बैतूल जिले में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और युवाओं की प्रतिभा को मंच देने वाला सांसद खेल महोत्सव इस बार यादगार बन गया। शहर के छत्रपति शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम में आयोजित समापन समारोह में न केवल खिलाड़ियों का सम्मान किया गया, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क की मिसाल भी देखने को मिली। इस महोत्सव में बैतूल की गर्ल्स और बॉयज बास्केटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया और पूरे जिले को गौरवान्वित किया।

यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं था, बल्कि यह युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, उन्हें खेलों के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने और ग्रामीण तथा शहरी प्रतिभाओं को एक समान मंच देने का प्रयास था।
छत्रपति शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम में भव्य समापन
गुरुवार को आयोजित समापन समारोह में खिलाड़ियों, कोच, खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या मौजूद रही। ऑडिटोरियम में उत्साह का माहौल था और हर चेहरे पर गर्व की झलक दिखाई दे रही थी। खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष को सम्मानित करने के लिए मंच को विशेष रूप से सजाया गया था।
समारोह के दौरान विजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान किए गए और खिलाड़ियों का तालियों की गूंज के बीच स्वागत किया गया। इस अवसर पर खेलों के महत्व और युवाओं के सर्वांगीण विकास में उनकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
बास्केटबॉल फाइनल में बैतूल टीम का शानदार प्रदर्शन
सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत आयोजित बास्केटबॉल प्रतियोगिता इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। फाइनल मुकाबले में बैतूल गर्ल्स और बैतूल बॉयज टीम ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। मैच के दौरान खिलाड़ियों की फुर्ती, रणनीति और आपसी तालमेल ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
गर्ल्स टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित खेल दिखाया और फाइनल में आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरी। वहीं बॉयज टीम ने तेज आक्रमण और मजबूत डिफेंस के दम पर मुकाबले को अपने पक्ष में किया। दोनों ही टीमों ने साबित कर दिया कि बैतूल में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
कोच और खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई
बास्केटबॉल टीम के कोच दीपक पवार ने बताया कि खिलाड़ियों ने लंबे समय तक अभ्यास किया और अनुशासन का पूरी तरह पालन किया। नियमित प्रशिक्षण, फिटनेस पर ध्यान और टीम भावना ने इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोच के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने न केवल तकनीकी कौशल सीखा, बल्कि मानसिक मजबूती भी विकसित की।
खिलाड़ियों ने भी अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच, परिवार और टीम के साथियों को दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और वे भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करना चाहते हैं।
सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य और महत्व
सांसद खेल महोत्सव का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित करना और उनकी छिपी प्रतिभा को सामने लाना है। इस तरह के आयोजन युवाओं को नशे और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
खेल महोत्सव के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम हैं। बैतूल जैसे जिलों में इस प्रकार के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच प्रदान करते हैं।
जिले में खेल संस्कृति को मिली नई ऊर्जा
इस जीत के बाद बैतूल जिले में खेल प्रेमियों और युवाओं में नया उत्साह देखने को मिला है। अभिभावकों ने भी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
इस आयोजन ने यह भी साबित किया कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो छोटे शहरों और जिलों से भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं उभर सकती हैं। हरिगीत प्रवाह की तरह यह जीत भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
भविष्य की तैयारी और सपने
बैतूल की विजेता टीमों ने अब भविष्य की प्रतियोगिताओं की तैयारी शुरू करने का संकल्प लिया है। खिलाड़ी और कोच मिलकर अपनी कमजोरियों पर काम करने और खेल कौशल को और निखारने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करना है।
सांसद खेल महोत्सव जैसे आयोजन यदि निरंतर होते रहें, तो निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में बैतूल खेलों के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बना सकता है।
