छिंदवाड़ा जिले की कुंडीपुरा पुलिस ने हाल ही में एक बड़े वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बालाघाट और छिंदवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय था। यह गिरोह वाहन चोरी करके उन्हें बेचने के बजाय गिरवी रखता था। गिरोह में जीजा-साला रिश्तेदार मिलकर गिरोह का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने कुल चार आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके कब्जे से 20 चोरी किए गए वाहन बरामद किए।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि शहर में लगातार वाहन चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर पुलिस ने 26 नवंबर 2025 को कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में संतोष नायडू खरपूसे, प्रमोद पुरी, गगन नेवारे और सुधांशु राकेश भूषण शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने छिंदवाड़ा और बालाघाट के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 20 बाइक चोरी की थीं।
गिरोह का संचालन और modus operandi
संतोष खरपूसे और प्रमोद पुरी जीजा-साला हैं और वे पहले भी वाहन चोरी में शामिल रहे हैं। चोरी के पश्चात ये आरोपियों ने कई वाहनों के चेसिस और इंजन नंबर को घिसकर पहचान छुपाई, जिससे पुलिस को वाहन मालिकों तक पहुंचने में कठिनाई होती थी। गगन नेवारे ने सोशल मीडिया पर चोरी की गई बाइक के वीडियो और फोटो अपलोड किए, जिससे गिरोह की ऑनलाइन उपस्थिति भी सामने आई।
वाहन चोरी के बाद आरोपी उन्हें सुक्लूढाना में खंडहर जैसे कमरों में छिपाकर रखते थे। छिंदवाड़ा से चोरी किए गए वाहन बालाघाट और बालाघाट से चोरी किए गए वाहन छिंदवाड़ा में गिरवी रखे जाते थे। यह गिरोह अपने संचालन में काफी संगठित था और लंबे समय से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और सहयोग
गिरोह को पकड़ने में कुंडीपुरा थाना प्रभारी एसआई महेंद्र भगत, एसआई अरविंद बघेल, एएसआई मनोज रघुवंशी, मानसिंह बघेल, प्रधान आरक्षक विनोद राजपूत, सुभाष बिसेन, आरक्षक जीवन रघुवंशी, दीपेश श्रीवास्तव, युवराज बिसेन सहित साइबर सेल के प्रधान आरक्षक नितिन सिंह और आरक्षक आदित्य रघुवंशी ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल और अन्य उपकरण जब्त कर सभी डिजिटल सबूत सुरक्षित किए।
गिरोह के प्रभाव और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोग इस गिरोह की सक्रियता से काफी परेशान थे। चोरी की बढ़ती घटनाओं के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बनी हुई थी। पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली। यह मामला स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था के महत्व को भी उजागर करता है।
निष्कर्ष
कुंडीपुरा पुलिस द्वारा इस सक्रिय बाइक चोरी गिरोह का भंडाफोड़ यह दर्शाता है कि स्थानीय पुलिस लगातार अपराध रोकने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में तत्पर है। गिरोह का पकड़ना न केवल चोरी की घटनाओं को रोकने में मदद करेगा बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षा की भावना भी प्रदान करेगा। इस मामले में जीजा-साला रिश्ते के माध्यम से अपराध को संगठित रूप से अंजाम देने वाले गिरोह की गंभीरता स्पष्ट हुई।
