भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 10 नवंबर 2025 को लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद जबरदस्त वापसी की। निवेशकों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटी, क्योंकि सेंसेक्स ने लगभग 500 अंकों की छलांग लगाई और निफ्टी 25,600 के स्तर को पार कर गया। यह तेजी केवल एक दिन की भावनात्मक उछाल नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कई मजबूत कारक छिपे हुए हैं – वैश्विक संकेतों से लेकर विदेशी निवेशकों की वापसी और गोल्डमैन सैक्स की रेटिंग अपग्रेड तक।

सुबह 11:30 बजे तक सेंसेक्स 495 अंक (0.60%) की तेजी के साथ 83,712.10 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी ने भी 152 अंक उछलकर 25,644.55 का स्तर छू लिया। एशियन पेंट्स, टीसीएस, विप्रो, ग्रामिस इंडस्ट्रीज और कोल इंडिया जैसे प्रमुख शेयरों में 2% तक की बढ़त दर्ज की गई। खासतौर से आईटी और कैपिटल गुड्स सेक्टर ने बाजार की रफ्तार को गति दी।
वैश्विक संकेतों से भारतीय बाजार को मिला मजबूत सपोर्ट
दुनिया भर के बाजारों में सकारात्मक माहौल बना हुआ था। एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती और अमेरिकी वॉल स्ट्रीट में आई तेजी का असर भारतीय बाजारों पर भी साफ नजर आया। अमेरिका में पिछले 40 दिनों से जारी सरकारी शटडाउन के जल्द खत्म होने की उम्मीद ने वैश्विक निवेशकों में भरोसा बढ़ाया है। इस आशा ने डॉलर और बॉन्ड यील्ड्स को स्थिर किया, जिससे उभरते बाजारों जैसे भारत में निवेश का प्रवाह बढ़ा।
बिलियंज के फाउंडर और CIO अभिषेक गोयनका के अनुसार,
“अमेरिकी शटडाउन के खत्म होने की उम्मीद ने बाजार के मूड को बदल दिया है। निवेशकों का सेंटीमेंट अब काफी पॉजिटिव है और इससे भारतीय इक्विटी में नई जान आई है।”
कोरिया का KOSPI इंडेक्स 3% ऊपर, जापान का निक्केई-225 करीब 1% और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.47% बढ़ा। वहीं अमेरिकी बाजारों ने भी शुक्रवार को मजबूती के साथ क्लोजिंग दी, जिससे सोमवार की शुरुआत भारत में जोश के साथ हुई।
विदेशी निवेशकों (FIIs) की वापसी से बढ़ा भरोसा
पिछले छह दिनों से लगातार बिकवाली का सामना कर रहे भारतीय बाजार को आखिरकार राहत मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को करीब ₹4,581 करोड़ की नेट खरीदारी की। यह कदम निवेशकों के लिए यह संकेत था कि विदेशी पूंजी फिर से भारत की तरफ लौट रही है।
विश्लेषक बताते हैं कि
भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, स्थिर मुद्रा और कंपनियों के अच्छे नतीजे विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। FIIs की खरीदारी ने बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाई और निवेशकों का मनोबल ऊँचा किया।
गोल्डमैन सैक्स ने भारत की रेटिंग को “ओवरवेट” किया
ग्लोबल ब्रोकरेज दिग्गज गोल्डमैन सैक्स ने 13 महीने बाद भारत की रेटिंग को “न्यूट्रल” से बढ़ाकर “ओवरवेट” कर दिया है। इसका सीधा असर सोमवार को बाजार में देखने को मिला, जहां लार्जकैप कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी हुई।
गोल्डमैन सैक्स ने निफ्टी के लिए 29,000 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 14% अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2026 तक निफ्टी इस स्तर को छू सकता है।
ब्रोकरेज ने रिपोर्ट में लिखा:
“भारत एशिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। कॉर्पोरेट अर्निंग्स, स्थिर राजनीतिक माहौल और बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट के चलते भारत निवेशकों के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बना रहेगा।”
टेक्निकल एनालिसिस से मिले सकारात्मक संकेत
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि
“सुबह हल्की कमजोरी के बाद निफ्टी ने 25,400 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट दिखाया। अगर इंडेक्स 25,650 से ऊपर निकलता है, तो आगे 25,850–26,000 तक की तेजी देखी जा सकती है।”
तकनीकी चार्ट बताते हैं कि बाजार अभी शॉर्ट टर्म बाउंस की स्थिति में है। नीचे की ओर 25,200 और 25,088 का स्तर मजबूत सपोर्ट ज़ोन हैं।
क्षेत्रवार प्रदर्शन (Sectoral Performance)
सोमवार को बाजार में सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में रहे। आईटी, ऑटो, कैपिटल गुड्स और बैंकिंग सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
| सेक्टर | औसत बढ़त (%) |
|---|---|
| आईटी सेक्टर | +2.15% |
| बैंकिंग | +1.45% |
| कैपिटल गुड्स | +1.70% |
| एफएमसीजी | +0.65% |
| फार्मा | +0.40% |
टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसे आईटी दिग्गजों में विदेशी निवेशकों की खरीदारी बढ़ी, जबकि लार्जकैप इंडेक्स फंड्स में नई एंट्री देखी गई।
छोटे निवेशकों के लिए क्या रणनीति अपनाएं?
विश्लेषकों का मानना है कि अब बाजार में तेजी का सिलसिला अल्पकालिक नहीं है।
निवेशकों को ऐसे सेक्टर पर ध्यान देना चाहिए जो आने वाले महीनों में ग्रोथ दिखा सकते हैं — जैसे आईटी, ऑटो, इंफ्रा और बैंकिंग।
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए निफ्टी 25,630–25,700 पर ब्रेकआउट एक खरीद का संकेत हो सकता है।
- दीर्घकालिक निवेशक उन स्टॉक्स में SIP बढ़ा सकते हैं जो लगातार मजबूत अर्निंग्स दिखा रहे हैं।
- नए निवेशक को हर गिरावट को अवसर के रूप में देखना चाहिए।
निष्कर्ष: निवेशकों के लिए सकारात्मक मोड़
तीन बड़े कारकों — मजबूत वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की वापसी और गोल्डमैन सैक्स की सकारात्मक रिपोर्ट — ने भारतीय बाजार में नई जान फूंक दी है। यदि यह रुझान बरकरार रहता है, तो नवंबर 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए एक ऐतिहासिक महीना साबित हो सकता है।
