बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी में शामिल हेरा फेरी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह किसी अभिनेता की एंट्री या एग्जिट नहीं, बल्कि फिल्म के अधिकारों को लेकर उठा गंभीर कानूनी विवाद है। अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी स्टारर हेरा फेरी 3 को लेकर लंबे समय से दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई थी, लेकिन अब यह फिल्म एक नए और जटिल संकट में फंस गई है। साउथ के एक प्रोडक्शन हाउस ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए दावा किया है कि हेरा फेरी 3 के अधिकार उनके पास हैं, न कि फिरोज नाडियाडवाला के पास, जिनके नाम पर अब तक इस फ्रेंचाइजी को जोड़ा जाता रहा है।

यह विवाद केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रीमेक अधिकार, सीक्वल और प्रीक्वल बनाने की वैधता, किरदारों के इस्तेमाल और वर्षों पुराने समझौतों की व्याख्या जैसे कई अहम सवाल शामिल हैं। इस पूरे मामले ने न सिर्फ हेरा फेरी 3 के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है, बल्कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में कॉपीराइट और रीमेक अधिकारों को लेकर चल रही बहस को भी फिर से तेज कर दिया है।
किसने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
इस कानूनी लड़ाई की शुरुआत सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल नाम के प्रोडक्शन हाउस द्वारा की गई है। कंपनी का दावा है कि हेरा फेरी फ्रेंचाइजी के अधिकार उनके पास हैं और फिरोज नाडियाडवाला के पास तीसरा पार्ट बनाने का कोई वैध अधिकार नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है।
सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल का कहना है कि यह मामला केवल भविष्य की फिल्म का नहीं, बल्कि अतीत में हुए कथित उल्लंघन से भी जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, जिस आधार पर हेरा फेरी और फिर हेरा फेरी बनाई गईं, उसी आधार पर अब तीसरे पार्ट को भी चुनौती दी जा रही है।
मलयालम फिल्म से शुरू हुई कहानी
इस पूरे विवाद की जड़ 1989 में आई एक मलयालम फिल्म रामजी राव स्पीकिंग से जुड़ी हुई है। यह फिल्म अपने समय में बेहद लोकप्रिय रही थी और इसकी कहानी को बाद में हिंदी सिनेमा में हेरा फेरी के रूप में पेश किया गया। वर्ष 2000 में रिलीज हुई हेरा फेरी का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था और यह फिल्म दर्शकों के बीच जबरदस्त हिट साबित हुई।
सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल का दावा है कि फिरोज नाडियाडवाला को मूल मलयालम फिल्म के निर्माताओं की ओर से केवल एक हिंदी रीमेक बनाने की अनुमति दी गई थी। यानी वह सिर्फ एक फिल्म बना सकते थे, न कि उसके आगे सीक्वल या पूरी फ्रेंचाइजी विकसित कर सकते थे।
पहले पार्ट से लेकर सीक्वल तक उठा सवाल
हेरा फेरी की सफलता के बाद 2006 में फिर हेरा फेरी रिलीज हुई, जिसका निर्देशन नीरज वोरा ने किया था। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसके साथ ही यह फ्रेंचाइजी हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा कॉमेडी सीरीज में शामिल हो गई।
हालांकि, अब सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल का कहना है कि फिरोज नाडियाडवाला को दूसरा पार्ट बनाने का भी अधिकार नहीं था। उनके अनुसार, नाडियाडवाला ने बिना वैध अनुमति के न केवल सीक्वल बनाया, बल्कि फ्रेंचाइजी के किरदारों का भी इस्तेमाल किया, जो मूल अधिकारों का उल्लंघन है।
2022 में खरीदे गए फ्रेंचाइजी अधिकार
सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल के मैनेजिंग डायरेक्टर जीपी विजयकुमार ने बताया है कि उन्होंने 2022 में रामजी राव स्पीकिंग के मूल निर्माता आदित्य फिल्म्स से हेरा फेरी फ्रेंचाइजी के सभी अधिकार खरीद लिए थे। उनका कहना है कि जब उन्होंने यह सौदा किया, तब उन्हें यह जानकारी दी गई थी कि फिरोज नाडियाडवाला को केवल एक हिंदी फिल्म बनाने का अधिकार दिया गया था।
विजयकुमार के अनुसार, नाडियाडवाला न तो सीक्वल बनाने के लिए अधिकृत थे और न ही प्रीक्वल या तीसरे पार्ट के लिए। इसके बावजूद उन्होंने न केवल दूसरा पार्ट बनाया, बल्कि तीसरे पार्ट के अधिकार भी आगे बेच दिए।
तीसरे पार्ट के अधिकार बेचने पर आपत्ति
विवाद तब और गहरा गया जब सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल को यह पता चला कि फिरोज नाडियाडवाला ने हेरा फेरी 3 के अधिकार अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस केप ऑफ गुड फिल्म्स को बेच दिए हैं। विजयकुमार का कहना है कि यह सौदा पूरी तरह अवैध है, क्योंकि नाडियाडवाला के पास ये अधिकार थे ही नहीं।
उनके मुताबिक, जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली, तो उन्होंने पहले अक्षय कुमार से संपर्क किया। बातचीत के दौरान यह साफ हुआ कि अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ने नाडियाडवाला से ही फिल्म के अधिकार खरीदे थे। इसके बाद सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल ने नाडियाडवाला को लीगल नोटिस भेजा और जवाब न मिलने पर कोर्ट जाने का फैसला किया।
अदालत जाने की मजबूरी
विजयकुमार ने कहा कि उनके पास अदालत जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। उनका दावा है कि नाडियाडवाला ने अधिकारों का उल्लंघन किया और उन्हें धोखे में रखा। उन्होंने यह भी बताया कि पहले इस मुद्दे पर ध्यान इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि पहली फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था, जो उनके करीबी हैं, और दूसरी फिल्म नीरज वोरा ने बनाई थी।
उनके अनुसार, उस समय कॉपीराइट होल्डर्स को भी यह पूरी तरह समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। बाद में जब पूरे मामले की परतें खुलीं, तब यह एहसास हुआ कि अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस का पक्ष
इस पूरे विवाद में अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस का भी नाम सामने आया है। उनके प्रवक्ता का कहना है कि उन्होंने हेरा फेरी 3 के अधिकार फिरोज नाडियाडवाला से कानूनी रूप से खरीदे थे। यानी उनके मुताबिक, उन्होंने किसी तरह की अनियमितता नहीं की है।
इस बयान से साफ है कि विवाद का केंद्र नाडियाडवाला और सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल के बीच है, लेकिन इसका असर हेरा फेरी 3 से जुड़े सभी लोगों पर पड़ सकता है।
प्रियदर्शन और नाडियाडवाला की प्रतिक्रिया
जब इस मामले में प्रियदर्शन से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस विवाद की कोई जानकारी नहीं है। वहीं, फिरोज नाडियाडवाला की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उनकी चुप्पी ने इस मामले को और रहस्यमय बना दिया है और अटकलों का बाजार गर्म हो गया है कि आगे चलकर यह विवाद किस दिशा में जाएगा।
हेरा फेरी फ्रेंचाइजी की बॉक्स ऑफिस कहानी
हेरा फेरी 31 मार्च 2000 को रिलीज हुई थी और लगभग 7.50 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी। फिल्म ने भारत में 12.35 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया और दुनियाभर में इसकी कमाई 21.42 करोड़ रुपये तक पहुंची। यह फिल्म न सिर्फ व्यावसायिक रूप से सफल रही, बल्कि बाद में कल्ट क्लासिक का दर्जा भी हासिल कर गई।
इसके बाद 9 जून 2006 को फिर हेरा फेरी रिलीज हुई। इसका बजट करीब 18 करोड़ रुपये था और इसने भारत में 40.82 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। वर्ल्डवाइड स्तर पर फिल्म ने 69.13 करोड़ रुपये का बिजनेस किया। यह फिल्म भी हिट साबित हुई और फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता को और मजबूत कर गई।
हेरा फेरी 3 का भविष्य अधर में
इन दोनों फिल्मों की सफलता के बाद हेरा फेरी 3 को लेकर दर्शकों की उम्मीदें काफी ऊंची हैं। हालांकि, बार-बार सामने आ रहे विवादों ने इस फिल्म के भविष्य को अधर में डाल दिया है। पहले कास्ट से जुड़े उतार-चढ़ाव और अब अधिकारों को लेकर कानूनी लड़ाई ने यह साफ कर दिया है कि हेरा फेरी 3 का रास्ता आसान नहीं है।
अगर अदालत में सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल का दावा मजबूत साबित होता है, तो हेरा फेरी 3 पर रोक लग सकती है या इसके अधिकारों को लेकर नए सिरे से समझौते करने पड़ सकते हैं।
कॉपीराइट विवाद और फिल्म इंडस्ट्री
यह मामला केवल एक फ्रेंचाइजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में रीमेक और सीक्वल अधिकारों की जटिलता को भी उजागर करता है। वर्षों पुराने समझौते, मौखिक सहमति और सीमित अधिकारों की अस्पष्टता अक्सर ऐसे विवादों को जन्म देती है।
हेरा फेरी 3 का यह मामला आने वाले समय में एक मिसाल बन सकता है, जिससे प्रोड्यूसर्स और फिल्ममेकर्स को यह सीख मिलेगी कि अधिकारों से जुड़े हर पहलू को साफ और लिखित रूप में तय करना कितना जरूरी है।
निष्कर्ष: हंसी के पीछे छुपी कानूनी लड़ाई
हेरा फेरी जैसी कॉमेडी फ्रेंचाइजी, जिसने दर्शकों को सालों तक हंसाया, आज खुद एक गंभीर कानूनी लड़ाई का सामना कर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और इसका असर हेरा फेरी 3 के निर्माण पर किस तरह पड़ता है। फिलहाल इतना तय है कि इस विवाद ने फिल्म के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
