साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कई प्रेम कहानियां आईं और चली गईं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो वक्त गुजरने के बाद भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बने रहते हैं। कोरियोग्राफर, डांसर और निर्देशक प्रभु देवा और मशहूर अभिनेत्री नयनतारा का रिश्ता भी उन्हीं कहानियों में से एक है। यह रिश्ता सिर्फ दो सितारों के बीच का निजी मामला नहीं रहा, बल्कि यह समाज, परंपरा, निजी फैसलों और करियर की कीमत से जुड़ी एक बड़ी बहस बन गया।

एक समय था जब यह माना जाने लगा था कि नयनतारा और प्रभु देवा की शादी तय है और दोनों साथ जिंदगी बिताने जा रहे हैं। लेकिन अचानक इस रिश्ते के टूटने की खबर ने सबको चौंका दिया। सवाल यह नहीं था कि रिश्ता टूटा क्यों, बल्कि यह था कि जब सब कुछ छोड़ने को तैयार नयनतारा भी पीछे हट गईं, तो आखिर ऐसी कौन सी शर्तें थीं जिन्होंने इस प्रेम कहानी को अधूरा बना दिया।
प्रभु देवा की निजी जिंदगी की शुरुआती कहानी
प्रभु देवा का नाम साउथ सिनेमा में केवल उनके डांस और कोरियोग्राफी के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही है। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने लता नाम की महिला से शादी की थी, जिन्हें पहले रामलथ के नाम से जाना जाता था। लता खुद एक डांसर थीं और प्रभु देवा से शादी करने के लिए उन्होंने न केवल अपना नाम बदला, बल्कि धर्म भी बदल लिया।
प्रभु देवा का परिवार पारंपरिक हिंदू विचारधारा से जुड़ा हुआ था और इस शादी को लेकर शुरुआत में काफी विरोध भी हुआ। बावजूद इसके, प्रभु देवा अपने फैसले पर अडिग रहे और परिवार की मौजूदगी के बिना दोनों ने विवाह कर लिया। समय के साथ हालात सामान्य हुए और लता ने पूरी तरह नए जीवन को अपनाने की कोशिश की।
परिवार, बच्चे और एक बड़ा दुख
शादी के बाद प्रभु देवा का करियर तेजी से ऊंचाइयों पर पहुंचता गया। वह साउथ इंडस्ट्री के सबसे बड़े डांसर और कोरियोग्राफर के रूप में स्थापित हो चुके थे। इस बीच उनके और लता के तीन बच्चे हुए। परिवार के लिए यह समय खुशियों से भरा हुआ लग रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
उनकी बड़ी बेटी को कम उम्र में कैंसर हो गया और इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को भीतर तक झकझोर दिया। कहा जाता है कि इस हादसे के बाद प्रभु देवा और लता के रिश्ते में पहले जैसी गर्माहट नहीं रह गई। दोनों अपने-अपने तरीके से इस दर्द से जूझ रहे थे और यहीं से रिश्ते में दरारें पड़ने लगीं।
फिल्म की शूटिंग और नयनतारा से नजदीकियां
इसी दौर में प्रभु देवा और अभिनेत्री नयनतारा की मुलाकात एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई। नयनतारा उस समय साउथ सिनेमा की टॉप अभिनेत्रियों में शामिल थीं। उनकी लोकप्रियता और अभिनय की तारीफ हर तरफ थी। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता धीरे-धीरे दोस्ती से आगे निकल गया।
जब इस रिश्ते की खबरें बाहर आईं, तो इंडस्ट्री में हलचल मच गई। गॉसिप कॉलम में प्रभु देवा और नयनतारा की चर्चा सबसे ऊपर रहने लगी। यह अफेयर इसलिए भी ज्यादा विवादित था क्योंकि प्रभु देवा उस समय शादीशुदा थे।
लता का दर्द और कानूनी लड़ाई
जब लता को इस रिश्ते की सच्चाई का पता चला, तो वह मानसिक रूप से टूट गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नयनतारा ने प्रभु देवा का नाम अपने हाथ पर टैटू के रूप में भी बनवाया था, जिससे विवाद और गहरा गया। यह मामला सिर्फ निजी नहीं रहा, बल्कि कानूनी मोड़ भी ले गया।
लता ने इस पूरे मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। इस संघर्ष के दौरान प्रभु देवा का परिवार खुलकर लता के समर्थन में खड़ा रहा। मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा और अंततः प्रभु देवा और लता का तलाक हो गया।
तलाक और भारी भरकम समझौता
तलाक के बाद प्रभु देवा ने लता को बड़ा गुजारा भत्ता दिया। रिपोर्ट्स में इस रकम को करीब 100 करोड़ रुपये बताया गया। बच्चे अपनी मां के साथ रहने लगे, हालांकि प्रभु देवा को उनसे मिलने की अनुमति दी गई। इस तलाक ने प्रभु देवा की छवि और निजी जीवन दोनों पर गहरा असर डाला।
इसी बीच नयनतारा और प्रभु देवा के रिश्ते को लेकर यह माना जाने लगा कि अब दोनों शादी करने वाले हैं। नयनतारा ने खुलकर प्रभु देवा का साथ दिया और कई मौकों पर यह जताया कि वह इस रिश्ते को पूरी तरह अपनाने के लिए तैयार हैं।
शादी से पहले रखी गईं तीन अहम शर्तें
जब शादी की बात आगे बढ़ी, तो कहा जाता है कि प्रभु देवा ने नयनतारा के सामने कुछ शर्तें रखीं। इनमें पहली शर्त धर्म परिवर्तन से जुड़ी थी। दूसरी शर्त यह थी कि नयनतारा प्रभु देवा के बच्चों को पूरी तरह अपनाएं और उनके साथ मां जैसा रिश्ता निभाएं। तीसरी और सबसे अहम शर्त थी कि नयनतारा फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दें और अभिनय से दूरी बना लें।
बताया जाता है कि नयनतारा पहली दो शर्तों पर विचार करने को तैयार थीं। उन्होंने अपने रिश्ते को बचाने और शादी के लिए कई समझौते करने की कोशिश की। लेकिन जब बात उनके करियर को पूरी तरह छोड़ने की आई, तो यहीं पर उन्होंने खुद को रोक लिया।
करियर बनाम रिश्ता
नयनतारा उस समय अपने करियर के शिखर पर थीं। उन्होंने सालों की मेहनत से अपनी पहचान बनाई थी और अभिनय उनके लिए सिर्फ काम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का जरिया था। अभिनय छोड़ने का मतलब था अपनी पहचान को पीछे छोड़ देना।
यहीं पर यह रिश्ता टूट गया। नयनतारा ने यह फैसला लिया कि वह अपने करियर से समझौता नहीं करेंगी। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने आत्मसम्मान और भविष्य को प्राथमिकता दी।
अलग-अलग रास्तों पर बढ़ते कदम
रिश्ता टूटने के बाद दोनों ने अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला किया। नयनतारा ने बाद में निर्देशक विग्नेश शिवन से शादी की और अपने निजी जीवन को एक नई शुरुआत दी। वहीं प्रभु देवा की जिंदगी में उनकी फिजियोथेरेपिस्ट हिमानी सिंह आईं। इलाज के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और साल 2020 में दोनों ने शादी कर ली।
इस शादी से प्रभु देवा एक बेटी के पिता बने और उन्होंने भी अपनी जिंदगी को नई दिशा देने की कोशिश की।
आज भी क्यों जिंदा है यह कहानी
भले ही यह रिश्ता सालों पहले खत्म हो चुका हो, लेकिन आज भी यह कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है। इसकी वजह यह है कि यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं थी, बल्कि इसमें त्याग, शर्तें, करियर और निजी फैसलों की गहरी परतें जुड़ी हुई थीं।
नयनतारा और प्रभु देवा की यह कहानी यह दिखाती है कि प्यार में भी हर समझौता संभव नहीं होता। कभी-कभी खुद की पहचान और आत्मसम्मान को बचाना, किसी रिश्ते से ज्यादा जरूरी हो जाता है।
