मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब लसूडिया इलाके में स्थित केमको फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसका काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक आसमान में उठता दिखाई दिया। आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों व दुकानों से बाहर निकल आए।

यह घटना एमआर 11 रोड के पास स्थित फैक्ट्री परिसर में दोपहर करीब एक बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि फैक्ट्री की तीन मंजिला इमारत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा।
आग लगते ही मचा हड़कंप, सड़क पर जमा हुई भीड़
जैसे ही आग लगने की सूचना फैली, आसपास के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों में दहशत फैल गई। एमआर 11 रोड पर चल रहे वाहनों की रफ्तार थम गई और लोग अपने-अपने वाहनों से उतरकर आग का भयावह दृश्य देखने लगे। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कीं, जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, फैक्ट्री से उठ रहा धुआं इतना घना था कि कुछ देर के लिए सड़क पर दृश्यता भी कम हो गई। सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें भी सामने आईं, खासकर उन लोगों से जो फैक्ट्री के आसपास मौजूद थे।
फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का काम शुरू किया। आग की तीव्रता को देखते हुए एक के बाद एक फायर टेंडर बुलाए गए।
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग पर काबू पाना आसान नहीं था। आग लगातार फैल रही थी और हर मंजिल तक पहुंच चुकी थी। पानी के साथ-साथ फोम का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि आग को आगे फैलने से रोका जा सके।
तीन मंजिला इमारत का ढहना बढ़ा खतरा
आग की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री की तीन मंजिला इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया। आग के चलते बिल्डिंग की संरचना कमजोर हो गई थी और कुछ ही समय में दीवारें और छत भरभराकर गिर पड़ीं।
इमारत गिरने के दौरान आसपास मौजूद दमकल कर्मियों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। मलबा गिरने से किसी के घायल होने की आशंका बनी रही, हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
फैक्ट्री में क्या बनता था और क्यों थी आग इतनी खतरनाक
बताया जा रहा है कि जिस फैक्ट्री में आग लगी, वहां केमिकल और चॉकलेट से जुड़े उत्पादों का निर्माण होता था। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में कच्चा माल, पैकेजिंग सामग्री और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं मौजूद थीं।
इसी कारण आग ने बहुत तेजी से विकराल रूप ले लिया। केमिकल और अन्य पदार्थों के जलने से निकलने वाला धुआं बेहद जहरीला बताया जा रहा है, जिसकी वजह से आसपास के लोगों को एहतियातन घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी गई।
प्रशासन की नजर और एहतियाती कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। पुलिस ने फैक्ट्री के आसपास का इलाका घेर लिया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने के निर्देश दिए। सड़क के एक हिस्से को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया कि आग आसपास की अन्य फैक्ट्रियों या इमारतों तक न फैले। इसके लिए अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को स्टैंडबाय पर रखा गया।
कर्मचारियों और आसपास के लोगों की चिंता
फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच भी डर और चिंता का माहौल देखने को मिला। कई कर्मचारी घटना के समय बाहर मौजूद थे, लेकिन अंदर मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की गई।
हालांकि शुरुआती जानकारी में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई, फिर भी प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात रखा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी केमिकल रिएक्शन की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग पूरी तरह बुझने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही विस्तृत जांच की जाएगी।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी इंतजामों की भी जांच की जाएगी। यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सकती है।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़े शहरों में स्थित फैक्ट्रियों में केमिकल और ज्वलनशील सामग्री के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
स्थानीय लोग और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसी फैक्ट्रियों की नियमित जांच हो और फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
राहत और बचाव कार्य देर शाम तक जारी
दमकल कर्मियों द्वारा देर शाम तक आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रहा। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग की लपटें कम होती नजर आईं, लेकिन मलबे के भीतर आग सुलगने की आशंका बनी रही।
राहत और बचाव कार्य पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही स्थिति को नियंत्रण में माना जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।
