अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन, जिन्हें भारत के प्रति गहरी प्रशंसा और मित्रता के लिए जाना जाता है, ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीति निर्णयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विशेष रूप से यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को दी गई धमकियों और टिप्पणियों पर रिएक्ट करते हुए कहा कि भारत जैसे मित्र देश के साथ अनावश्यक तनाव उत्पन्न करने की आवश्यकता नहीं है।

मैरी मिलबेन ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा भारत के सर्वोत्तम हित में कार्य करते रहे हैं और उनका उद्देश्य केवल भारतीय लोगों की भलाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को किसी भी विदेशी धमकी या टिप्पणी का तत्काल जवाब देने की आवश्यकता नहीं है और उन्हें केवल देश के दीर्घकालिक हित को ध्यान में रखकर कूटनीति करनी चाहिए।
ट्रंप पर प्रतिक्रिया और अमेरिका में समर्थन
मैरी मिलबेन ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के प्रति सम्मान रखते हैं, लेकिन उन्हें भारत के बारे में गलत सलाह दी जा रही है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के लिए प्रार्थना कर रही हैं ताकि वे सही निर्णय ले सकें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीएम मोदी को अमेरिका में कुछ अप्रासंगिक राजनीतिक हस्तियों, जैसे सीनेटर लिंडसे ग्राहम, पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मैरी मिलबेन ने कहा कि ऐसे लोग हमारे लिए अमेरिकी राजनीति में अप्रासंगिक हैं और भारत के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
भारत और अमेरिका के रिश्तों पर नजर
मैरी मिलबेन ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीति में नवंबर के मध्यावधि चुनाव के बाद नई परिस्थितियां उत्पन्न होंगी। यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण प्राप्त कर लेते हैं, तो अमेरिका की विदेश नीति में बदलाव आ सकता है और भारत जैसे मित्र देशों के साथ अनावश्यक तनाव कम किया जा सकता है।
उन्होंने आशा जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप और व्हाइट हाउस मध्यावधि चुनावों के परिणामों के बाद भारत के साथ मित्रवत संबंधों को बनाए रखेंगे और किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव में अनावश्यक विवाद नहीं पैदा करेंगे।
पीएम मोदी को संदेश
अपने पोस्ट के अंत में, मैरी मिलबेन ने प्रधानमंत्री मोदी को संदेश देते हुए लिखा कि वे आगे बढ़ते रहें और हमेशा भारत के सर्वोत्तम हित में काम करें। उन्होंने कहा कि मोदी को इसी दृष्टिकोण के लिए चुना गया है और उन्हें अपनी नीति पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
मैरी मिलबेन ने यह भी उल्लेख किया कि भारत में विपक्ष और कांग्रेस नेताओं द्वारा ट्रंप के बयानों का बहिष्कार करना या आलोचना करना स्वाभाविक है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी को देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
ट्रंप के हालिया बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर टैरिफ की धमकी दी और यह भी दावा किया कि भारत ने रूस से तेल खरीद में कटौती की है, जिससे अमेरिका नाराज है। इस बयान के बाद भारत में कांग्रेस के कई नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए।
इस पृष्ठभूमि में मैरी मिलबेन ने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इन धमकियों का जवाब व्यक्तिगत रूप से देने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, दीर्घकालिक रणनीति और देशहित को ध्यान में रखते हुए भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखनी चाहिए।
मैरी मिलबेन का भारत और पीएम मोदी के प्रति दृष्टिकोण
मैरी मिलबेन हमेशा से भारत की प्रशंसक रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के निर्णयों की स्पष्ट और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि मोदी का दृष्टिकोण लंबी अवधि की कूटनीति और वैश्विक रिश्तों को सुदृढ़ करने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे मित्र देशों के साथ तनाव पैदा करना वैश्विक स्थिरता के लिए हानिकारक हो सकता है।
उनकी टिप्पणी ने अमेरिकी राजनीति में भारत के प्रति मित्रवत दृष्टिकोण को और मजबूती दी है। मैरी मिलबेन की राय से यह भी स्पष्ट होता है कि अमेरिका में भारत के प्रति समर्थक दृष्टिकोण रखने वाले लोग मौजूद हैं, जो पीएम मोदी के नेतृत्व और नीति निर्णयों का समर्थन करते हैं।
