मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के लिए यह शनिवार किसी उत्सव से कम नहीं था। शहरवासियों की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी होती नज़र आई, जब केंद्रीय जनजातीय मंत्री दुर्गादास उईके और विधायक हेमंत खंडेलवाल ने 7 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 2.70 किलोमीटर लंबे टिकारी-गाड़ाघाट सड़क का भूमिपूजन किया। यह सड़क सीधे बैतूल रेलवे स्टेशन की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, जो शहर के भविष्य के विकास के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
रेलवे स्टेशन किसी भी शहर का प्रवेश द्वार होता है। यात्रियों, उद्योगों, कृषि, रोजगार—सबकी ज़रूरतें इसी कनेक्टिविटी पर टिकी होती हैं। बैतूल शहर का उत्तर-पश्चिमी इलाका लंबे समय से बेहतर सड़क की प्रतीक्षा कर रहा था। अब यह सड़क न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि शहर को नई पहचान भी दिलाएगी।

यात्रा होगी तेज़ और सुरक्षित—ट्रैफिक दबाव होगा कम
कारगिल चौक से पुरानी नेशनल हाईवे (Old NH) तक पहुंचना पहले एक चुनौती था। सड़क का जर्जर होना, अतिक्रमण, और बढ़ती भीड़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। नई सड़क के बाद:
- स्टेशन तक पहुंचने में लगने वाला समय घटेगा
- एम्बुलेंस, आपातकालीन वाहनों को राहत
- स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों का सफर सुगम
- स्थानीय व्यवसाय तेज़ी से फलेंगे-फूलेंगे
इसके साथ ही यह सड़क भविष्य की यातायात योजनाओं के लिए भी आधार बनेगी, जिससे बैतूल के तेजी से फैलते भूगोल का सही दिशा में विस्तार होगा।
मंत्री डीडी उईके का बयान—“बैतूल मॉडल नगर बन रहा है”
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके ने कहा—
“विधायक खंडेलवाल के प्रयासों ने बैतूल का विकास तेजी से बढ़ाया है। सड़क, उद्योग और जलसंसाधन से जुड़ी परियोजनाओं पर अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि जिले में इस समय सबसे अधिक डैम निर्माण कार्य चल रहे हैं, जो जल संग्रहण, कृषि और पर्यटन विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
विधायक खंडेलवाल की पहल—बजट 2 करोड़ से बढ़ाकर 7.90 करोड़
विधायक हेमंत खंडेलवाल ने अपनी बात रखते हुए कहा—
“यह सड़क वर्षों से खराब स्थिति में थी। व्यस्तता को देखते हुए इसका उन्नयन आवश्यक था। जनता के सहयोग से अतिक्रमण हटेगा और चौड़ी सड़क बनेगी।”
उन्होंने आगे कहा—
- एक करोड़ रुपये से शहर में चौपाटी निर्माण
- हर वार्ड में खेल मैदान और पार्क की योजना
- विकसित शहर की नई दिशा—जनता का सपनों का बैतूल
नागरिकों की प्रतिक्रिया—“अब बैतूल भी आगे बढ़ेगा”
लोगों के चेहरे पर उत्साह साफ देखा जा सकता था। स्थानीय निवासी बताते हैं—
- “रेलवे स्टेशन जाना मुश्किल था, अब राहत मिलेगी।”
- “पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।”
- “बैतूल में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सड़क विकास देखा है।”
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि माल की ढुलाई आसान होने से व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।
आगे की संभावनाएँ—उद्योगों को मिलेगा बड़ा लाभ
अच्छी सड़कें किसी भी उद्योग के लिए सबसे बड़ी जरूरत होती हैं।
इस मार्ग से:
✔ बैतूल में निवेश बढ़ेगा
✔ परिवहन तेज़ होगा
✔ नए रोजगार सृजित होंगे
विशेषज्ञ कहते हैं— “जहाँ कनेक्टिविटी बेहतर होती है, वहीं उद्योग और शहर तेजी से विकसित होते हैं।” यह सड़क बैतूल को क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
स्थानीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति से दिखा संगठनात्मक समन्वय
कार्यक्रम में:
- नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बारस्कर
- उपाध्यक्ष महेश राठौर
- भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार
- पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल
सहित सभी प्रमुख जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिससे यह संदेश गया कि विकास एक सामूहिक प्रयास है।
बदलाव की शुरुआत—शहरवासियों के जीवन में आएगी नई चमक
यह सड़क प्रोजेक्ट सिर्फ 2.70 किमी का निर्माण नहीं, बल्कि:
- विकास की राह
- रोजगार का आधार
- भविष्य का विस्तार
- शहर की प्रगति
का प्रतीक माना जा रहा है।
लोगों की उम्मीदें इसी बात से जुड़ी हैं कि आने वाले समय में बैतूल मध्यप्रदेश का एक उभरता हुआ स्मार्ट और मॉडल नगर बनकर सामने आएगा।
बैतूल का बदलता स्वरूप—जहाँ विकास की नई गाथा लिखी जा रही है
एक दशक पहले तक बैतूल को छोटा और पिछड़ा माना जाता था। आज, योजनाएँ कह रही हैं— “बैतूल अब सिर्फ नक्शे पर एक नाम नहीं, बल्कि विकास के मानचित्र पर उभरता सितारा है।” नई सड़क के साथ—
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- पर्यटन
- ट्रांसपोर्ट
- सामाजिक सुविधाएँ
सब दिशा में सुधार निश्चित माना जा रहा है। आखिरकार यह परियोजना किसका सपना पूरा करती है? यह सड़क हर उस व्यक्ति का सपना है जो—
- रोज स्टेशन पहुंचने की परेशानी झेलता था
- व्यवसाय के विस्तार का इंतजार कर रहा था
- अपने शहर को आधुनिक बनते देखना चाहता है
यह सपना अब धरातल पर उतर चुका है।
