कर्नाटक में राजनीतिक हलचल तेज होने के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से एकजुट है। लंबे समय से मीडिया में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें लग रही थीं, जिनके बीच दोनों नेताओं ने नाश्ते के दौरान लगभग एक घंटे की बातचीत में मीडिया को यह संदेश दिया कि उनके बीच कोई मतभेद नहीं है। दोनों नेताओं ने कहा कि पार्टी आलाकमान जो भी निर्णय करेगा, वे उसका पालन करेंगे।

सिद्धारमैया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘कल से कोई असमंजस नहीं रहेगा। अभी भी कोई असमंजस नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने गलतफहमी पैदा की। हमने तय किया है कि पार्टी आलाकमान जो भी तय करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि उनका मुख्य एजेंडा 2028 के विधानसभा चुनाव और निकाय चुनावों में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना है।
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने भाजपा और जेडीएस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल झूठे आरोप लगाने की आदत में हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा के पास केवल 60 विधायक हैं और जेडीएस के पास 18, जबकि कांग्रेस के पास 140 विधायक हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की अविश्वास प्रस्ताव की कोशिशें बेकार हैं और वे कांग्रेस की संख्या का मुकाबला नहीं कर सकते।
डीके शिवकुमार का संदेश
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि पार्टी हाईकमान के निर्देशों का पालन करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई गुटबाजी नहीं है और वे मिलकर काम कर रहे हैं। शिवकुमार ने यह भी कहा कि राज्य के लोग उनका समर्थन कर रहे हैं और उन्हें जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना है। उन्होंने कांग्रेस के सभी सदस्यों को यह भरोसा दिलाया कि वे सिद्धारमैया के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और पार्टी के वफादार सिपाही बने रहेंगे।
नेतृत्व परिवर्तन की पृष्ठभूमि
2023 के विधानसभा चुनाव के बाद से सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर तनाव देखा गया। दोनों नेताओं ने सीएम पद पर अपनी दावेदारी जताई, जिसके बाद दिल्ली में पार्टी आलाकमान की बैठक हुई। इस बैठक के बाद तय हुआ कि सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहेंगे और डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम पद संभालेंगे। हालांकि मीडिया में यह दावा किया गया कि दोनों नेताओं के बीच ढाई-ढाई साल का सीएम पद रोटेशन समझौता हुआ, जिसे दोनों नेताओं और पार्टी ने कभी आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया।
कांग्रेस के भीतर एकजुटता का संदेश
हालांकि कर्नाटक कांग्रेस सरकार को दो खेमों में बंटा देखा गया था, लेकिन सिद्धारमैया और शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि पार्टी हाईकमान के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगी। दोनों नेताओं ने यह सुनिश्चित किया कि कांग्रेस को 2028 में पुनः सत्ता में लाने की दिशा में सभी सदस्य एकजुट होकर काम करेंगे।
भविष्य की रणनीति और चुनावी तैयारी
सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने कहा कि उनका ध्यान सिर्फ नेतृत्व पर नहीं है, बल्कि आगामी विधानसभा और निकाय चुनावों की तैयारी पर भी है। दोनों नेताओं ने यह भी भरोसा दिया कि पार्टी के सभी सदस्य मिलकर 2028 में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी हाईकमान के नेतृत्व में 2029 के लिए भी रणनीति तैयार रखने की बात कही।
कुल मिलाकर, कर्नाटक कांग्रेस ने इस प्रेस वार्ता के माध्यम से अपने भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी की अफवाह को खारिज किया और सभी सदस्यों को एकजुटता और पार्टी के उद्देश्यों के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
