सरकारी पेंशन व्यवस्था देश के लाखों परिवारों के जीवन का एक महत्वपूर्ण आधार है। यह सिर्फ एक आर्थिक सहायता नहीं बल्कि जीवनभर की सेवा का सम्मान भी है। लेकिन हाल ही में केंद्र सरकार ने इसमें एक बड़ा बदलाव किया है, जो खासकर मृत सरकारी कर्मचारियों के माता-पिता को प्रभावित करेगा।

सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं कि पेंशन केवल पात्र व्यक्तियों को ही मिले और कोई फर्जी भुगतान न हो। अब माता-पिता को हर साल नवंबर माह में अपना जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
नया नियम क्या कहता है?
Department of Pension & Pensioners’ Welfare (DoPPW) ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है और उसके पति/पत्नी या बच्चे नहीं हैं, तो माता-पिता को फैमिली पेंशन मिलेगी।
नए नियम के अनुसार:
- अगर दोनों माता-पिता जीवित हैं, तो उन्हें कुल पेंशन का 75% मिलेगा।
- अगर एक की मृत्यु हो जाती है, तो जीवित माता-पिता को 60% पेंशन मिलेगी।
- अगर माता-पिता में से कोई एक गुजर जाता है, तो अगले वर्ष से पेंशन स्वतः 60% पर समायोजित हो जाएगी।
पहले यह प्रणाली पूरी तरह भरोसे पर आधारित थी। कई मामलों में ऐसा हुआ कि एक अभिभावक के निधन की सूचना विभाग तक नहीं पहुंची और पेंशन उसी अनुपात में चलती रही। इससे सरकार को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता था, जिसे बाद में रिकवर करना मुश्किल होता था।
इसी समस्या को खत्म करने के लिए अब सरकार ने नया सख्त प्रावधान लागू किया है।
क्यों जरूरी हुआ यह बदलाव?
सरकार के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य है —
- धोखाधड़ी और गलत भुगतान को रोकना।
- पेंशन सिस्टम को पारदर्शी बनाना।
- सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित करना।
कई बार यह देखा गया है कि मृत पेंशनधारी के परिजन पेंशन लेते रहते हैं जबकि पात्रता समाप्त हो चुकी होती है। इस स्थिति से निपटने के लिए अब जीवन प्रमाण पत्र देना हर साल जरूरी होगा।
सरकार का मानना है कि डिजिटल इंडिया के युग में यह प्रक्रिया बेहद सरल हो चुकी है और हर बुजुर्ग व्यक्ति बिना किसी परेशानी के यह कार्य कर सकता है।
जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) कैसे जमा करें?
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के तीन आसान तरीके हैं:
1️⃣ जीवन प्रमाण ऐप (Jeevan Pramaan App):
- मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें।
- चेहरे की पहचान (Face Authentication) या बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट से सत्यापन करें।
- प्रमाण पत्र स्वतः सरकार के सर्वर पर अपडेट हो जाएगा।
2️⃣ बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर:
- पेंशनधारी अपने नजदीकी बैंक शाखा या पोस्ट ऑफिस में जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करवा सकते हैं।
- अधिकारी मौके पर ही प्रमाण पत्र सबमिट कर देंगे।
3️⃣ घर बैठे सेवा:
- बुजुर्गों के लिए सरकार ने Doorstep Jeevan Pramaan Service शुरू की है।
- स्थानीय पोस्टमैन या CSC केंद्र से यह सुविधा ली जा सकती है।
क्या होगा अगर प्रमाण पत्र नहीं दिया?
अगर 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया, तो दिसंबर से पेंशन रोक दी जाएगी।
हालांकि, प्रमाण पत्र जमा करने के बाद पेंशन फिर से शुरू हो जाएगी, लेकिन रुके हुए समय का भुगतान नहीं मिलेगा।
यह नियम सभी पेंशनर्स पर लागू है — केंद्रीय, राज्य या किसी सरकारी संस्था में काम करने वाले कर्मचारियों पर।
नियमों का कानूनी आधार
यह प्रावधान CCS (EOP) Rules 2023 के Rule 12 (5) के अंतर्गत लागू किया गया है।
इस नियम में स्पष्ट लिखा है कि:
“यदि मृत सरकारी कर्मचारी के पति/पत्नी या बच्चे नहीं हैं, तो माता-पिता को फैमिली पेंशन दी जाएगी। दोनों जीवित होने पर 75% और एक के जीवित रहने पर 60% पेंशन दी जाएगी।”
नए संशोधन में यह भी जोड़ा गया है कि यदि कोई माता-पिता मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं, तो अगले वर्ष से जीवन प्रमाण पत्र केवल जीवित अभिभावक का लिया जाएगा और पेंशन स्वतः कम हो जाएगी।
इससे कौन-कौन प्रभावित होगा?
यह नियम खासकर उन परिवारों के लिए है, जिनमें कर्मचारी की मृत्यु के बाद माता-पिता पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।
ऐसे लाखों मामले हैं जहाँ बच्चों या जीवनसाथी के न रहने पर माता-पिता ही मुख्य लाभार्थी होते हैं।
अब यह कदम सुनिश्चित करेगा कि:
- केवल जीवित व्यक्ति को ही पेंशन मिले,
- सरकारी कोष से अनावश्यक भुगतान न हो,
- और असली हकदार को ही पूरा लाभ मिले।
डिजिटल युग में पेंशन प्रक्रिया आसान
भारत सरकार का उद्देश्य “सरल, सुरक्षित और डिजिटल पेंशन सिस्टम” बनाना है।
अब अधिकतर प्रक्रियाएँ ऑनलाइन की जा सकती हैं।
- DigiLocker से दस्तावेज़ जुड़ सकते हैं।
- Face Authentication Portal बुजुर्गों के लिए सबसे आसान तरीका है।
- बैंक भी अब पेंशनर्स को याद दिलाने के लिए SMS और WhatsApp संदेश भेजते हैं।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
कई पेंशनर्स संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत भुगतान रुकेगा।
हालाँकि कुछ लोगों का मानना है कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के माता-पिता के लिए हर साल यह प्रक्रिया कठिन हो सकती है।
इस पर सरकार ने कहा है कि “हमारी कोशिश है कि कोई असुविधा न हो।”
इसलिए CSC केंद्रों, बैंकों और डाकघरों को बुजुर्गों की मदद के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
परिवारों के लिए सलाह
अगर आपके परिवार में कोई सदस्य फैमिली पेंशन ले रहा है, तो इन कदमों का पालन ज़रूर करें:
- नवंबर के पहले सप्ताह में ही जीवन प्रमाण पत्र तैयार कर लें।
- दोनों माता-पिता का सर्टिफिकेट अलग-अलग जमा करें।
- आधार और बैंक खाता अपडेट रखें।
- पेंशनर पोर्टल पर लॉगिन कर स्थिति जांचें।
- अगर एक अभिभावक का निधन हो गया हो, तो तुरंत सूचित करें।
निष्कर्ष
यह बदलाव सिर्फ नियमों की सख्ती नहीं बल्कि एक सुधार है। अब यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी धन सही व्यक्ति तक पहुँचे, और किसी प्रकार की गड़बड़ी या ओवरपेमेंट न हो। डिजिटल युग में पेंशन प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी और सुलभ बन गई है। सरकार का यह कदम पेंशन सिस्टम में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक बड़ा कदम है।
