मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ा तकनीकी परिवर्तन होने जा रहा है। राज्य का लोक निर्माण विभाग जल्द ही ‘लोकपथ एप-2’ लॉन्च करने जा रहा है, जिसे सड़क यात्रा को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह एप न केवल यात्रियों को मार्गदर्शन देगा, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकने, सड़क गुणवत्ता सुधारने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी माध्यम बनेगा।

प्रदेश सरकार की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक चुनौती बन चुकी हैं। हर वर्ष हजारों लोग ब्लैक स्पॉट्स यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में जान गंवाते हैं। लोकपथ एप-2 इसी समस्या को केंद्र में रखकर विकसित किया गया है, ताकि तकनीक के माध्यम से जान बचाई जा सके।
गूगल मैप्स से आगे की सोच
लोकपथ एप-2 को केवल एक नेविगेशन एप के रूप में विकसित नहीं किया गया है। इसका उद्देश्य गूगल मैप्स जैसे एप्स को सीधी चुनौती देना नहीं, बल्कि उनसे आगे जाकर सुरक्षा-केंद्रित समाधान देना है। जहां सामान्य मैप एप केवल रास्ता दिखाते हैं, वहीं लोकपथ एप-2 रास्ते की गुणवत्ता, खतरे की संभावनाएं और प्रशासनिक जानकारी भी देता है।
इस एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जैसे ही कोई वाहन ब्लैक स्पॉट के करीब पहुंचेगा, ड्राइवर को ऑडियो अलर्ट मिलेगा। यह अलर्ट उसे सतर्क करेगा कि आगे दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, जिससे चालक पहले से ही अपनी गति नियंत्रित कर सके और सावधानी बरत सके।
ब्लैक स्पॉट अलर्ट से जान बचाने की पहल
मध्य प्रदेश के कई हाईवे और स्टेट रोड्स पर ऐसे ब्लैक स्पॉट मौजूद हैं, जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती रही हैं। लोकपथ एप-2 में इन सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का डिजिटल मैप तैयार किया गया है। जैसे ही कोई वाहन इन क्षेत्रों में प्रवेश करेगा, एप स्वतः चेतावनी जारी करेगा।
यह अलर्ट केवल विजुअल नहीं बल्कि ऑडियो फॉर्म में होगा, जिससे रात के समय या खराब मौसम में भी चालक को स्पष्ट सूचना मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर अकेले ही सड़क दुर्घटनाओं को बड़ी संख्या में कम कर सकता है।
धार्मिक स्थलों और आपात सेवाओं की पूरी जानकारी
लोकपथ एप-2 को यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस एप में प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की लोकेशन, पहुंच मार्ग और आसपास की सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध होगी। इसके अलावा अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, पुलिस थाने, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवाओं की जानकारी भी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी।
यदि किसी यात्री को अचानक मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़े, तो वह बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल या सहायता केंद्र तक पहुंच सकेगा। यह सुविधा खासतौर पर लंबी दूरी के यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद उपयोगी साबित होगी।
सड़क गुणवत्ता पर सीधी नागरिक भागीदारी
लोकपथ एप-2 केवल यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक निगरानी का भी एक सशक्त उपकरण है। इस एप के जरिए आम नागरिक सीधे सड़क की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। यदि कहीं गड्ढे हैं, सड़क धंस गई है या निर्माण कार्य में लापरवाही है, तो उसकी फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत की जा सकेगी।
इससे लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित अधिकारी को सूचना मिलेगी और समाधान की समयसीमा भी तय की जाएगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता और जन-भागीदारी का एक मजबूत उदाहरण मानी जा रही है।
तकनीक और प्रशासन का अनूठा संगम
लोकपथ एप-2 का विकास गुजरात के प्रतिष्ठित भास्कराचार्य संस्थान के तकनीकी सहयोग से किया गया है। इसे देश में किसी भी राज्य सरकार द्वारा विकसित अपनी तरह का पहला व्यापक रोड सेफ्टी और रोड मैनेजमेंट एप माना जा रहा है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की पहल पर शुरू हुई इस परियोजना का उद्देश्य केवल डिजिटल नवाचार नहीं, बल्कि सड़कों की वास्तविक स्थिति को बेहतर बनाना है। एप में प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और प्रमुख जिला मार्गों का अपडेटेड और विस्तृत डाटा उपलब्ध रहेगा।
मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण
लोकपथ एप-2 का औपचारिक लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह एप मध्य प्रदेश को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह एप भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।
डिजिटल इंडिया के विजन से जुड़ा कदम
लोकपथ एप-2 डिजिटल इंडिया और स्मार्ट गवर्नेंस की अवधारणा को जमीनी स्तर पर लागू करता है। यह तकनीक को केवल सुविधा नहीं, बल्कि जीवन रक्षक साधन के रूप में प्रस्तुत करता है। सरकार का फोकस अब केवल सड़क निर्माण पर नहीं, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और अनुभव पर भी है।
भविष्य की योजनाएं
सरकारी सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में लोकपथ एप-2 में रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट, मौसम आधारित अलर्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दुर्घटना पूर्वानुमान जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं। इससे यह एप और अधिक स्मार्ट और उपयोगी बन जाएगा।
निष्कर्ष
लोकपथ एप-2 मध्य प्रदेश में सड़क यात्रा की परिभाषा बदलने की क्षमता रखता है। यह एप दिखाता है कि यदि तकनीक, प्रशासन और नागरिक एक साथ आएं, तो सड़कें केवल रास्ते नहीं बल्कि सुरक्षित यात्रा का भरोसा बन सकती हैं। हरिगीत प्रवाह के पाठकों के लिए यह खबर सिर्फ एक तकनीकी अपडेट नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य की झलक है।
