दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन पिछले कई महीनों से उतार–चढ़ाव के दौर से गुजर रही थी, लेकिन नवंबर 2025 की शुरुआत ने क्रिप्टो मार्केट में हाहाकार मचा दिया। एक समय अक्टूबर में 1,26,000 डॉलर का ऐतिहासिक स्तर छूने वाली बिटकॉइन की कीमत देखते-देखते 90,000 डॉलर से भी नीचे फिसल गई। यह गिरावट सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि क्रिप्टो मार्केट की मनोदशा और वैश्विक आर्थिक माहौल को दर्शाने वाला बड़ा संकेत है।

मंगलवार सुबह एशियाई बाजार खुलते ही बिटकॉइन 2% तक गिर गई और 89,953 डॉलर के स्तर पर ट्रेड करती दिखाई दी, जो सात महीनों का निचला स्तर था। निवेशकों के बीच घबराहट फैल चुकी है, मार्केट विश्लेषक नई चेतावनियाँ जारी कर रहे हैं और छोटे निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है—यह गिरावट कहाँ जाकर रुकेगी?
तेजी से गिरावट: अक्टूबर के शिखर से अब तक की कहानी
अक्टूबर 2025 में बिटकॉइन में अचानक तेजी देखी गई थी। संस्थागत निवेशकों, क्रिप्टो फंड्स, टेक कंपनियों और ग्लोबल एक्सचेंजों की खरीदारी ने बिटकॉइन के भाव को आसमान तक पहुंचा दिया था। 1,26,000 डॉलर इसका सबसे ऊँचा स्तर माना गया। मार्केट में यह सामान्य धारणा बन गई थी कि बिटकॉइन 1,50,000 डॉलर तक जा सकती है।
लेकिन ठीक इसी तेजी के बाद शुरू हुआ एक लंबा गिरावट का दौर, जिसने न सिर्फ क्रिप्टो मार्केट बल्कि शेयर बाजार और टेक निवेशकों को भी गहरी चिंता में डाल दिया।
बड़ी गिरावट के मुख्य कारण (विस्तृत विवरण)
- अमेरिका में ब्याज दरों के फैसले को लेकर अनिश्चितता
अमेरिका की फेडरल रिज़र्व ब्याज दरों को कम नहीं कर रही है। इससे बड़े निवेशक क्रिप्टो जैसे जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर जा रहे हैं। यह कारण बिटकॉइन के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ। - शेयर बाजार की कमजोरी का सीधा असर
ग्लोबल स्टॉक मार्केट कमजोर हैं, जिससे जोखिमपूर्ण संपत्तियों (Risky Assets) में बिकवाली तेज हो गई है। - लिस्टेड क्रिप्टो कंपनियों की सिकुड़ती वैल्यूएशन
Coinbase, Riot Platforms, Mara Holdings जैसी कंपनियों के शेयर भी गिर रहे हैं, जिससे निवेशकों में डर बढ़ रहा है। - हाई लेवरेज की सफाई (Liquidation)
अक्टूबर में तेजी के दौरान कई निवेशकों ने भारी मात्रा में उधार लेकर खरीदारी की थी। अब जब मार्केट गिरा, तो यह उधारी साफ होने लगी और बिकवाली का सिलसिला तेज हो गया।
ईथर भी दबाव में: दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी की हालत भी खराब
अगर किसी को लगता है कि सिर्फ बिटकॉइन ही गिर रही है, तो यह गलतफहमी है।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum (ETH) की हालत भी डांवाडोल है। अगस्त में ETH 4,955 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई थी, लेकिन अब यह 40% गिरकर लगभग 2,997 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफा बुकिंग और पोजीशन क्लोज़ करने से ईथर में दबाव और बढ़ सकता है।
यह संकेत दे रहा है कि क्रिप्टो मार्केट फिलहाल एक व्यापक सुधार (Correction Phase) के दौर से गुजर रहा है, जिसका असर लंबे समय तक रह सकता है।
बिटकॉइन इस साल पहली बार नेगेटिव: निवेशकों के लिए बड़ी चेतावनी
Navbharat Times की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में पहली बार बिटकॉइन का Year-To-Date रिटर्न नकारात्मक हो गया है।
इसका सीधा मतलब है—
2025 में अब तक निवेश करने वाले ज्यादातर लोग घाटे में आ चुके हैं।
यह स्थिति बताती है कि बाजार में मौजूदा गिरावट सिर्फ एक सामान्य उतार–चढ़ाव नहीं, बल्कि लंबी अवधि की मंदी का संकेत भी हो सकती है।
विश्लेषण: बिटकॉइन कितनी और गिर सकती है?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक Astronaut Capital के Chief Investment Officer मैथ्यू डिब का कहना है:
“क्रिप्टो मार्केट की भावनाएं बेहद कमजोर हैं और यह अक्टूबर के लेवरेज लिक्विडेशन के बाद से और भी खराब हुई हैं। अगला मजबूत सपोर्ट लेवल 75,000 डॉलर पर है।”
इस बयान ने बाजार और निवेशकों में और हलचल मचा दी है क्योंकि इसका मतलब है कि:
- आने वाले दिनों में बिटकॉइन में और गिरावट आ सकती है
- बड़े निवेशकों के डरने से Altcoins पर भी भारी असर पड़ेगा
- मार्केट में भारी अस्थिरता जारी रहेगी
Altcoins पर खतरा: बड़ी क्रिप्टो गिरती है तो छोटी बिखर जाती हैं
इतिहास गवाह है कि जब भी बिटकॉइन 20–30% गिरती है, छोटी क्रिप्टोकरेंसी (Altcoins) बुरी तरह प्रभावित होती हैं—
कई टोकन्स तो 50–70% तक गिर जाते हैं।
पहले से ही कई Altcoins दबाव में हैं:
- Meme tokens
- Gaming tokens
- Metaverse tokens
- New blockchain start-ups
इन सभी में निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
क्रिप्टो कंपनियों पर भारी असर
नीचे दी गई प्रमुख कंपनियों की वैल्यू हाल के दिनों में काफी घट गई है:
- Coinbase
- Strategy
- Riot Platforms
- Mara Holdings
यह कंपनियां या तो एक्सचेंज चलाती हैं या माइनिंग से जुड़ी हैं।
इनका गिरना एक बड़ा संकेत है कि—
क्रिप्टो इंडस्ट्री इस समय संकट की चपेट में है।
बिटकॉइन की गिरावट से दुनिया पर क्या होगा असर?
बिटकॉइन सिर्फ एक डिजिटल कॉइन नहीं बल्कि अब एक वैश्विक वित्तीय संपत्ति बन चुका है।
इसके गिरने का असर इन पर पड़ता है:
- टेक इंडस्ट्री
- क्रिप्टो माइनिंग
- डिजिटल स्टार्टअप
- निवेश कंपनियाँ
- ग्लोबल मार्केट
अगर यह गिरावट लंबी हुई तो दुनिया भर के वित्तीय मार्केट में उथल-पुथल मच सकती है।
क्या यह खरीदने का समय है या बचने का?
यह निवेशकों का सबसे बड़ा सवाल है।
विशेषज्ञों के अनुसार—
- यह मार्केट अस्थिर है
- अभी नीचे गिरने की संभावना ज्यादा है
- जल्दबाजी में निवेश जोखिम भरा हो सकता है
लेकिन लंबी अवधि के निवेशक इसे Opportunity Zone के रूप में भी देख सकते हैं।
हालांकि, जोखिम को पहचानकर ही कदम उठाना चाहिए।
