भोपाल में आपराधिक घटनाओं का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है, और इसका ताज़ा उदाहरण बीते रात सामने आया, जब बैरागढ़ कला स्थित महाकाल कॉलोनी में एक अज्ञात बदमाश ने दो कारों को आग के हवाले कर दिया। यह घटना सिर्फ संपत्ति को नुकसान पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के भीतर भय और असुरक्षा की भावना को जन्म दे चुकी है।
रात करीब 2:30 बजे की बात है। अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। कॉलोनी की शांति को अचानक तेज धमाके और जलती कारों की चटकती आवाजों ने भंग कर दिया। जब तक लोग बाहर निकलते, आग तेजी से फैल चुकी थी और आसपास अफरा-तफरी मच गई।

वारदात सीसीटीवी में कैद — योजना के साथ आया था आरोपी
महाकाल कॉलोनी के एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना का पूरा वीडियो रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में दिख रहा है कि:
- एक संदिग्ध युवक काले कपड़ों में है
- चेहरा छुपाए हुए है
- हाथ में कुछ तेज़ रासायनिक पदार्थ भरा बोतल जैसा सामान लिए हुए
- उसने कारों पर तरल छिड़का
- फिर माचिस लगाकर आग लगा दी
- और कुछ ही सेकंड में अंधेरे में गायब हो गया
यह साफ संकेत देता है कि आरोपी ने सटीक प्लानिंग और स्थान का पूरा अध्ययन करके घटना अंजाम दी।
चंद पलों में लपटों ने निगल ली दोनों कारें
एक चश्मदीद ने बताया:
“हमें लगा कोई पटाखा फटा होगा… लेकिन बाहर निकले तो लपटें बहुत तेज थीं। बच्चों की चीख सुनकर डर के मारे दिल दहल गया।”
सूचना मिलते ही आसपास के लोग बाल्टियों में पानी लेकर आग बुझाने में जुट गए। फिर कुछ देर में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
पुलिस की पड़ताल — आपसी विवाद या सोची-समझी साजिश?
पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शुरुआती शक दो दिशाओं में जा रहा है—
1️⃣ व्यक्तिगत रंजिश: कार मालिकों और किसी व्यक्ति के बीच पुराना झगड़ा
2️⃣ अपराधियों का गैंग: इलाके में दहशत पैदा करने की कोशिश
फुटेज की मदद से कुछ तकनीकी सबूत मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक टीम की मदद से जांचा जा रहा है। थाना टीआई ने बयान में कहा:
“यह कोई सामान्य घटना नहीं है। आग लगाने वाला पेशेवर अपराधी प्रतीत होता है। हम जल्द ही आरोपी को गिरफ्त मे लेंगे।”
क्या सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं?
हाल के महीनों में राजधानी के सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्रों में अपराध बढ़े हैं:
- वाहन चोरी
- स्टोन पेल्टिंग
- महिलाओं को परेशान करना
- अब आगजनी जैसे खतरनाक अपराध
इन घटनाओं ने सवाल उठा दिए हैं:
- क्या पुलिस की गश्त पर्याप्त है?
- क्या बाहरी तत्वों की आवाजाही पर नजर रखना मुश्किल हो गया है?
- कॉलोनियों में निजी सुरक्षा व्यवस्था क्यों कमजोर है?
नागरिकों का कहना है कि:
“हमें डर है कि आज कारों को जलाया गया है, कल घरों को न जला दिया जाए।”
कॉलोनी में दहशत का माहौल
घटना के बाद परिवार खासतौर पर बच्चे गहरे सदमे में हैं। किसी ने पहली बार इतनी नज़दीक से आग और खतरे का दृश्य देखा। लोगों ने एक बैठक कर निर्णय लिया कि:
- गली में नाइट पेट्रोलिंग टीम बनेगी
- सभी घरों में CCTV लगवाए जाएंगे
- बाहरी लोगों के प्रवेश पर निगरानी की जाएगी
यह कह देना आसान है कि जांच जारी है… लेकिन जिनके वाहन जलकर राख हो गए — उनके लिए यह सिर्फ एक केस नहीं, जिंदगी का बड़ा नुकसान है।
अपराध नियंत्रण पर बड़ा सवाल
राजधानी होने के बावजूद, अपराधियों के बढ़ते हौसले इस ओर इशारा करते हैं कि:
- पुलिस को अपनी रणनीति में बदलाव की जरूरत है
- तकनीकी-आधारित निगरानी बढ़ानी होगी
- मोहल्ला सुरक्षा समितियों को सक्रिय करना होगा
यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो यह प्रवृत्ति खतरनाक रूप ले सकती है।
कानूनी धाराएँ और संभावित सज़ा
पुलिस ने IPC की निम्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है:
| धारा | अपराध | संभावित सज़ा |
|---|---|---|
| 435 | संपत्ति को नुकसान पहुँचाने हेतु आगजनी | 7 साल तक कारावास |
| 427 | जानबूझकर नुकसान पहुँचाना | 2 साल तक |
| 506 | धमकाना | 7 साल तक |
जांच में आरोपी पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तगड़ी
घटना का फुटेज सोशल मीडिया में वायरल होते ही लोग गुस्से में कमेंट कर रहे हैं:
- “ऐसे अपराधियों को सज़ा तुंरत मिलनी चाहिए”
- “भोपाल अब सुरक्षित नहीं रहा”
- “हर गली में CCTV अनिवार्य हो”
लोगों ने सरकार से भी कानून व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
