मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक भव्य संगीत महोत्सव ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। एम्स भोपाल के वार्षिक फेस्ट रेटिना 8.0 में देशभर से लोग आए और मशहूर गायक मोहित चौहान की मधुर आवाज़ का आनंद लिया। रेटिना फेस्टिवल का माहौल हमेशा ही विशेष होता है, लेकिन इस बार का अनुभव कुछ अलग ही था।

जब मोहित चौहान स्टेज पर “नादान परिंदे” गाने में डूबे हुए थे, तब अचानक उनके साथ एक अनहोनी घटना घटी। उनके पैर स्टेज लाइट फिटिंग से टकरा गए और संतुलन बिगड़ने से वे गिर पड़े। यह घटना इतने तेज़ी से हुई कि दर्शक भी केवल चौंक कर देख सकते थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में यह पल साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस हादसे में मोहित चौहान को कोई चोट नहीं आई और उन्होंने तुरंत अपनी परफॉर्मेंस को जारी रखा।
स्टेज हादसा और तत्काल प्रतिक्रिया
जैसे ही मोहित चौहान गिर पड़े, स्टेज पर हड़कंप मच गया। आयोजकों ने तत्काल गाना रोक दिया और सुरक्षा टीम तथा मेडिकल स्टाफ तुरंत उनकी ओर दौड़े। घटना कुछ सेकंड की थी, लेकिन उसकी प्रतिक्रिया बेहद पेशेवर और तेज़ थी। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि मेडिकल और इमरजेंसी इंतज़ाम पहले से ही मौजूद थे, जिसकी वजह से किसी बड़े हादसे को टाला जा सका।
इस घटना ने दर्शकों को भी惊 कर दिया। कुछ लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े, कुछ चिल्लाने लगे, और स्टाफ ने तुरंत मोहित की सुरक्षा सुनिश्चित की। वीडियो में देखा जा सकता है कि गिरने के बाद मोहित अपने पैर संभालते हुए फिर से गाने में जुट गए। इस घटना ने दर्शकों के बीच उनके प्रति और भी अधिक प्रशंसा और लगाव पैदा किया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अफवाहें
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गया और अफवाहें फैल गईं कि मोहित चौहान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, पुष्टि की गई कि मोहित किसी अस्पताल में भर्ती नहीं हुए और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग कह रहे थे कि गायक स्टेज पर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन वास्तविकता यह थी कि वे तुरंत अपने प्रदर्शन में लौट आए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने दर्शकों और प्रशंसकों को यह दिखाया कि मोहित चौहान की पेशेवर क्षमता कितनी उच्च है। इतनी बड़ी भीड़ और अचानक हुई घटना के बावजूद उन्होंने अपने प्रदर्शन को जारी रखा, जो उनके धैर्य और अनुभव को दर्शाता है।
मोहित चौहान का संगीतमय सफर
मोहित चौहान भारतीय संगीत उद्योग का एक जाना-माना नाम हैं। 11 मार्च 1966 को हिमाचल प्रदेश के नाहन, सिरमौर में जन्मे मोहित ने अपने करियर की शुरुआत ‘सिल्क रूट’ बैंड से की थी। हालांकि, उन्हें अपार लोकप्रियता 2007 में मिली, जब उन्होंने फिल्म ‘जब वी मेट’ के गीत “तुम से ही” के लिए अपनी आवाज़ दी। यह गीत उस साल का दूसरा सबसे अधिक बिकने वाला बॉलीवुड साउंडट्रैक बना, और मोहित चौहान रातोंरात स्टार बन गए।
इसके बाद उन्होंने ‘रॉकस्टार’ (2011), ‘तमाशा’ (2015), और ‘वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई’ (2010) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए अपनी आवाज़ दी। ‘रॉकस्टार’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर और ज़ी सिने पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। उनकी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति ने उन्हें भारतीय संगीत के क्षेत्र में एक अलग पहचान दी।
स्टेज पर पेशेवर व्यवहार और अनुभव
मोहित चौहान की इस घटना ने यह दिखा दिया कि एक पेशेवर कलाकार की मानसिक और शारीरिक तैयारी कितनी महत्वपूर्ण होती है। दर्शकों के सामने अचानक हुई घटना में भी उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी प्रस्तुति को जारी रखा। आयोजकों और सुरक्षा स्टाफ की तत्परता ने इस घटना को मामूली बना दिया। यह साबित करता है कि बड़े इवेंट्स में सुरक्षा और मेडिकल इंतज़ाम कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
भले ही यह घटना सेकंडों की थी, लेकिन इसका प्रभाव लंबे समय तक दर्शकों और संगीत प्रेमियों के मन में रहेगा। मोहित की इस पेशेवर रवैये ने उनके प्रशंसकों के बीच उनका सम्मान और बढ़ा दिया।
महोत्सव की सांगीतिक यात्रा और अनुभव
रेटिना 8.0 महोत्सव में मोहित चौहान की प्रस्तुति ने दर्शकों को एक अद्वितीय अनुभव दिया। उनकी आवाज़, गाने की ऊर्जा और स्टेज पर उनकी मौजूदगी ने पूरे महोत्सव को जीवंत बना दिया। हालांकि, यह घटना दर्शाती है कि जीवन में अचानक होने वाली अनहोनी घटनाओं के बावजूद पेशेवर धैर्य और तैयारी कितनी महत्वपूर्ण है।
इस प्रकार का अनुभव न केवल मोहित के लिए बल्कि दर्शकों के लिए भी यादगार बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने साबित किया कि मोहित चौहान सिर्फ एक गायक नहीं बल्कि एक पेशेवर कलाकार हैं, जो किसी भी परिस्थिति में अपने दर्शकों के लिए मंच पर सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करते हैं।
