के दूसरे सप्ताह में, जब कई राज्यों में लगातार छुट्टियां पड़ रही हैं, तब पहले से योजना बनाना बेहद जरूरी है।
व्यापारी वर्ग, छोटे कारोबारी और वे लोग जो नियमित रूप से बैंक शाखा पर निर्भर रहते हैं, उन्हें इन तारीखों को ध्यान में रखते हुए अपने लेन-देन की योजना बनानी चाहिए। अचानक बैंक बंद मिलने से न केवल समय खराब होता है, बल्कि कई बार आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।
डिजिटल बैंकिंग पर बढ़ता भरोसा
लगातार पड़ने वाली बैंक छुट्टियां एक तरह से डिजिटल बैंकिंग को अपनाने की जरूरत भी बताती हैं। आज यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग ने आम लोगों का जीवन काफी आसान बना दिया है। फिर भी देश के एक बड़े हिस्से में लोग अभी भी शाखा-आधारित बैंकिंग पर निर्भर हैं।
सरकार और बैंक दोनों ही डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं, ताकि छुट्टियों के दौरान भी लोगों को जरूरी सुविधाएं मिलती रहें।
निष्कर्ष
जनवरी 2026 का दूसरा सप्ताह बैंकिंग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। 12 से 18 जनवरी के बीच अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं, जिससे कई जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि लोग पहले से बैंक हॉलिडे लिस्ट चेक करें और अपने काम की योजना उसी अनुसार बनाएं।
सही जानकारी और थोड़ी-सी तैयारी आपको समय, मेहनत और परेशानी तीनों से बचा सकती है।
