मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले इंदौर शहर को आने वाले वर्षों में नए स्वरूप में देखने की तैयारियां तेज होने लगी हैं। शहर की आबादी, अर्थव्यवस्था, निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक विस्तार के साथ ट्रैफिक दबाव में जिस प्रकार निरंतर वृद्धि हुई है, उसे देखते हुए प्रशासन ने अब बड़े स्तर पर सड़क चौड़ीकरण एवं मास्टर प्लान वाली सड़कों को विकसित करने की प्रक्रिया को गति दी है। इंदौर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित 19 महत्वपूर्ण मार्गों को चौड़ा किया जाएगा, जिनमें से कई सड़कों की चौड़ाई 75 मीटर तक की जाएगी। यह कार्य न केवल आने वाले समय की यातायात जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि शहरी विकास की दिशा में आधारभूत बदलाव भी लाएगा।

इंदौर के परिवहन ढांचे में आने वाला क्रांतिकारी बदलाव
इंदौर लंबे समय से राज्य की आर्थिक धुरी रहा है। व्यापार, चिकित्सा और शिक्षा के साथ यहां हर वर्ष बाहरी आवागमन बढ़ता जा रहा है। इस बढ़ते दबाव ने मौजूदा सड़कों को संकरे मार्गों में बदल दिया। इसलिए अब शहर एक संगठित सड़क विस्तार कार्य के दौर से गुजर रहा है।
इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा की गई नवीनतम बैठक में तय किया गया कि शहर के प्रमुख इलाकों में नई सड़कों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। इन सड़कों को मास्टर प्लान 2041 के अंतर्गत प्रस्तावित किया गया है और अब इनके एक्सीक्यूशन के लिए जमीन अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाने व आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाओं पर तेजी से काम आगे बढ़ेगा।
किन क्षेत्रों में सड़कें होंगी चौड़ी
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने जिन क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया है, उनमें TPS आधारित विकास योजनाओं के इलाके प्रमुख हैं। इन TPS यानी टाउन प्लानिंग स्कीम के अंतर्गत वर्तमान में जो सड़कें प्रस्तावित हैं, वे शहर के बीचोंबीच तथा बाहरी हिस्सों तक आवागमन सरल बनाएंगी।
इन क्षेत्रों में निम्न प्रकार सड़कें विकसित होंगी:
खजराना ज़ोन
यहां 18 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। यह क्षेत्र आवासीय घनत्व के कारण लंबे समय से जाम की समस्या का केंद्र रहा है, लेकिन अब सड़क के चौड़े होने से दोनों दिशाओं में ट्रैफिक को राहत मिलेगी।
लसूड़िया मोरी क्षेत्र
यह TPS 3 में आता है और यहां तीन चरणों में रोड डेवलपमेंट होगा।
18 मीटर, 50 मीटर और 75 मीटर चौड़ी सड़कें प्रस्तावित हैं।
यहां विकसित होने वाली सड़कों से सुपर कॉरिडोर, IT एरिया और स्कीमों के मुख्य प्रवेश मार्गों को सुगम बनाया जाएगा।
निपानिया क्षेत्र
यह TPS 4 क्षेत्र है।
यहां 30 और 45 मीटर चौड़ाई वाली सड़कें प्रस्तावित हैं।
जो नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, मेडिकल फील्ड डेवेलपमेंट और स्कूल जोन को बेहतर कनेक्टिविटी देंगी।
कनाड़िया क्षेत्र
TPS 6 में 36 और 45 मीटर सड़कें बनाई जाएंगी।
यह क्षेत्र नई कनेक्टिविटी का मुख्य मार्ग बनेगा क्योंकि यहां फुटफॉल तेजी से बढ़ रहा है।
TPS 8
कैलोदहाला, भौरासला, शक्करखेड़ी, तलावली चांदा जैसे इलाकों में 30 से 60 मीटर चौड़ाई की सड़कें प्रस्तावित हैं।
इन स्थानों पर तेजी से कॉलोनियों का विकास हुआ है और अब इन्हें बायपास संपर्क मिलेगा।
TPS 9
यहां बिचौली हप्सी, भूरी टेकरी, तिगरिया राव और कनाड़िया रोड क्षेत्रों में 18.30 मीटर और 45 मीटर चौड़ी सड़कें बनेंगी।
यह मार्ग शहर के औद्योगिक व सेमी-रेसिडेंशियल विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है।
TPS 10
बड़ा बांगड़दा और पालाखेड़ी में 30 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी।
इन क्षेत्रों में प्लॉटिंग और नए व्यापारिक कॉरिडोर विकसित होने की संभावना है।
शहर के बदलते भूगोल का संकेत
इंदौर के बाहरी इलाकों में पिछले 10 वर्षों में रियल एस्टेट का अपार विस्तार हुआ है। नए आवासीय, औद्योगिक और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट ऐसे इलाकों में बने हैं, जहां सड़क संरचना अपर्याप्त रही। इससे न केवल ट्रैफिक जाम बल्कि जलभराव, बिजली संरचना व सुरक्षा व्यवस्था बिखरी हुई थी।
अब जब यह सड़क प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं, इसका सीधा असर अगले 25 से 30 साल के विकास पर पड़ने वाला है।
सड़क निर्माण में क्यों आई देरी
कई योजनाओं में नर्मदा पाइपलाइन डालने का कार्य बाधा बना रहा।
कुछ जगह पुराने निर्माण, कब्जे और अस्थायी संरचनाओं के कारण रोड कटिंग, पाइपलाइन और पाथवे एक साथ संभव नहीं हो पाए।
TPS 5 क्षेत्र में बस्तियों का घनत्व अधिक होने से बगीचे और पार्कों की योजना भी रुकी हुई थी।
अब प्रशासन ने विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए कैविएट दायर की है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की रोक न लग सके।
अंडरग्राउंड सुविधाएं भी होंगी
नई योजना में सड़क सिर्फ चौड़ी नहीं होगी बल्कि आधुनिक ढांचागत सुविधाओं के साथ बनेगी। इन सड़कों के नीचे ड्रेनेज लाइन, नर्मदा जल पाइप, विद्युत लाइन, गैस पाइपलाइन, इंटरनेट फाइबर और केबलिंग सभी अंडरग्राउंड स्थापित की जाएगी।
इसके बाद सड़क पर पिलर, तार और खुले सिस्टम नहीं दिखेंगे।
इंदौर का नया मास्टर प्लान
मास्टर प्लान 2041 के तहत शहर को चार रिंग रोड अनुसार विभाजित कर इंट्रा कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी।
रिंग रोड और सुपर कॉरिडोर पर दबाव कम करने का यह बड़ा प्रयास है।
नागरिकों को लाभ
- जाम कम होंगे
- कार्बन उत्सर्जन घटेगा
- आसपास की जमीन मूल्य में वृद्धि
- व्यापारिक गतिविधियों में तेजी
- आवासीय इलाकों को सुरक्षा
निष्कर्ष
यह विकास कार्य इंदौर के भविष्य के लिए आधार निर्मित करेगा।
जब सड़कें विस्तृत होंगी, तो शहर में भीड़भाड़ कम होगी और अगले दशक में आने वाला ट्रैफिक आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा।
