मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक सनसनीखेज और गंभीर आपराधिक घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। शहर के एक ढाबे के पास विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस थे और उन्होंने बेहद बेरहमी से हमला कर पीड़ित को गंभीर रूप से घायल कर दिया। हालत नाजुक होने पर घायल को प्राथमिक उपचार के बाद नागपुर रेफर किया गया है। यह पूरी वारदात ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया।

घटना छिंदवाड़ा शहर के उस इलाके में हुई, जहां देर शाम आमतौर पर हलचल कम हो जाती है। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन संबंधित ढाबा बंद हो चुका था, इसके बावजूद कुछ युवक एक काले रंग की लग्जरी कार से वहां पहुंचे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ढाबे के पास किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। चश्मदीदों का कहना है कि विवाद अचानक भड़का और हमलावरों ने बिना ज्यादा देर किए हथियार निकालकर हमला शुरू कर दिया।
पीड़ित, जो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख बताए जा रहे हैं, हमले के दौरान खुद को बचाने की कोशिश करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले उन्हें लाठी-डंडों से पीटा गया, फिर धारदार हथियारों से वार किए गए। जब वह जान बचाने के लिए भागने लगे, तो हमलावरों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया और दोबारा बेरहमी से हमला किया। इस दौरान लात-घूंसे भी मारे गए, जिससे वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावरों की संख्या और उनके पास मौजूद हथियारों के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आ सका। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद उसी काली कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। पूरी घटना महज एक मिनट के आसपास चली, लेकिन इसके असर ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
घायल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताई और बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि उनके शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे घाव हैं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। वहीं इस घटना में एक अन्य युवक के चेहरे पर भी गंभीर चोटें आई हैं, जिसका इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है।
जानकारी के अनुसार, जिस ढाबे के पास यह घटना हुई, उसका संचालन स्वयं पीड़ित और उनके भाई द्वारा किया जाता है। ढाबा आमतौर पर स्थानीय लोगों और राहगीरों के बीच जाना-पहचाना है। घटना के समय ढाबा बंद होने के बावजूद वहां विवाद कैसे शुरू हुआ, यह जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या यह हमला किसी पुरानी रंजिश का नतीजा था या फिर मौके पर हुआ विवाद अचानक हिंसा में बदल गया।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की जांच को अहम सुराग मिले हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि काली कार से उतरे युवक किस तरह अचानक हमला करते हैं और कुछ ही पलों में वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान शुरू कर दी है और वाहन की पहचान भी कर ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है। देहात थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव फैलने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।
इस हमले के बाद शहर में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एक सार्वजनिक स्थान के पास इस तरह से हथियारों के साथ हमला किया जा सकता है, तो आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं। घटना ने व्यापारियों और ढाबा संचालकों में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है। कई लोगों का कहना है कि रात के समय सुरक्षा व्यवस्था और गश्त को और मजबूत करने की जरूरत है।
इस मामले का एक संवेदनशील पहलू यह भी है कि पीड़ित सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में घटना के बाद विभिन्न वर्गों में आक्रोश देखा जा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामले को किसी भी तरह से राजनीतिक या सांप्रदायिक रंग नहीं लेने दिया जाएगा और इसे एक आपराधिक घटना के रूप में ही देखा जा रहा है। जांच का फोकस केवल यह पता लगाने पर है कि हमला क्यों किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस अब हमले के कारणों की गहराई से जांच कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या हमलावर पहले से पीड़ित को जानते थे या फिर विवाद अचानक हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि छोटे-छोटे विवाद कैसे कुछ ही पलों में हिंसक और जानलेवा रूप ले लेते हैं। समाज में बढ़ती असहिष्णुता, गुस्सा और हथियारों तक आसान पहुंच जैसी समस्याओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि कानून का सख्ती से पालन और त्वरित कार्रवाई ही ऐसे मामलों पर लगाम लगा सकती है।
फिलहाल पीड़ित का इलाज नागपुर में चल रहा है और परिजन उनकी हालत को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय लोग जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। वहीं पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। छिंदवाड़ा की इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है और आने वाले दिनों में जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
