भारत एक तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था है जहां रोजगार के स्वरूप पहले जैसे नहीं रहे। पहले स्थायी नौकरी और लंबे समय तक एक ही संगठन में काम करने की परंपरा आम थी। लेकिन आज का दौर कौशल-आधारित, प्रोजेक्ट-आधारित और गिग इकॉनॉमी का है, जहां कर्मचारी कुछ महीनों से लेकर 1-2 वर्ष के लिए निश्चित अवधि की नौकरियों को अपनाते हैं। ऐसे में पुराने श्रम कानून, विशेषकर ग्रेच्युटी जैसे प्रावधान, बदलते समय की माँगों को पूरा करने में असमर्थ हो चुके थे।
ऐसे माहौल में भारत सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ग्रेच्युटी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को 5 वर्षों से घटाकर 1 वर्ष कर दिया है, जो नियमित स्थायी कर्मचारियों की तरह ही अब फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों (Fixed Term Employees – FTEs) पर लागू होगा।

यह बदलाव 21 नवंबर 2025 को घोषित किए गए नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) के अंतर्गत लागू होगा, जो 29 पुराने अलग-अलग श्रम कानूनों की जगह एक समन्वित और आधुनिक व्यवस्था लाने जा रहे हैं।
ग्रेच्युटी की नई परिभाषा: अब आभार का भाव, न कि इंतजार का बोझ
ग्रेच्युटी वह राशि है जो किसी भी संगठन द्वारा कर्मचारी को उसकी सेवा के प्रति आभार के रूप में दी जाती है—
✔ सेवानिवृत्ति पर
✔ इस्तीफे पर
✔ या सेवा समाप्ति की स्थिति में
पहले ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल की निरंतर सेवा पूरी करना अनिवार्य था। इस नियम के कारण करोड़ों ऐसे कर्मचारी बगैर ग्रेच्युटी के नौकरी छोड़ देते थे, जो थोड़े समय के लिए कंपनियों में काम करते हैं। नई व्यवस्था में —
➡ सिर्फ 1 वर्ष कार्य करने वाले फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को भी अब ग्रेच्युटी का पूरा लाभ मिलेगा
➡ भुगतान उसी फॉर्मूले से होगा जो स्थायी कर्मियों पर लागू होता है
➡ इसके साथ ही Leave, Medical Benefits और Social Security में भी समानता लागू होगी
सरकार का यह कदम फिक्स्ड टर्म और स्थायी कर्मचारियों के बीच समान अधिकार सुनिश्चित करता है।
क्यों आवश्यक था यह बदलाव?
भारत में असंगठित और अस्थायी रोजगार का दायरा बहुत बड़ा है।
● कुल कार्यबल का 90% हिस्सा किसी न किसी रूप में असंगठित श्रेणी में आता है
● गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है
● युवा अक्सर नौकरी बदलते रहते हैं
जिसके कारण —
❌ 5 साल पूरी न कर पाने से लाखों कर्मचारी ग्रेच्युटी लाभ से वंचित
❌ कंपनियाँ कॉन्ट्रैक्चुअल रोजगार को प्राथमिकता देती थीं
❌ नौकरी की सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ता था
अब नई व्यवस्था —
✔ सीधी नियुक्ति को बढ़ावा देगी
✔ वित्तीय सुरक्षा बढ़ाएगी
✔ बेहतर टैलेंट रिटेंशन में सहायता करेगी
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
इस बड़े फैसले का सीधा लाभ इन सभी को होगा —
● Fixed Term Employees
● Contract-based workers (यदि FTE प्रावधान में परिवर्तित)
● Gig workers
● Platform workers
● Informal workers
● Women employees
● Migrant labourers
सरकार का उद्देश्य है —
➡ हर कर्मचारी को सामाजिक सुरक्षा मिले
➡ श्रम अधिकारों की असमानता समाप्त हो
➡ भारत की श्रम नीतियाँ वैश्विक मानकों के अनुरूप बनें
पुरानी और नई प्रणाली में बड़ा अंतर
| प्रावधान | पुराने नियम | नए श्रम कानून |
|---|---|---|
| ग्रेच्युटी पात्रता | 5 वर्ष निरंतर सेवा | 1 वर्ष सेवा (FTE) |
| कर्मचारियों की सुरक्षा | सीमित | अधिक और व्यापक |
| गिग वर्कर्स अधिकार | स्पष्ट नहीं | स्पष्ट सुरक्षा कवच |
| कॉन्ट्रैक्ट वर्क | अत्यधिक उपयोग | कंपनियाँ अब FTE को प्राथमिकता देंगी |
| Employer Compliance | जटिल और बिखरा | सरल और एकीकृत |
कैसे मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ?
FTE कर्मचारी अपनी सेवा अवधि के आधार पर सरकार द्वारा निर्धारित गणना फ़ॉर्मूले से ग्रेच्युटी प्राप्त करेंगे। सरल भाषा में —
- कर्मचारी जितने दिन काम करेगा
- उसी अनुपात में ग्रेच्युटी निर्धारित होगी
अब नौकरी बदलना किसी के भविष्य को अस्थिर नहीं करेगा।
रोजगार बाजार पर बड़ा प्रभाव
यह फैसला भारतीय श्रम बाजार के स्वरूप में बड़ा बदलाव लाएगा —
- कंपनियाँ अब कॉन्ट्रैक्ट की जगह फिक्स्ड-टर्म नियुक्ति देंगी
- युवाओं में सरकारी और निजी नौकरी के बीच असमानता घटेगी
- गिग सेक्टर को अधिकार और प्रतिष्ठा दोनों मिलेंगे
- महिलाओं की नौकरी सुरक्षा और मातृत्व लाभ बढ़ेगा
विशेषज्ञों की मानें तो —
“यह फैसला रोजगार में लचीलापन और सुरक्षित भविष्य दोनों को संतुलित करता है।”
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर युवाओं और कर्मचारियों ने इस फैसले को बड़ा कदम, युगांतकारी सुधार और आशा की नई किरण बताया है। एक आईटी प्रोफेशनल का बयान —
“हम प्रोजेक्ट आधारित काम करते हैं, हर साल नौकरी बदल जाती है। अब हमारी मेहनत का सम्मान मिलेगा।”
विपक्ष और श्रम संगठनों की राय
कुछ संगठनों का मानना है कि —
- ग्रेच्युटी लाभ पर भी कंपनियाँ बचत के उपाय निकाल सकती हैं
- अन्य लाभ भी 1 वर्ष पर लागू हों
लेकिन अधिकांश श्रमिक संघ इस सुधार का स्वागत कर रहे हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था को लाभ
यह कदम —
✔ रोजगार सृजन बढ़ाएगा
✔ श्रमिक उत्पादकता सुधारेगा
✔ पारदर्शिता में इजाफा करेगा
✔ विदेशी निवेश बढ़ाएगा (Ease of Doing Business में सुधार)
भारत अब वैश्विक बाजार में और प्रतिस्पर्धी बनेगा।
निष्कर्ष
नए श्रम कानून ग्रेच्युटी ने भारत के करोड़ों कर्मचारियों को नई उम्मीद दी है।
अब नौकरी चाहे एक वर्ष की हो या पाँच वर्षों की —
👉 हर कर्मचारी की सेवा का मूल्य होगा
👉 हर कर्मचारी को सम्मान मिलेगा
👉 हर कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित होगा
यह केवल कानून नहीं, नौकरी की दुनिया में एक नई क्रांति है।
