भारत की एयरोस्पेस इंडस्ट्री में हलचल मची हुई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने हाल ही में यह स्पष्ट किया है कि देश का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट, जो पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान के रूप में जाना जा रहा है, में उनका योगदान भविष्य में निर्णायक रूप से शामिल होगा। पिछले कुछ दिनों में मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि HAL को इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के प्रोटोटाइप स्टेज से बाहर रखा गया है। HAL के CMD डीके सुनील ने इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि कंपनी सीधे प्रोडक्शन स्टेज में भाग लेने की योजना बना रही है।

HAL का मास्टर प्लान
डीके सुनील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि HAL अभी भी AMCA प्रोजेक्ट का हिस्सा है और कंपनी भविष्य में इसके उत्पादन ऑर्डर के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि प्रारंभिक प्रोटोटाइप निर्माण में HAL को शामिल न किया जाना यह नहीं दर्शाता कि कंपनी प्रोजेक्ट से बाहर हो गई है। HAL अगले दशक में इस प्रोजेक्ट में पूर्ण योगदान देने की योजना बना रही है।
AMCA प्रोजेक्ट को लेकर HAL ने रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाया है। कंपनी वर्तमान में उन प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिनमें वह पहले से ही संलग्न है, जैसे तेजस LCA Mk1A, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर, ट्रेनर और सिविलियन हेलीकॉप्टर। इस दौरान, AMCA के लिए HAL अगले दशक में उत्पादन ऑर्डर की तैयारी कर रही है। CMD डीके सुनील ने कहा कि AMCA प्रोटोटाइप स्टेज में पांच विमान तैयार किए जाने हैं और HAL सुनिश्चित करेगा कि जब बड़े ऑर्डर आएंगे, तब वह सक्रिय रूप से भाग लेगा।
AMCA प्रोजेक्ट की महत्वाकांक्षा
AMCA भारत का पहला स्टील्थ और पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा। इस विमान की डिजाइन और तकनीकी क्षमता भारतीय वायु सेना (IAF) की ताकत को कई गुना बढ़ा देगी। स्टील्थ तकनीक, उच्च गति और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के साथ, यह विमान भविष्य के हवाई युद्ध में भारत की रणनीतिक श्रेष्ठता सुनिश्चित करेगा। AMCA प्रोजेक्ट में कई सालों की शोध और विकास प्रक्रिया शामिल है, जो इसे दुनिया के अग्रणी लड़ाकू विमानों की श्रेणी में लाने के लिए तैयार कर रही है।
HAL का वर्तमान फोकस: तेजस LCA Mk1A और Mk2
हालांकि AMCA भविष्य में HAL की प्रमुख प्राथमिकता होगी, कंपनी वर्तमान में तेजस LCA Mk1A पर पूरी तरह से केंद्रित है। वर्तमान में पांच फाइटर जेट पूरी तरह तैयार हैं और भारतीय वायु सेना में शामिल होने के लिए बातचीत चल रही है। मार्च 2026 तक इनकी सप्लाई की अगली डेडलाइन है। इसके अलावा नौ और फाइटर जेट भी तैयार हो चुके हैं और उन्हें उड़ाकर परीक्षण किया जा चुका है।
HAL को उम्मीद है कि Tejas LCA Mk2 का उत्पादन ऑर्डर 2030-31 तक मिल सकता है। यह विमान 4.5वीं पीढ़ी का होगा और Mk1A का एडवांस वर्जन माना जाएगा। यह HAL के लिए रणनीतिक महत्व रखता है क्योंकि इससे कंपनी का अनुभव और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और AMCA के उत्पादन के लिए तैयारी भी मजबूत होगी।
AMCA प्रोजेक्ट में HAL की भूमिका
AMCA के प्रोटोटाइप निर्माण में HAL शामिल न हो, इसका मतलब यह नहीं कि कंपनी प्रोजेक्ट से बाहर है। डीके सुनील ने स्पष्ट किया कि जब बड़े उत्पादन ऑर्डर आएंगे, HAL प्रमुख बोलीदाता होगी। इसका मतलब है कि HAL भविष्य के दशक में AMCA के निर्माण में निर्णायक योगदान देगी। यह कदम HAL की रणनीति को दर्शाता है कि कंपनी स्वदेशी स्टील्थ तकनीक में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
भारतीय वायु सेना के लिए महत्व
AMCA भारतीय वायु सेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। पांचवीं पीढ़ी के इस स्टील्थ विमान के आने से IAF की एयर डोमिनेंस और हवाई क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होगी। यह विमान भारतीय तकनीक और रक्षा उद्योग की श्रेष्ठता का प्रतीक भी होगा। HAL की भूमिका इस प्रोजेक्ट में केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विमान के डिज़ाइन और तकनीकी परामर्श में भी HAL का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।
भविष्य की तैयारी और रणनीति
HAL ने AMCA के लिए दस साल की रणनीति तैयार की है। कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि प्रोटोटाइप स्टेज में शामिल न होने के बावजूद, बड़े ऑर्डर आने पर HAL मुख्य भूमिका निभाए। इस योजना के तहत कंपनी वर्तमान प्रोजेक्ट्स पर फोकस बनाए रखेगी, जिससे उत्पादन क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता बढ़े। तेजस LCA Mk1A और Mk2 के ऑर्डर और सप्लाई को सुनिश्चित करना HAL के मास्टर प्लान का अहम हिस्सा है।
