इंदौर के एमवाय अस्पताल से शुक्रवार सुबह एक ऐसा मामला सामने आया जिसने शहर में सनसनी फैला दी। प्रेमिका की हत्या के आरोप में सजा काट रहा कैदी अस्पताल की चौथी मंजिल से फरार हो गया। यह घटना तब हुई जब अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान लगाई गई मचान के सहारे कैदी ने खुद को नीचे उतारा और मौके से फरार हो गया।

फरारी का तरीका और घटना का क्रम
सूत्रों के अनुसार, कैदी अस्पताल में अपने इलाज के लिए लाया गया था। इलाज के दौरान, वह चौथी मंजिल पर स्थित वार्ड में भर्ती था। अस्पताल के निर्माण कार्य के चलते वहां मचान बनाई गई थी। इसी मचान का फायदा उठाकर कैदी ने सतर्कता से नीचे उतरने का प्रयास किया। जब जेल गार्ड ने उसका निरीक्षण किया, तो वह बेड पर नहीं मिला। इसके तुरंत बाद जेल अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने अस्पताल और आसपास के इलाके की तत्काल तलाशी शुरू कर दी। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैदी ने किस रास्ते से फरारी संभव बनाई।
कैदी का पृष्ठभूमि
फरार हुए कैदी पर पहले से ही प्रेमिका की हत्या का आरोप था। अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई थी। इस प्रकार के मामलों में जेल अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है क्योंकि ऐसे अपराधियों की निगरानी करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, निर्माण कार्य और मचान के सहारे सुरक्षित निगरानी बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
जेल प्रशासन और पुलिस ने फरारी की घटना के तुरंत बाद मामले की गंभीरता को समझते हुए पूरे शहर में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इलाके में मोबाइल और वाहनों की चेकिंग बढ़ा दी गई। आसपास के लोगों से अपील की गई कि किसी संदिग्ध व्यक्ति को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अस्पताल में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
सुरक्षा में चूक और भविष्य की रणनीति
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में कैदी के इलाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। मचान जैसे अस्थायी निर्माण उपकरणों का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था में खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस और जेल प्रशासन को संयुक्त रूप से SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर) तैयार करना चाहिए ताकि कैदी की निगरानी में कोई चूक न हो।
जांच का दायरा
पुलिस फरार कैदी की लोकेशन ट्रैक करने के लिए आसपास के इलाकों और रेलवे, बस स्टैंड, और सड़कों पर विशेष निगरानी रख रही है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फरारी के पीछे किसी और की भूमिका तो नहीं थी।
इंदौर के नागरिक भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन ने जनता से अनुरोध किया है कि वे घबराएं नहीं और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
