मध्य प्रदेश की राजधानी में रेलवे विभाग अब यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही भोपाल जंक्शन की कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन रानी कमलापति स्टेशन (RKMP) से किया जाएगा। इसमें राज्यरानी एक्सप्रेस, ग्वालियर इंटरसिटी, विंध्याचल एक्सप्रेस समेत कुल आठ महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल होंगी।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की बढ़ती संख्या, स्टेशन की आधुनिक सुविधाओं और भीड़ कम करने की रणनीति के तहत लिया जा रहा है। यदि यात्रियों की प्रतिक्रिया और संख्या संतोषजनक रही तो इन ट्रेनों का स्थायी संचालन भी आरकेएमपी स्टेशन से ही किया जाएगा।
रानी कमलापति स्टेशन: भारत का आधुनिकतम रेलवे स्टेशन
रानी कमलापति स्टेशन, जिसे पहले हबीबगंज स्टेशन के नाम से जाना जाता था, भारत के सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं, स्वच्छता, और अत्याधुनिक संरचना के कारण यह स्टेशन यात्रियों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
रेलवे मंत्रालय ने इसे “भारत का पहला विश्व-स्तरीय स्टेशन” घोषित किया है, जहां वाई-फाई, फूड कोर्ट, एस्केलेटर, एलिवेटर, वातानुकूलित वेटिंग लाउंज और ऑटोमेटिक टिकटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यही कारण है कि रेलवे अब यहां से अधिक ट्रेनों का संचालन करने की योजना बना रहा है।
कौन सी ट्रेनें होंगी शिफ्ट?
सूत्रों के अनुसार, जिन ट्रेनों को फिलहाल आरकेएमपी से चलाने की योजना बनाई जा रही है, उनमें शामिल हैं:
- भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस
- भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस
- भोपाल-रीवा विंध्याचल एक्सप्रेस
- भोपाल-जबलपुर जनशताब्दी एक्सप्रेस
- भोपाल-उज्जैन इंटरसिटी
- भोपाल-बीना मेमू
- भोपाल-कटनी पैसेंजर
- भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह एक “टेस्ट ऑपरेशन” होगा। यदि यात्रियों की प्रतिक्रिया और फुटफॉल सकारात्मक रहा, तो इन ट्रेनों का स्थायी संचालन आरकेएमपी से ही किया जाएगा।
भोपाल स्टेशन पर भीड़ कम करना उद्देश्य
भोपाल जंक्शन शहर के पुराने इलाके में स्थित है और यहां रोजाना हजारों यात्री आते-जाते हैं। स्टेशन के आसपास घनी आबादी और सीमित पार्किंग की वजह से भीड़ और ट्रैफिक की समस्या आम है।
रेलवे का मानना है कि आरकेएमपी स्टेशन पर संचालन से इन समस्याओं में काफी राहत मिलेगी। यहां बेहतर पार्किंग, चौड़े रास्ते और आधुनिक व्यवस्था होने से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
यात्रियों की प्रतिक्रिया क्या कहती है?
यात्रियों की राय इस फैसले को लेकर मिश्रित है। जो यात्री होशंगाबाद रोड या मिसरोद की दिशा में रहते हैं, उनके लिए यह बदलाव बहुत सुविधाजनक होगा। लेकिन पुराने शहर, कोहेफिजा, बैरागढ़ या लालघाटी के यात्रियों के लिए आरकेएमपी पहुंचना थोड़ा दूर पड़ेगा।
भोपाल निवासी और नियमित यात्री सलीम खान ने कहा,
“रानी कमलापति स्टेशन पर सफाई और व्यवस्था बहुत बेहतर है। ट्रेनें वहां से चलेंगी तो यात्रियों को आराम जरूर मिलेगा।”
वहीं राजेश मिश्रा, जो पुराना भोपाल क्षेत्र से यात्रा करते हैं, ने कहा,
“आरकेएमपी दूर है, वहां तक पहुंचने में टैक्सी या ऑटो पर ज्यादा खर्च होता है। अगर ट्रैफिक सुविधा सुधारी जाए तो यह अच्छा कदम हो सकता है।”
रेलवे प्रशासन की ओर से क्या कहा गया?
पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों को शिफ्ट करने से पहले यात्रियों की संख्या और प्लेटफॉर्म उपयोगिता का पूरा अध्ययन किया जाएगा। रेलवे प्रवक्ता ने कहा:
“हमारे पास आरकेएमपी स्टेशन पर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर है। यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए यह बदलाव जरूरी है।”
रेलवे ने बताया कि यह पहल “स्मार्ट रेलवे नेटवर्क” के विज़न का हिस्सा है। भविष्य में यहां से लंबी दूरी की और ट्रेनें जैसे पुणे, दिल्ली और लखनऊ जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का भी संचालन किया जा सकता है।
आरकेएमपी पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी
रेलवे ने बताया है कि आरकेएमपी स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर, नई बैठने की जगहें, और डिजिटल सूचना स्क्रीन लगाई जाएंगी। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एक हेल्प डेस्क और 24 घंटे सुरक्षा टीम भी तैनात की जाएगी।
स्टेशन पर पर्यावरण के अनुरूप व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। यह स्टेशन “ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफाइड” है और यहां सौर ऊर्जा से बिजली की आपूर्ति होती है।
भोपाल शहर के ट्रैफिक पर असर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय भोपाल के ट्रैफिक पर भी सकारात्मक असर डालेगा। शहर के पुराने क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जबकि होशंगाबाद रोड और एमपी नगर क्षेत्र का विकास और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
भोपाल ट्रैफिक पुलिस भी इस योजना के पक्ष में है। विभाग के अधिकारी का कहना है कि आरकेएमपी क्षेत्र में ट्रैफिक फ्लो बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकता है क्योंकि यहां चौड़ी सड़कें और पार्किंग स्पेस उपलब्ध हैं।
भविष्य में और ट्रेनें शिफ्ट होने की संभावना
यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो रेलवे प्रशासन धीरे-धीरे और ट्रेनों को आरकेएमपी से संचालित करने की योजना बना रहा है।
जैसे-जैसे भोपाल शहर का विस्तार हो रहा है, रेलवे भी शहर की जरूरतों के अनुरूप ढलना चाहता है।
भोपाल स्टेशन का पुनर्विकास प्रस्ताव
रेलवे ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में पुराने भोपाल स्टेशन का भी पुनर्विकास किया जाएगा। वहां यात्री सुविधाएं बढ़ाने, प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने, और एस्केलेटर लगाने की योजना है।
निष्कर्ष
रेलवे का यह कदम भोपाल शहर के लिए एक नए युग की शुरुआत माना जा सकता है।
रानी कमलापति स्टेशन का आधुनिक रूप न केवल राजधानी की पहचान को नया आयाम देगा बल्कि यात्रियों के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा।
ट्रेनों के संचालन में यह बदलाव आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश की रेल सेवाओं के विकास की दिशा तय करेगा।
यह कदम बताता है कि भारतीय रेलवे अब यात्रियों की सुविधा, स्वच्छता, और आधुनिक तकनीक पर जोर दे रहा है — ताकि यात्रा सिर्फ गंतव्य तक पहुंचने का माध्यम न होकर एक सुखद अनुभव बन सके।
