देश में सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर ऐसी छलांग लगाई है, जिसने आम से लेकर विशेष वर्ग तक सभी को हैरान कर दिया है। लंबे समय से कीमतें लगातार बढ़ते हुए स्तर पर पहुंच रही थीं, लेकिन दिसंबर महीने के शुरुआती दिनों में जिस तरह की तेजी दर्ज की गई है, उसने बाजार की हलचल और भी बढ़ा दी है। आमतौर पर त्योहारों और शादी के मौसम में भावों में हलचल देखी जाती है, लेकिन इस बार इसका स्तर पूरी तरह से अलग दिखाई दे रहा है।

आज विभिन्न प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का दाम 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर चला गया, जो घरेलू बाजार में ऐतिहासिक स्तर माना जा रहा है। वहीं चांदी की कीमतें भी 1,90,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा पहुंची हैं। यह दाम सामान्य परिवारों के बजट के लिए निश्चित ही चिंता का कारण है, क्योंकि यह सीधा असर उपभोक्ताओं की क्रय क्षमता पर डाल रहा है।
राजधानी से छोटे शहरों तक तेज उछाल
देश के कई बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने का दाम 1,30,700 रुपये के करीब पहुंच चुका है। दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, मेरठ, अहमदाबाद और लुधियाना जैसे शहरों में कीमतें लगभग एक समान बनी हुई हैं। वहीं मुंबई, कोलकाता और पुणे में यह कीमत कुछ रुपये कम रही, लेकिन कुल मिलाकर बाजार एक समान स्तर पर बना हुआ है।
विवाह सीजन होने के कारण उपभोक्ता और व्यापारी दोनों असमंजस में हैं। एक तरफ ग्राहकों को लग रहा है कि आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग सोच रहे हैं कि फिलहाल प्रतीक्षा करना बेहतर होगा।
चांदी के दाम: नया रिकॉर्ड बनने की ओर
चांदी ने जिस तरह भाव बढ़ाए हैं, वह और भी ज्यादा चौंकाने वाला है। देश में कई महीनों से चांदी की कीमतों में तीव्र उछाल दिखाई दे रहा था, लेकिन अब यह बढ़त रिकॉर्ड स्तर के पास पहुंच चुकी है।
चांदी के दाम बढ़ने के पीछे कई वैश्विक आर्थिक कारण भी जिम्मेदार हैं। निवेशक बाजार में असंतुलन महसूस होने पर सोने के विकल्प के रूप में चांदी की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि इन दिनों चांदी की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
दुनिया में क्या हो रहा है
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना डॉलर प्रति औंस में लगभग एक प्रतिशत तक ऊपर चला गया। वहीं चांदी भी विदेशी बाजारों में ऊपर की ओर चढ़ी है। जब विदेशी बाजारों में तेजी आती है, तो इसका सीधा प्रभाव भारतीय दरों पर भी पड़ता है।
भारत में सोना बहुत बड़ी मात्रा में आयात होता है, और जब आयात लागत बढ़ती है तो बाजार में कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है।
इस समय डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा लगभग 90 रुपये तक जा पहुंची है। रुपये की कमजोरी ने सोने के आयात को महंगा बना दिया है। यही वजह है कि व्यापारी खरीद लागत को खुद तक नहीं रख सकते, बल्कि यह भार सीधे बाजार के जरिए आम ग्राहकों तक पहुंचता है।
कब कम होंगे दाम? विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और डॉलर कमजोर होता है, तब सोने चांदी की कीमतों में गिरावट की संभावना रहेगी।
कुछ वित्तीय सलाहकार यह मानते हैं कि यह कीमतें आने वाले दो महीनों में कुछ सुधार के संकेत दिखा सकती हैं। हालांकि, जो लोग निवेश हेतु सोना खरीदना चाह रहे हैं, वे इस समय भी खरीदारी को सही मान सकते हैं, क्योंकि लंबे समय के हिसाब से सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है।
कैसे पता करें अपने शहर का ताजा रेट
अलग-अलग शहरों में सोने का रिटेल रेट प्रतिदिन बदलता है। इसकी जानकारी विभिन्न डिजिटल माध्यमों से प्राप्त की जा सकती है। कई प्लेटफॉर्म ऐसे हैं जहां रेट तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं।
सेवा प्रदाता कंपनियां मिस्ड कॉल के जरिए भी जानकारी उपलब्ध करा रही हैं। कुछ ही सेकंड में मैसेज के माध्यम से कीमतों की अपडेट पहुंच जाती है।
उपभोक्ता इस सुविधा का उपयोग कर तत्काल रेट और बदलाव जान सकते हैं।
