भारत ने चीन और पाकिस्तान दोनों को स्पष्ट संदेश दिया है कि देश अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय ने चीन के अरुणाचल प्रदेश पर लगाए गए दावों को खारिज किया और पाकिस्तान के राम मंदिर पर दिए गए विवादास्पद बयान का भी कड़ा जवाब दिया। यह बयान भारत की बदलती कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने अधिकारों की दृढ़ता को प्रदर्शित करता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि चीन की ओर से बार-बार अरुणाचल प्रदेश को लेकर किए जाने वाले दावे वास्तविकता से परे हैं। हाल ही में अरुणाचल में जन्मी एक महिला को एयरपोर्ट पर रोका गया था, जिसे लेकर भारत ने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। प्रवक्ता ने कहा कि चीन को इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा। “जमीन पर जो वास्तविकता है वही सत्य है, झूठ या इनकार इससे बदल नहीं सकता,” प्रवक्ता ने कहा। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने चीन में महिला सुरक्षा और दुर्व्यवहार के मामलों पर भी कड़ा रुख अपनाया और कहा कि यह मुद्दे गंभीर हैं और चीन को अपनी सीमाओं में रहकर कार्रवाई करनी चाहिए।
पाकिस्तान के बयान को भी भारत ने हिकारत और अस्वीकार के साथ खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को याद दिलाया कि वह अपने ही देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले अत्याचार, कट्टरता और दमन को सुधारें। प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे देश को दूसरों को नैतिक शिक्षा देने का कोई अधिकार नहीं है। भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी संप्रभुता और धर्मिक स्थलों के प्रति सम्मान की रक्षा उसके लिए सर्वोपरि है।
भारत ने यह भी संकेत दिया कि वह बांग्लादेश की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहां से आए अनुरोधों को न्यायिक और कूटनीतिक प्रक्रिया के तहत देखा जा रहा है। भारत शांति, लोकतंत्र और मानव अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए सभी पक्षों के साथ संवाद जारी रखेगा।
रूस और भारत के बीच कूटनीतिक रिश्तों को भी मजबूत बनाने की दिशा में काम चल रहा है। राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की तैयारी हो रही है, जिसे दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है। इस दौरे से द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक सहयोग में नई गति आने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय ने मीडिया में चल रही अफवाहों को भी खारिज किया। इजरायल के प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर जो खबरें थीं, उन्हें पूरी तरह गलत बताया गया। प्रवक्ता ने कहा कि जब कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई, तो स्थगित होने का प्रश्न ही नहीं उठता। यह कदम भारत की कूटनीति की पारदर्शिता और स्पष्टता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान भारत की बदलती रणनीति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर सक्रिय नेतृत्व का परिचायक है। चीन और पाकिस्तान के प्रति स्पष्ट और सटीक संदेश ने यह संकेत दिया कि भारत अब शांत बैठेगा नहीं, बल्कि अपने हितों की रक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाएगा। यह नया भारत किसी भी तरह के दबाव को बर्दाश्त नहीं करेगा।
यह खबर दर्शाती है कि भारत ने अपनी विदेश नीति में स्पष्टता, आत्मविश्वास और संप्रभुता के प्रति अडिग रुख अपनाया है। अरुणाचल प्रदेश, राम मंदिर और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर भारत का संदेश सटीक और निर्णायक है। आने वाले समय में यह रुख अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।
