भारत में गाड़ियों के प्रति लगाव सिर्फ उनके मॉडल, फीचर्स या कीमत तक सीमित नहीं रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश के कई हिस्सों में गाड़ियां एक स्टेटस सिंबल की तरह सामने आई हैं, और साथ ही उन पर लगे नंबर भी लोगों की पहचान और प्रतिष्ठा का हिस्सा बने हैं। इसी परंपरा को एक बार फिर अपनी चरम सीमा तक पहुंचाने वाली एक नीलामी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हरियाणा में आयोजित ऑनलाइन नीलामी के दौरान एक ऐसा नंबर प्लेट बिक गया जिसकी कीमत सुनकर लोग अवाक रह गए। आरटीओ विभाग द्वारा जारी किया गया यह नंबर HR 88B8888 अब तक भारत में खरीदा गया सबसे महंगा फैंसी नंबर बन चुका है। 1.17 करोड़ रुपये में बिका यह नंबर कई मायनों में इतिहास दर्ज कर गया है और इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार चर्चाएं जारी हैं।

हरियाणा के वाहन विभाग द्वारा बुधवार को आयोजित की गई इस नीलामी में कुल 45 प्रतिभागियों ने अपनी बोली लगाई थी। यह नीलामी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुबह से ही शुरू हो गई थी, और शुरुआत में किसी को अंदाजा भी नहीं था कि परिणाम इतना चौंकाने वाला साबित होगा। आमतौर पर फैंसी नंबरों की बोली लाखों में जाती है, लेकिन 50,000 रुपये से शुरू हुई यह नीलामी धीरे-धीरे अनोखे मोड़ लेती चली गई। शुरुआत में कई लोग शौकिया तौर पर इसमें शामिल हुए थे, परंतु जैसे-जैसे बोली आगे बढ़ी, दिलचस्पी एकदम अलग स्तर पर पहुंच गई। दोपहर तक यह आंकड़ा 88 लाख रुपये को पार कर गया और कई बोलीकर्ता एक-एक कर पीछे हटते चले गए। लेकिन नीलामी की प्रतिस्पर्धा में बचे कुछ लोगों ने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। अंततः शाम तक इसकी कीमत 1.17 करोड़ रुपये पर जाकर रुकी, और इस प्रकार यह नंबर प्लेट आधिकारिक तौर पर देश में अब तक का सबसे महंगा फैंसी वाहन नंबर बन गया।
इस नंबर प्लेट की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसमें 8 अंक का लगातार उपयोग किया गया है। अंक ज्योतिष और परंपरागत मान्यताओं में अंक 8 को धन, सफलता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। दुनिया के कई देशों में यह अंक विशेष रूप से शुभ माना जाता है। खासकर कारोबारियों, स्टार्टअप फाउंडर्स और उन लोगों के बीच जिनकी मान्यता है कि संख्या का वाइब्रेशन जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। इसीलिए 8 से जुड़े नंबर प्लेट अक्सर महंगे बिकते हैं। लेकिन HR 88B8888 में जितने व्यापक रूप से 8 का कॉम्बिनेशन है, वह इसे और भी अनोखा बना देता है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि भारत में अब तक सबसे महंगा फैंसी नंबर खरीदने का रिकॉर्ड केरल के रहने वाले वेणु गोपालकृष्णन के नाम था। उन्होंने करीब एक करोड़ रुपये से थोड़ा कम कीमत में अपना फैंसी नंबर खरीदा था। लेकिन हरियाणा में हुई नवीनतम नीलामी ने वह रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया और एक नया इतिहास रच दिया। इस नई बोली ने स्पष्ट कर दिया कि जब बात शौक और प्रतिष्ठा की हो, तो कीमतें अक्सर अपनी सीमाएं पार कर जाती हैं।
नीलामी के संपन्न होने के बाद इस नंबर को खरीदने वाले व्यक्ति की पहचान भले ही सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन बोली प्रक्रिया के दौरान अधिकारी लगातार यह बताते रहे कि यह नंबर भारी प्रतिस्पर्धा में जीता गया है। यह भी चर्चा है कि यह नंबर किसी हाई-एंड कार, संभवतः एक लग्जरी सेडान या टॉप-टियर SUV पर लगेगा, जो पहले से ही ऊंचे ब्रांड मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में HR 88B8888 उस गाड़ी को एक नए स्तर की विशिष्टता प्रदान करेगा।
वाहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में फैंसी नंबरों की मांग बहुत तेज़ी से बढ़ी है। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और दक्षिण भारत के कुछ राज्य इस मामले में अग्रणी हैं जहां लोग लाखों रुपये सिर्फ एक आकर्षक नंबर के लिए खर्च कर देते हैं। इसके पीछे कई वजहें हैं। पहली वजह है व्यक्तिगत प्रतिष्ठा। कोई शख्स जब किसी महंगी कार के साथ एक दिलचस्प और अनोखा नंबर लेकर सड़क पर चलता है, तो यह एक तरह का अलग ही प्रभाव छोड़ता है। दूसरी वजह है कारोबारी महत्व। कुछ लोग ऐसे नंबरों को अपने बिजनेस की पहचान से जोड़ कर देखते हैं और मानते हैं कि यह उनके काम में तरक्की और स्थिरता लाता है।
तीसरी वजह शुद्ध शौक और लगाव है। कुछ लोग नंबरों की अनोखी श्रृंखला को संग्रह की तरह देखते हैं और जब कोई दुर्लभ नंबर सामने आता है, तो उसकी नीलामी में शामिल होकर उसे हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग अक्सर इस प्रकार की नीलामियों में सक्रिय रहते हैं और अपनी बोली से दूसरों को चकित भी कर देते हैं।
नीलामी के दौरान जिस तरह लोग एक-दूसरे से बोली में आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे, वह अपने-आप में रोमांचक था। विभाग के तकनीकी अधिकारी लगातार यह सुनिश्चित कर रहे थे कि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे। बोली पर पल-पल नजर रखी जा रही थी और सिस्टम को बिना किसी त्रुटि के संचालित किया जा रहा था। बोलीकर्ताओं के बीच जो प्रतिस्पर्धा थी उसने साफ कर दिया कि इस नंबर की मांग बेहद ऊंची थी। इसने आगे होने वाली नीलामियों के लिए भी एक नया टोन सेट कर दिया है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने मजाक में लिखा कि इतने पैसे में तो एक और कार खरीद ली जाती, वहीं कई लोगों ने इस बात को लग्जरी लाइफस्टाइल का हिस्सा बताते हुए कहा कि अगर किसी शख्स के पास बहुत पैसा है और वह इसे अपनी पसंद पर खर्च करना चाहता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है। कुछ उपयोगकर्ताओं ने यह भी साझा किया कि अंक 8 चीन और कई एशियाई समाजों में अत्यंत भाग्यशाली माना जाता है, और इसी संभावना के चलते यह नंबर इतना लोकप्रिय हुआ।
इस नीलामी का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने फैंसी नंबरों की बोली प्रक्रिया को बेहद आसान और व्यापक बना दिया है। पहले केवल वे लोग ऐसी प्रक्रियाओं में शामिल हो पाते थे जो आरटीओ कार्यालयों तक पहुंच सकते थे या जिनके पास इस काम के लिए समय होता था। लेकिन अब कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल या कंप्यूटर से इसमें हिस्सा ले सकता है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है, साथ ही विभाग की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हरियाणा जैसे राज्य में यह आय बुनियादी ढाँचों, रोड-प्रोजेक्ट्स और तकनीकी सुधारों के लिए महत्वपूर्ण योगदान देती है।
कुछ विशेषज्ञों ने यह भी अनुमान लगाया कि आने वाले वर्षों में इस प्रकार के नंबर की कीमतें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि युवा पीढ़ी लग्जरी आइटम्स और पर्सनल ब्रांडिंग को अधिक महत्व दे रही है। यदि कोई नया दुर्लभ कॉम्बिनेशन नीलामी में आता है, खासकर जो किसी शुभ अंक या अक्षर पर आधारित हो, तो उसकी बोली करोड़ों तक पहुंचना अब असामान्य नहीं माना जाएगा।
कुल मिलाकर HR 88B8888 की नीलामी न सिर्फ फैंसी नंबरों के बाजार में एक नया रिकॉर्ड लेकर आई है, बल्कि यह संकेत भी देती है कि भारत में लग्जरी संस्कृति और व्यक्तिगत ब्रांडिंग की धारणा तेजी से विकसित हो रही है। यह घटना उन सभी के लिए एक उदाहरण है जो मानते हैं कि पहचान की कीमत कभी-कभी सामान्य चीजों को भी असाधारण बना सकती है। वास्तव में, नंबर प्लेट जैसा साधारण समझा जाने वाला हिस्सा भी अब एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुका है जहां उसकी अपनी विशिष्ट कीमत, महत्व और प्रतिष्ठा है।
