टेलीविजन की दुनिया में कुछ किरदार ऐसे होते हैं, जो समय के साथ सिर्फ लोकप्रिय नहीं रहते, बल्कि दर्शकों की जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। छोटे पर्दे पर बबीता जी के नाम से पहचानी जाने वाली मुनमुन दत्ता भी उन्हीं चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं। सालों से एक ही शो में नज़र आने के बावजूद उनकी पर्सनालिटी, खूबसूरती और बेबाक अंदाज़ दर्शकों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र बना रहा है। हाल के दिनों में मुनमुन दत्ता एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई नया प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उनकी शादी और निजी सोच से जुड़ी बातें हैं।

38 साल की उम्र में भी मुनमुन दत्ता अपनी फिटनेस, आत्मविश्वास और सोच को लेकर लाखों लोगों के लिए मिसाल बनी हुई हैं। उन्होंने हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान अपनी लव लाइफ, शादी को लेकर नजरिए और पसंद-नापसंद पर खुलकर बात की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
शादी को लेकर मुनमुन दत्ता का नजरिया
मुनमुन दत्ता ने बातचीत के दौरान साफ कहा कि वह प्यार की भावना में यकीन रखती हैं, लेकिन शादी को लेकर उनके मन में कोई जल्दबाज़ी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह उन लोगों में से नहीं हैं, जिनका बचपन से यह सपना रहा हो कि शादी कब और कैसी होनी चाहिए। उनके लिए शादी कोई सामाजिक दबाव नहीं, बल्कि एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जो तभी होगी जब उनकी किस्मत और परिस्थितियां इसकी इजाजत देंगी।
उनका कहना है कि अगर शादी उनकी ज़िंदगी में लिखी होगी, तो वह अपने आप हो जाएगी। वह सिर्फ इसलिए शादी नहीं करना चाहतीं क्योंकि समाज या उम्र ऐसा कहती है। इस सोच ने कई लोगों का ध्यान खींचा, खासकर उन महिलाओं का जो आज भी शादी को लेकर सामाजिक अपेक्षाओं के बोझ से जूझती हैं।
बबीता जी को कैसा जीवनसाथी चाहिए
जब उनसे पूछा गया कि वह किस तरह के लड़के को पसंद करती हैं, तो मुनमुन दत्ता ने बिना किसी झिझक के अपनी पसंद साझा की। उनके अनुसार, लड़का अच्छा दिखने वाला हो, समझदार हो और उसके पास आर्थिक स्थिरता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स उनके लिए बहुत मायने रखती हैं, क्योंकि रिश्ते संवाद से ही मजबूत होते हैं।
मुनमुन ने साफ शब्दों में कहा कि वह बनावटी बातें करने वालों में से नहीं हैं। उन्हें ईमानदारी पसंद है और वह भी अपने रिश्तों में पूरी सच्चाई रखती हैं। यही वजह है कि वह अपने पार्टनर से भी वही उम्मीद करती हैं।
कोरियन एक्टर्स पर क्यों आया क्रश
इस बातचीत का सबसे ज्यादा वायरल हिस्सा तब बना, जब मुनमुन दत्ता ने यह स्वीकार किया कि उन्हें इन दिनों कोरियन एक्टर्स काफी पसंद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरियन कलाकारों की पर्सनालिटी, उनका स्टाइल और उनका व्यवहार उन्हें आकर्षित करता है।
आज के दौर में कोरियन कंटेंट, खासकर ड्रामा और फिल्मों का असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। मुनमुन दत्ता भी इससे अछूती नहीं रहीं। उन्होंने इसे बिल्कुल सामान्य पसंद बताया और कहा कि आकर्षण होना कोई गलत बात नहीं है।
क्या विदेशी लड़के से शादी करेंगी मुनमुन दत्ता
जब उनसे सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या वह किसी विदेशी से शादी कर सकती हैं, तो उनका जवाब काफी चर्चा में आ गया। मुनमुन दत्ता ने कहा कि उन्हें विदेशी लोगों के साथ बॉन्डिंग बनाने में आसानी महसूस होती है। उनके अनुसार, विदेशी लोग अलग-अलग देशों में रहने और अलग संस्कृतियों को देखने के कारण ज्यादा खुले विचारों वाले होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैवलिंग इंसान की सोच को व्यापक बनाती है और यही वजह है कि कई विदेशी पुरुष महिलाओं के साथ ज्यादा सम्मानजनक व्यवहार करते हैं। मुनमुन का मानना है कि इस बात से कई भारतीय महिलाएं भी सहमत होंगी।
भारतीय और विदेशी सोच के फर्क पर राय
मुनमुन दत्ता ने बहुत संतुलित तरीके से यह बात रखी कि उन्होंने सभी भारतीय पुरुषों को एक जैसा नहीं बताया, बल्कि यह कहा कि अलग-अलग संस्कृतियों में पले-बढ़े लोगों की सोच अलग होती है। विदेशी लोग जहां पैदा होते हैं, जरूरी नहीं कि वहीं रहें, और यही अनुभव उनकी सोच को परिपक्व बनाता है।
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर बहस का विषय भी बना, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी ईमानदारी और खुले विचारों की सराहना की।
मेल फ्रेंड्स से मिलने वाली तारीफों पर खुलकर बोलीं
एक पुराने इंटरव्यू का जिक्र करते हुए मुनमुन दत्ता ने यह भी बताया था कि उनके मेल फ्रेंड्स उनकी खुलकर तारीफ करते थे और उन्हें यह अच्छा लगता था। उन्होंने इसे आत्मविश्वास से जोड़कर देखा और कहा कि जब लोग आपकी मेहनत, व्यक्तित्व या लुक्स की तारीफ करते हैं, तो वह स्वाभाविक रूप से अच्छा लगता है।
उन्होंने यह भी कहा था कि शादी से पहले वह अपने करियर पर पूरा फोकस करना चाहती थीं और इसी वजह से उन्होंने निजी ज़िंदगी को कभी जल्दी में नहीं लिया।
उम्र, खूबसूरती और आत्मनिर्भरता का संदेश
38 साल की उम्र में भी मुनमुन दत्ता जिस आत्मविश्वास से अपनी बातें रखती हैं, वह आज के दौर में कई महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने यह साबित किया है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और ज़िंदगी को अपने तरीके से जीने का हक हर इंसान को है।
उनकी फिटनेस, सोच और करियर के प्रति समर्पण यह दिखाता है कि किसी महिला की पहचान सिर्फ उसकी शादी से नहीं होती।
