मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा और व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खास तौर पर भारत और खाड़ी देशों के बीच उड़ानों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा है। इसी कड़ी में शारजाह से इंदौर आने वाली सीधी उड़ान लगातार पांचवें दिन भी रद्द कर दी गई है। इस वजह से सैकड़ों भारतीय यात्री संयुक्त अरब अमीरात के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं और अपने घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

इंदौर एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार क्षेत्रीय सुरक्षा कारणों से पहले दुबई और उसके बाद शारजाह एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इसके कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अचानक रोकनी पड़ीं। हालांकि अब धीरे-धीरे कुछ शहरों के लिए उड़ानें फिर से शुरू की जा रही हैं, लेकिन प्राथमिकता भारत के बड़े महानगरों को दी जा रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए उड़ानें सीमित संख्या में शुरू हुई हैं।
इसी व्यवस्था के तहत कुछ भारतीय यात्री दुबई से मुंबई के रास्ते इंदौर लौट पाए हैं। जानकारी के अनुसार करीब चालीस यात्री दुबई से मुंबई पहुंचे और वहां से आगे की उड़ान लेकर इंदौर आए। हालांकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी यूएई के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं और उन्हें अपनी वापसी का इंतजार है।
युद्ध की स्थिति ने बढ़ाई अनिश्चितता
मध्य-पूर्व क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और हमलों की खबरों ने आम लोगों के बीच डर का माहौल बना दिया है। यूएई में मौजूद कई भारतीय यात्रियों ने बताया कि लगातार मिसाइल हमलों और सुरक्षा अलर्ट के कारण लोगों के भीतर चिंता बढ़ गई थी।
यात्रियों के अनुसार कई बार आसमान में मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया जाता था, लेकिन जब उनके टुकड़े या मलबा जमीन पर गिरते थे तो लोगों के बीच दहशत फैल जाती थी। ऐसे हालात में एयरपोर्ट बंद होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।
इंदौर के पूर्व जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बताया कि यूएई सरकार ने संकट के समय भारतीय नागरिकों की मदद के लिए कई कदम उठाए। कई स्थानों पर होटल और भोजन की व्यवस्था मुफ्त में की गई ताकि अचानक फंसे यात्रियों को राहत मिल सके।
दुबई से मुंबई के रास्ते लौटे कुछ यात्री
जब दुबई एयरपोर्ट आंशिक रूप से फिर से खुला तो भारत के प्रमुख महानगरों के लिए कुछ उड़ानों को अनुमति दी गई। इस प्रक्रिया में कुछ यात्रियों को राहत मिली।
दुबई से मुंबई पहुंचने के बाद वहां से घरेलू उड़ान के जरिए कुछ लोग इंदौर लौट सके। हालांकि यह संख्या बेहद सीमित रही और अधिकांश यात्री अभी भी यूएई के अलग-अलग शहरों में इंतजार कर रहे हैं।
इंदौर एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों में स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल शारजाह-इंदौर सीधी उड़ान के फिर से शुरू होने की कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है।
यूएई में फंसे यात्रियों की बढ़ती परेशानियां
यूएई में फंसे यात्रियों के सामने केवल घर लौटने की चिंता ही नहीं है बल्कि आर्थिक परेशानी भी बढ़ती जा रही है। कई लोग कुछ दिनों के लिए यात्रा पर गए थे और अचानक उड़ानें रद्द हो जाने से उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
कई यात्रियों की होटल बुकिंग खत्म हो चुकी है और उन्हें नए सिरे से कमरे बुक करने पड़ रहे हैं। दुबई और अन्य शहरों में होटल किराया काफी अधिक होने के कारण यह खर्च कई लोगों के लिए भारी पड़ रहा है।
कुछ यात्रियों ने बताया कि उनके पास मौजूद पैसे लगभग खत्म हो चुके हैं और वे बेहद मुश्किल स्थिति में हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि कुछ होटलों ने मानवता के आधार पर फंसे हुए यात्रियों को अतिरिक्त दिनों के लिए मुफ्त ठहरने की अनुमति दी है।
भारतीय संगठनों और स्थानीय प्रशासन की मदद
इस संकट के दौरान भारत और यूएई की कई सामाजिक संस्थाएं भी आगे आई हैं। ये संस्थाएं फंसे हुए यात्रियों को भोजन, अस्थायी आवास और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर रही हैं।
कई स्वयंसेवी समूह एयरपोर्ट और होटल के बीच समन्वय स्थापित कर यात्रियों को सहायता पहुंचा रहे हैं। इससे कई लोगों को राहत मिली है, खासकर उन लोगों को जिनके पास सीमित संसाधन हैं।
यूएई प्रशासन ने भी आपातकालीन स्थिति को देखते हुए यात्रियों के लिए कई व्यवस्थाएं की हैं ताकि वे सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से अपने देश लौट सकें।
ट्रैवल कंपनियों की मुनाफाखोरी के आरोप
जहां एक ओर कुछ संस्थाएं मदद के लिए आगे आई हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ ट्रैवल कंपनियों पर मुनाफाखोरी के आरोप भी लगे हैं।
फंसे हुए यात्रियों को एक विकल्प दिया जा रहा है कि वे सड़क मार्ग से ओमान या मस्कट पहुंचें और वहां से भारत की उड़ान पकड़ें। लेकिन इस व्यवस्था के लिए प्रति यात्री लगभग एक लाख रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
यह राशि सामान्य हवाई किराए से कई गुना अधिक है। मजबूरी में कुछ यात्री इस विकल्प को चुन रहे हैं क्योंकि उन्हें तुरंत घर लौटना है। हालांकि अधिकांश लोग इतनी बड़ी राशि देने में सक्षम नहीं हैं और उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
इंदौर एयरपोर्ट पर भी असर
शारजाह-इंदौर उड़ान रद्द होने का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं है। इसका असर इंदौर एयरपोर्ट के संचालन और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ा है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है। खाड़ी देशों के एयरपोर्ट धीरे-धीरे खुल रहे हैं, लेकिन सभी उड़ानों को एक साथ शुरू करना संभव नहीं है।
इस वजह से आने वाले कुछ दिनों तक उड़ान संचालन प्रभावित रहने की संभावना जताई जा रही है।
सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ कार्गो कारोबार
इस संकट का सबसे बड़ा असर इंदौर से खाड़ी देशों को भेजे जाने वाले कार्गो पर पड़ा है। सामान्य परिस्थितियों में इंदौर से हर दिन बड़ी मात्रा में सब्जियां, फूल और दवाएं हवाई मार्ग से यूएई और आसपास के देशों में भेजी जाती हैं।
उड़ानें बंद होने के कारण यह पूरा व्यापार प्रभावित हो गया है। एयरपोर्ट के कार्गो वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में माल जमा हो गया है और कई ट्रक बाहर खड़े हैं।
व्यापारियों के अनुसार उनका माल समय पर नहीं भेजा जा पा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खास तौर पर फूल और ताजी सब्जियों का कारोबार ज्यादा प्रभावित हुआ है क्योंकि इनकी शेल्फ लाइफ सीमित होती है।
पीथमपुर की फार्मा कंपनियों पर असर
इंदौर के पास स्थित औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर की कई फार्मा कंपनियां भी अपने उत्पाद नियमित रूप से खाड़ी देशों को भेजती हैं। इन कंपनियों की दवाओं की खेप भी फिलहाल एयरपोर्ट पर अटकी हुई है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर उड़ानें जल्द शुरू नहीं हुईं तो निर्यात प्रभावित हो सकता है और कंपनियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
व्यापारियों की चिंता बढ़ी
सब्जी और फूल व्यापार से जुड़े कई व्यापारियों का कहना है कि उनके दुबई और अबूधाबी के व्यापारियों के साथ अनुबंध हैं। इसलिए वे अपना माल किसी अन्य बाजार में नहीं भेज रहे हैं और उड़ान शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
लेकिन हर गुजरते दिन के साथ नुकसान बढ़ता जा रहा है। कई व्यापारियों को डर है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
ट्रैवल उद्योग पर भी असर
इस संकट का असर ट्रैवल उद्योग पर भी पड़ा है। ट्रैवल एजेंटों के अनुसार इस सीजन में दुबई के टूर पैकेज काफी लोकप्रिय थे और बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग कराई थी।
लेकिन वर्तमान हालात के कारण कई यात्रियों ने अप्रैल तक के अपने पैकेज रद्द कर दिए हैं। कई लोग अपने पैसे वापस मांग रहे हैं।
होटल कंपनियां तो तारीख बदलकर नया पैकेज देने को तैयार हैं, लेकिन एयरलाइंस की ओर से फिलहाल स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है।
कनेक्टिंग उड़ानों पर भी असर
दुबई एयरपोर्ट केवल यूएई के लिए ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा का एक प्रमुख केंद्र भी है। भारत से यूरोप और अमेरिका जाने वाले कई यात्री दुबई के रास्ते यात्रा करते हैं।
इन यात्राओं के लिए कनेक्टिंग उड़ानों का उपयोग किया जाता है, जो अक्सर सीधी उड़ानों की तुलना में सस्ती होती हैं। लेकिन मौजूदा स्थिति के कारण ये यात्राएं भी प्रभावित हो रही हैं।
कब सामान्य होगी स्थिति
एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि खाड़ी देशों में एयरपोर्ट धीरे-धीरे फिर से खुल रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उड़ानें सामान्य हो जाएंगी।
हालांकि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अभी कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है। यात्रियों को फिलहाल धैर्य रखने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।
संकट ने दिखाया वैश्विक यात्रा की संवेदनशीलता
यह घटना इस बात का उदाहरण भी है कि वैश्विक राजनीति और सैन्य तनाव का असर आम लोगों की यात्रा और व्यापार पर कितनी तेजी से पड़ सकता है।
एक क्षेत्र में पैदा हुआ संकट कुछ ही घंटों में हजारों किलोमीटर दूर स्थित शहरों की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकता है।
इंदौर और यूएई के बीच मजबूत व्यापारिक और सामाजिक संबंध हैं। इसलिए उड़ानें बंद होने से दोनों पक्षों पर असर दिखाई दे रहा है।
यात्रियों की उम्मीद
यूएई में फंसे अधिकांश यात्रियों की यही उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और वे सुरक्षित अपने घर लौट सकेंगे। कई लोग लगातार एयरलाइंस और ट्रैवल एजेंटों से जानकारी ले रहे हैं।
जब तक उड़ानें पूरी तरह शुरू नहीं हो जातीं, तब तक यात्रियों को इंतजार ही करना होगा। इस बीच स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों की मदद उनके लिए राहत का काम कर रही है।
