भारतीय राजनीति में हमेशा ही भावनाओं और विवादों की भरमार रही है, लेकिन हाल ही में पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी, नवजोत कौर सिद्धू, ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। नवजोत कौर ने सीधे तौर पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें “पप्पू” कह दिया और पार्टी की कार्यप्रणाली की जमकर आलोचना की। उनकी यह टिप्पणियाँ सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

नवजोत कौर ने अपने एक्स ट्विटर अकाउंट के माध्यम से कई ट्वीट्स किए और इसमें उन्होंने न केवल राहुल गांधी पर सवाल उठाए, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की भी प्रशंसा की। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए कि कैसे BJP ने उनके टैलेंट को पहचाना और 2012 में उन्हें MLA टिकट दिया। उनके मुताबिक, उस समय उन्हें बिना किसी बाहरी दबाव के ईमानदारी और मेहनत के साथ काम करने का अवसर मिला।
बीजेपी की प्रशंसा और कांग्रेस की आलोचना
नवजोत कौर ने बताया कि बीजेपी में उन्हें अपने काम के लिए पूरा स्वतंत्रता और सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने हॉस्पिटल में काम करते समय CPS हेल्थ में अपने डॉक्टर होने के नाते लोगों की मदद की और काम करने की पूरी आज़ादी पाई। इसके विपरीत, उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्हें जमीनी हकीकत समझने का समय नहीं है और वे केवल अपनी बनाई हुई दुनिया में रहना पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह नहीं पता कि लोग, जो मेहनत और ईमानदारी से काम करते हैं, उनके लिए समय नहीं दे सकते। नवजोत कौर ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति की भी आलोचना की और कहा कि पार्टी में कई भ्रष्ट नेता सम्मानित किए जाते हैं, जबकि ईमानदार और मेहनती लोगों की इज़्ज़त नहीं होती।
राहुल गांधी को “पप्पू” कहकर किया निशाना
नवजोत कौर ने सीधे तौर पर कहा कि राहुल गांधी ने आखिरकार अपने नाम पर “पप्पू” का मुहर लगा ही दी है। उनका यह तंज स्पष्ट करता है कि वे कांग्रेस की वर्तमान नेतृत्व शैली से असंतुष्ट हैं। नवजोत कौर ने लिखा कि राहुल गांधी अपने सर्कल के अंदर काम करने वाले लोगों के इशारे पर निर्णय लेते हैं और असली जमीनी हकीकत को कभी नहीं समझ पाते। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के तथाकथित समर्थक केवल अपनी जेबें भरने में लगे हैं और निस्वार्थ सेवा के लिए तैयार नहीं हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी अपने समर्थकों से पूछते हैं कि वे ईमानदारी से पंजाब के लिए काम करने के लिए तैयार हैं या नहीं। नवजोत कौर ने साफ कहा कि उनका समय और ऊर्जा केवल पंजाब की भलाई के लिए है, न कि कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में उलझने के लिए।
कांग्रेस का कड़ा कदम: पार्टी से निकाला गया
नवजोत कौर सिद्धू के लगातार हमले और आलोचना के बाद कांग्रेस ने पार्टी से उन्हें निकालने का औपचारिक निर्णय लिया। इस निर्णय की पुष्टि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की। उन्होंने बताया कि नवजोत कौर पहले से ही निलंबित स्थिति में थीं, लेकिन अब पार्टी ने उनके खिलाफ औपचारिक कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह से बाहर कर दिया है।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है और पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निर्णय कांग्रेस की सख्त नीति और संगठनात्मक अनुशासन को दर्शाता है।
नवजोत कौर की राजनीति और भविष्य
नवजोत कौर सिद्धू ने अपने ट्वीट्स में यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल पंजाब के लोगों के लिए काम करना है। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर गहरी असंतोष जताई और कहा कि वह बिना किसी राजनीतिक लाभ के लोगों के लिए काम करना पसंद करती हैं। उनके द्वारा की गई यह टिप्पणी भारतीय राजनीति में महिलाओं और सक्रिय नेताओं की भूमिका पर भी एक गंभीर बहस को जन्म देती है।
नवजोत कौर ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में वह अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखने की योजना बना सकती हैं, जहां उनका फोकस केवल जनता की भलाई और ईमानदार सेवा पर होगा। उनके इस कदम ने राजनीतिक पर्यावरण में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और कांग्रेस के भीतर भी नेतृत्व और अनुशासन की चर्चा तेज हो गई है।
