हाल के वर्षों में वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा गया है। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तहत लगाए गए टैरिफ और व्यापारिक नीतियों ने पूरी दुनिया के निर्यात और आयात को प्रभावित किया। इसके बावजूद, भारत ने अपने निर्यात और आर्थिक विकास में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Moody’s ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट में भारत की इस क्षमता को विशेष रूप से उजागर किया है।

टैरिफ जाल और वैश्विक व्यापार पर असर
ट्रम्प प्रशासन द्वारा शुरू किया गया टैरिफ जाल चीन, यूरोप और अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों में तनाव उत्पन्न कर रहा था। भारत की अर्थव्यवस्था पर भी इस नीति का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन, भारत ने अपनी व्यापारिक रणनीतियों और निर्यात नीतियों में सुधार करके इस चुनौती का सामना किया।
सितंबर 2025 का निर्यात डेटा
सितंबर महीने में भारत के कुल निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि केवल पारंपरिक बाजारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नए वैश्विक बाजारों में भी भारत ने अपनी पकड़ मजबूत की। वस्त्र, कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और तकनीकी उत्पादों के निर्यात में वृद्धि ने भारत की अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद की।
Moody’s की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
- आर्थिक वृद्धि: भारत की GDP में निरंतर वृद्धि को ध्यान में रखते हुए Moody’s ने भविष्य के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखा।
- निर्यात क्षमता: वैश्विक टैरिफ के बावजूद भारत ने निर्यात में मजबूती दिखाई।
- उद्योग और टेक्नोलॉजी: फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों ने निर्यात में प्रमुख योगदान दिया।
- निवेश आकर्षण: विदेशी निवेशक भारत को भरोसेमंद गंतव्य मान रहे हैं।
भारत की रणनीति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
भारत ने अपनी निर्यात नीतियों में विविधता लाकर जोखिम को कम किया। टेक्सटाइल, ज्वैलरी, और फार्मा उत्पादों के साथ-साथ डिजिटल और तकनीकी सेवाओं के निर्यात ने भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रखा।
भविष्य की संभावनाएँ और चुनौतियाँ
हालांकि भारत ने वैश्विक व्यापार के जटिल माहौल में सफलता पाई है, लेकिन ऊर्जा संकट, वैश्विक मुद्रास्फीति और राजनीतिक अस्थिरता जैसी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। Moody’s के अनुसार, भारत के लिए यह आवश्यक है कि वह निर्यात में नवाचार और दक्षता बनाए रखे।
निष्कर्ष
टैरिफ जाल और वैश्विक व्यापार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारत ने अपनी निर्यात नीति और आर्थिक रणनीति के माध्यम से आर्थिक मजबूती दिखाई है। Moody’s की रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि भारत की आर्थिक नींव मजबूत है और भविष्य में वैश्विक व्यापार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी।
