चंडीगढ़ के सेक्टर-26 की टिंबर मार्केट में हुई इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी की हत्या ने न केवल पंजाब और हरियाणा बल्कि अमेरिका, लंदन और कनाडा तक खलबली मचा दी है। पैरी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक प्रमुख सदस्य और ऑपरेटर था, जो गैंग की गतिविधियों का संचालन करता था। वह चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में रंगदारी व हथियारों की सप्लाई के मामलों में शामिल था।

पैरी की हत्या की घटना सोमवार शाम लगभग 6.15 बजे घटी। वह अपनी कीया कार में टिंबर मार्केट में था, तभी अचानक एक दूसरी कार ने उसका रास्ता रोक दिया। कुछ ही क्षणों में बदमाशों ने उसे घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पैरी को छाती और कंधे में पांच गोलियां लगीं। घायल अवस्था में उसे पीजीआई ले जाया गया, जहां देर शाम उसने दम तोड़ दिया।
अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और गैंगवार
पैरी की हत्या से गैंग के आंतरिक टकराव और रंगदारी की कहानियाँ उजागर हुई हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग में पैरी का बेहद करीबी होने के कारण उसकी मौत से गैंग के अन्य सदस्य भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस घटना से अमेरिका, लंदन और कनाडा में बैठे गैंगस्टर भी प्रभावित हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि हत्या के दौरान किसी ने पूरी घटना को लाइव वीडियो कॉल के माध्यम से अमेरिका में बैठे गैंगस्टर को दिखाया।
गैंग की गतिविधियों का विश्लेषण किया जाए तो पैरी ने नेपाल से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों की तस्करी और सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई थी। 19 नवंबर को लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से भारत डिपोर्ट किया गया था। अब विदेशी और देश के विभिन्न शहरों में गैंग के बिखराव और लॉरेंस-गोल्डी बराड़ टकराव पर चर्चा शुरू हो गई है।
पैरी की आपराधिक गतिविधियां
पैरी पर पंजाब और चंडीगढ़ में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें रंगदारी, हथियारों की सप्लाई, जान से मारने की धमकी, हत्या और हत्या की साजिश शामिल है। जनवरी 2023 में पंजाब की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने उसे गिरफ्तार किया था। वह उस समय डेराप्रेमी प्रदीप कुमार की हत्या और सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई के गैंग से जुड़ा था।
सूत्रों के अनुसार, पैरी स्थानीय टिंबर मार्केट में किसी से पैसे लेने के लिए इंतजार कर रहा था। इसी दौरान हमला हुआ। बदमाशों ने पैरी को घेरकर गोलियों की झड़ी चला दी। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि एक युवक कार के पास था। हालांकि यह साफ नहीं है कि वह पहले से वहां था या पैरी की कार के रुकते ही आया। युवक ने तुरंत क्रेटा कार में बैठने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा एजेंसियों की जांच
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत इलाके को सील कर दिया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पैरी की आखिरी बातचीत किससे हुई थी। शूटर वारदात में इस्तेमाल कार को पंचकूला में छोड़कर फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज में पेड़ के पास युवक का खड़ा होना सवाल खड़ा करता है। जांच के लिए यह देखा जा रहा है कि क्या शूटर ने पैरी को बुलाया था या यह अकेले की योजना थी। यह भी समझा जा रहा है कि पैरी की कार रुकने के बाद गोलीबारी कैसे शुरू हुई।
गैंगवार की आशंका
पुलिस और एजीटीएफ के सूत्रों के अनुसार, पैरी की हत्या से गैंगवार की आशंका प्रबल हो गई है। पैरी लॉरेंस बिश्नोई के करीबी थे और उन्होंने गैंग की कई गतिविधियों का संचालन किया था। अब गैंग के आंतरिक टकराव, रंगदारी और हथियार सप्लाई के मामलों पर नजर रखी जा रही है।
घटना का स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व
पैरी की हत्या केवल स्थानीय अपराध का मामला नहीं है। इसका असर अमेरिका, लंदन और कनाडा तक महसूस किया जा रहा है। गैंग के अन्य सदस्य विदेशों में भी इस घटना से परेशान हैं। यह हत्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग के भीतर फूट और आंतरिक टकराव को उजागर करती है।
पैरी की हत्या ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम ने स्थल का निरीक्षण किया और सबूत जुटाए। इस घटना ने न केवल गैंग की गतिविधियों को सामने लाया है, बल्कि यह भी साबित किया कि पैरी की हत्या संगठित और योजनाबद्ध तरीके से की गई थी।
