मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के लिए हाल के दिन ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं। वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों को लेकर जूझते रहे इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में अब विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। धार और बैतूल में मेडिकल कॉलेजों के भूमिपूजन के साथ ही राज्य के इस हिस्से में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना सिर्फ एक इमारत का निर्माण नहीं है, बल्कि यह बैतूल के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि बैतूल लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। मेडिकल कॉलेज के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के तीन प्रमुख क्षेत्रों में बड़ी छलांग देखने को मिलेगी। यह परियोजना न केवल जिले के लोगों के लिए बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि आसपास के आदिवासी अंचलों के लिए भी जीवनदायिनी साबित होगी।
भूमिपूजन समारोह और उसका महत्व
धार और बैतूल में आयोजित भूमिपूजन समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। समारोह का माहौल उत्साह और उम्मीदों से भरा हुआ था। लंबे समय से जिस मांग को लेकर लोग आवाज उठाते रहे थे, वह अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है।
मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने को लेकर गंभीर है। हेमंत खंडेलवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह सिर्फ आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा फैसला है। मेडिकल कॉलेज बनने से बैतूल और आसपास के जिलों के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर भटकना नहीं पड़ेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव
अब तक बैतूल जिले के मरीजों को जटिल इलाज के लिए भोपाल, इंदौर या नागपुर जाना पड़ता था। इससे न सिर्फ समय और पैसे की बर्बादी होती थी, बल्कि कई बार इलाज में देरी के कारण जान का खतरा भी बढ़ जाता था। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल बनेगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध होंगी। इमरजेंसी, सर्जरी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, ट्रॉमा केयर और अन्य महत्वपूर्ण विभागों की स्थापना से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के लोगों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर
मेडिकल कॉलेज का मतलब सिर्फ अस्पताल नहीं होता, बल्कि यह शिक्षा का एक बड़ा केंद्र भी होता है। बैतूल में मेडिकल कॉलेज खुलने से स्थानीय छात्रों के लिए डॉक्टर बनने का सपना साकार होने का रास्ता आसान होगा। अब उन्हें मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों या बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
इसके साथ ही नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य स्वास्थ्य से जुड़े कोर्सेज की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे जिले में शैक्षणिक माहौल मजबूत होगा और युवाओं को नई दिशा मिलेगी। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल बैतूल को एक नई पहचान देगी।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पताल के निर्माण से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। डॉक्टर, नर्स, तकनीकी स्टाफ, प्रशासनिक कर्मचारी और अन्य सहयोगी सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर भर्ती होगी। इसके अलावा निर्माण कार्यों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक, स्थानीय व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
होटल, परिवहन, मेडिकल स्टोर, खानपान और अन्य सेवाओं में तेजी आएगी। इससे बैतूल की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। यह विकास सिर्फ एक परियोजना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
तीन क्षेत्रों में विकास की बात
हेमंत खंडेलवाल ने अपने संबोधन में खासतौर पर तीन क्षेत्रों का उल्लेख किया, जहां इस परियोजना से बड़ी छलांग देखने को मिलेगी। पहला स्वास्थ्य, जहां इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी। दूसरा शिक्षा, जहां मेडिकल और पैरामेडिकल पढ़ाई के अवसर बढ़ेंगे। तीसरा रोजगार, जहां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जब ये तीनों क्षेत्र मजबूत होते हैं, तो समाज अपने आप आगे बढ़ता है। बैतूल में मेडिकल कॉलेज इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
आदिवासी अंचल के लिए वरदान
बैतूल और आसपास का क्षेत्र आदिवासी बहुल है। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। कई गांव ऐसे हैं, जहां प्राथमिक इलाज तक के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। मेडिकल कॉलेज बनने से इस स्थिति में बड़ा सुधार आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संस्थाएं आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक बदलाव का माध्यम बनती हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा की पहुंच बढ़ने से लोगों का जीवन स्तर सुधरता है और क्षेत्र का समग्र विकास होता है।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी है। यह दिखाता है कि सरकार दूरदराज और पिछड़े इलाकों को प्राथमिकता दे रही है। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि विकास का मतलब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि गांव और आदिवासी अंचल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में बैतूल को शिक्षा और स्वास्थ्य के नक्शे पर एक नए केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा।
भविष्य की तस्वीर
मेडिकल कॉलेज के निर्माण के साथ ही बैतूल के भविष्य की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा के नए अवसर और रोजगार की संभावनाएं मिलकर जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं। यह परियोजना आने वाले वर्षों में बैतूल की पहचान को पूरी तरह बदल सकती है।
