मध्य प्रदेश ने कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी सशक्त पहचान को मजबूती से स्थापित किया है। राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यावसायिक पुष्प उत्पादन के माध्यम से वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। यह प्रदर्शनी न केवल फूलों की सुंदरता और विविधता का प्रदर्शन है, बल्कि यह किसानों की बढ़ती आय, ग्रामीण उद्यमिता के विस्तार और राज्य की आर्थिक प्रगति की जीवंत कहानी भी कहती है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मध्य प्रदेश आज देश के अग्रणी पुष्प उत्पादक राज्यों में शामिल हो चुका है और पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा राज्य बनने का गौरव प्राप्त कर चुका है। प्रदेश में उगाए जा रहे फूल अब पेरिस और लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों तक अपनी सुगंध और गुणवत्ता का संदेश पहुंचा रहे हैं। यह उपलब्धि वर्षों की योजनाबद्ध मेहनत, किसानों की लगन और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है।
पुष्प प्रदर्शनी: सौंदर्य, व्यवसाय और संभावना का संगम
भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी को मूल रूप से सीमित अवधि के लिए रखा गया था, लेकिन लोगों की भारी रुचि, किसानों और उद्यमियों की भागीदारी तथा बढ़ते उत्साह को देखते हुए इसकी अवधि तीन दिन के लिए बढ़ा दी गई। प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल दर्शनीय आयोजन भर नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से व्यावसायिक पुष्प खेती को प्रोत्साहित करना, नई तकनीकों से किसानों को परिचित कराना और उन्हें बाजार से सीधे जोड़ना है।
प्रदर्शनी स्थल पर रंग-बिरंगे फूलों की सजावट, विभिन्न प्रजातियों के गुलाब, ग्लैडियोलस, जर्बेरा, लिली और ऑर्किड जैसी किस्मों ने आगंतुकों को आकर्षित किया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश की जलवायु और मिट्टी पुष्प उत्पादन के लिए कितनी अनुकूल है और यदि सही दिशा मिले तो यह क्षेत्र किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत स्रोत बन सकता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का दृष्टिकोण: खेती से उद्यमिता की ओर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि किसान केवल कच्चा उत्पाद बेचने तक सीमित न रहें, बल्कि मूल्य संवर्धन और उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाएं। पुष्प उत्पादन इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। फूलों की खेती अपेक्षाकृत कम भूमि में अधिक आय देने वाली है और इसमें युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि पुष्प उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां जैसे नर्सरी प्रबंधन, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, परिवहन और निर्यात, ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्योगों को जन्म दे रही हैं। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ रही है, बल्कि गांवों में रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं, जिससे पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है।
मध्य प्रदेश का वैश्विक पुष्प मानचित्र पर उभार
प्रदेश के फूलों का पेरिस और लंदन जैसे शहरों तक पहुंचना केवल एक प्रतीकात्मक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह राज्य की कृषि क्षमता और गुणवत्ता मानकों की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति का संकेत है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश के लिए गुणवत्ता, निरंतर आपूर्ति और समयबद्ध डिलीवरी जैसे मानकों को पूरा करना आवश्यक होता है। मध्य प्रदेश के किसानों और उद्यानिकी विभाग ने इन चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे पर लगातार काम कर रही है। कोल्ड चेन नेटवर्क, आधुनिक पैक हाउस और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से फूलों की ताजगी और गुणवत्ता बनी रहती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा संभव हो पाती है।
किसानों की बढ़ती आय और बदलती जीवनशैली
पुष्प उत्पादन ने मध्य प्रदेश के कई किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव लाया है। पारंपरिक फसलों की तुलना में फूलों की खेती से मिलने वाली आय अधिक और नियमित है। इससे किसानों की जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। बेहतर आवास, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करने की क्षमता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया जा रहा है। पुष्प प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए, जिससे यह संदेश गया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनके प्रयासों को सम्मान देती है।
पुरस्कार वितरण और नवाचार को सम्मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। यह प्रतियोगिताएं पुष्प उत्पादन, सजावट, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ी थीं। पुरस्कार वितरण का उद्देश्य किसानों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें नई तकनीकों तथा बेहतर प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
साथ ही, उद्यानिकी विभाग द्वारा तैयार किए गए ब्रोशर का विमोचन भी किया गया, जिसमें पुष्प उत्पादन से जुड़ी योजनाओं, तकनीकों और बाजार संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है। इस ब्रोशर को किसानों और निवेशकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका के रूप में देखा जा रहा है।
उद्यानिकी पर केंद्रित लघु फिल्म: प्रेरणा का माध्यम
पुष्प प्रदर्शनी के दौरान प्रदेश में उद्यानिकी गतिविधियों पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इस फिल्म में किसानों की सफलता की कहानियां, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और सरकार की पहल को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। फिल्म ने यह दिखाया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद नवाचार और मेहनत से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
यह फिल्म विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी, जिन्होंने कृषि और उद्यानिकी को करियर के रूप में देखने की नई दृष्टि पाई।
पुष्प प्रदर्शनी का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी केवल एक कृषि आयोजन नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। फूल भारतीय संस्कृति में सौंदर्य, शुभता और उत्सव का प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में इस प्रदर्शनी ने लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील होने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने का अवसर भी दिया।
भोपाल जैसे शहर में इस तरह के आयोजन से शहरी और ग्रामीण समाज के बीच संवाद भी मजबूत होता है। शहरी उपभोक्ता किसानों के परिश्रम और उत्पादन प्रक्रिया को करीब से समझ पाते हैं, जबकि किसान बाजार की मांग और उपभोक्ताओं की पसंद को जान पाते हैं।
भविष्य की योजनाएं और संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले समय में पुष्प उत्पादन को और अधिक संगठित और तकनीक आधारित बनाया जाएगा। अनुसंधान, नई किस्मों का विकास और जलवायु के अनुरूप खेती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही, निर्यात बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और प्रमाणीकरण की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश को पुष्प उत्पादन का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाया जाए, जहां से न केवल फूल बल्कि उससे जुड़े उत्पाद और सेवाएं भी विश्व बाजार में पहचान बनाएं।
निष्कर्ष: खुशबू जो विकास की कहानी कहती है
भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी ने यह साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश की कृषि अब परंपरा और आधुनिकता का संतुलित संगम बन चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पुष्प उत्पादन एक ऐसी क्रांति का रूप ले रहा है, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की वैश्विक पहचान को भी मजबूत कर रहा है।
पेरिस और लंदन तक पहुंचती मध्य प्रदेश के फूलों की सुगंध केवल प्राकृतिक खुशबू नहीं है, बल्कि यह विकास, परिश्रम और संभावनाओं की सुगंध है, जो आने वाले समय में और भी दूर तक फैलने वाली है।
