अमेरिका में एक चीनी अरबपति जू बो ने सरोगेसी और आधुनिक प्रजनन तकनीकों के जरिए 100 से अधिक बच्चों का पिता बनने का दावा किया है। यह दावा न केवल अकल्पनीय है, बल्कि इसे लेकर अमेरिका की अदालतों में भी गंभीर कानूनी विवाद उत्पन्न हुआ है। जू बो का यह अनोखा रिकॉर्ड वाकई में विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

जू बो 48 वर्षीय व्यवसायी हैं और वे ऑनलाइन गेमिंग कंपनी डुओई के संस्थापक भी हैं। वे स्वयं को “चाइना का पहला पिता” कहते हैं। उनका उद्देश्य कम से कम 50 उच्च-गुण वाले बच्चों का पिता बनने का है। उन्होंने अपनी निजी ज़िंदगी और व्यवसायिक सफलता को मिलाकर ऐसा रिकॉर्ड बनाने का निर्णय लिया।
सरोगेसी और अमेरिका में विवाद
जू बो ने अमेरिकी सरोगेसी एजेंसियों के माध्यम से यह रिकॉर्ड स्थापित किया। अमेरिका में सरोगेसी कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है, लेकिन इसे लेकर कई राज्यों में अलग-अलग नियम लागू होते हैं। जू बो की याचिकाओं का सामना कैलिफ़ोर्निया कोर्ट ने किया। कोर्ट ने उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिससे अजन्मे बच्चों को कानूनी तौर पर माता-पिता की पहचान नहीं मिली।
इस फैसले का प्रभाव केवल जू बो और उनके परिवार तक सीमित नहीं है। यह मामला अमेरिका में सरोगेसी और बच्चों के कानूनी अधिकारों के विवाद पर भी नई बहस को जन्म देता है। जू बो ने इस प्रक्रिया के दौरान एक अलग दृष्टिकोण अपनाया, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया।
पूर्व गर्लफ्रेंड के आरोप
जू बो की पूर्व गर्लफ्रेंड, टैंग जिंग ने नवंबर में दावा किया कि जू बो ने 300 से अधिक बच्चों का पिता बनने का दावा किया है। टैंग ने कहा कि उन्होंने इन बच्चों में से 11 को कई सालों तक पाला। उनका यह भी कहना था कि जू बो के दावे शायद कम बताए गए हों, लेकिन उन्होंने संख्या बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताई। टैंग के आरोपों ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया।
जू बो और टैंग फिलहाल दो बेटियों की कस्टडी को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। जू बो का दावा है कि उनकी पूर्व पार्टनर पर उनके लाखों डॉलर का खर्च बकाया है। इस कानूनी संघर्ष ने मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर काफी ध्यान आकर्षित किया।
जू बो का निजी जीवन और सार्वजनिक छवि
जू बो का निजी जीवन और उनके कार्यक्षेत्र की कहानी बेहद रोचक है। 2022 में जू से जुड़े एक अकाउंट द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक बड़े घर के अंदर दर्जनों छोटे लड़के दिखाई दिए। बच्चे फ़िल्म बनाने वाले व्यक्ति की ओर दौड़ते हैं और चीनी भाषा में “डैडी!” चिल्लाते हैं। यह वीडियो उनकी विवादास्पद और असामान्य निजी ज़िंदगी को उजागर करता है।
जू बो ने अदालत को बताया कि कई बच्चे कैलिफोर्निया के इरविन में एक घर में रहते हैं, और उनकी देखभाल नैनी करती हैं। जू बो ने यह भी कहा कि वह काम की वजह से उनसे अभी तक नहीं मिले हैं, लेकिन भविष्य में उन्हें चीन लाने की योजना बना रहे हैं।
अमेरिका के कोर्ट का फैसला
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की गर्मियों में कैलिफ़ोर्निया के एक जज ने जू द्वारा दायर याचिकाओं की समीक्षा की। जू बो ने 4 अजन्मे बच्चों और कम से कम 8 अन्य बच्चों के लिए माता-पिता के अधिकार मांगे थे। जज ने उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिससे बच्चों को कानूनी तौर पर माता-पिता की पहचान नहीं मिली।
इस फैसले ने सरोगेसी और बच्चों के कानूनी अधिकारों के मुद्दे पर बहस को नया आयाम दिया। यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक और कानूनी ढांचे के बीच टकराव को भी दिखाता है।
जू बो की प्रेरणा और विवाद
जू बो का लक्ष्य बच्चों के लिए उच्च गुणात्मक मानदंड स्थापित करना था। उन्होंने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ बड़ा करने की योजना बनाई। इसके बावजूद उनके निजी और कानूनी विवाद ने इस प्रयास को वैश्विक रूप से विवादास्पद बना दिया।
इस विवाद ने दुनिया भर में सरोगेसी, प्रजनन तकनीक और कानूनी जटिलताओं पर चर्चा को बढ़ावा दिया। कई विशेषज्ञों का मानना है कि जू बो का मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो आधुनिक तकनीक का उपयोग व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए करते हैं, लेकिन कानूनी और नैतिक पहलुओं को अनदेखा कर देते हैं।
भविष्य की योजनाएं
जू बो ने यह भी कहा है कि वह अपने बच्चों को चीन लाना चाहते हैं और उन्हें परिवार के रूप में एकजुट करना चाहते हैं। उनकी यह योजना कानूनी बाधाओं और समाजिक विवादों के बावजूद जारी रहेगी। जू बो का निजी जीवन और उनके फैसले, वैश्विक स्तर पर सरोगेसी और बच्चों के अधिकारों पर बहस के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
