पाकिस्तान वर्तमान समय में एक गंभीर ब्रेन ड्रेन (Brain Drain) संकट से जूझ रहा है। देश के कुशल पेशेवर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, अकाउंटेंट और नर्स बड़े पैमाने पर रोजगार की तलाश में विदेश जा रहे हैं। यह प्रवृत्ति पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता, राजनीतिक अनिश्चितता और कमजोर शासन व्यवस्था का नतीजा है। हाल ही में सेना प्रमुख आसिम मुनीर का बयान, जिसमें उन्होंने प्रवासियों को ‘ब्रेन गेन’ कहा था, सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच मजाक का विषय बन गया।

पाकिस्तान में हाल की रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में लगभग 5,000 डॉक्टर, 11,000 इंजीनियर और 13,000 अकाउंटेंट देश छोड़ चुके हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव नर्सिंग सेक्टर पर पड़ा है क्योंकि कई प्रशिक्षित नर्स बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जा रही हैं।
ब्रेन ड्रेन के पीछे मुख्य कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान से लोग इसलिए भाग रहे हैं क्योंकि देश में महंगाई, कमजोर अर्थव्यवस्था, राजनीतिक अस्थिरता और तकनीकी क्षेत्रों में सीमित करियर विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा, डिजिटल और इंटरनेट सेक्टर में अनिश्चितता ने भी युवा पेशेवरों को विदेश जाने के लिए मजबूर किया।
साल 2024 में पाकिस्तान में इंटरनेट शटडाउन की वजह से देश को लगभग 1.62 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे 23.7 लाख फ्रीलांस नौकरियां खतरे में पड़ गईं और रोजगार में 70 फीसदी की गिरावट आई। इस डिजिटल नुकसान ने युवा पेशेवरों के लिए पाकिस्तान को आकर्षक विकल्प नहीं रहने दिया।
आंकड़े और प्रवास की वास्तविक स्थिति
आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि 2024 में 7.27 लाख से ज्यादा पाकिस्तानियों ने विदेश में नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। वहीं नवंबर 2025 तक करीब 6.87 लाख लोग देश छोड़ चुके थे। पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान छोड़कर जाने वाले नागरिकों की कुल संख्या 15 लाख से अधिक हो चुकी है।
ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि पाकिस्तान का युवा और शिक्षित वर्ग देश में टिकना पसंद नहीं करता। डॉक्टर, इंजीनियर, अकाउंटेंट और नर्स जैसे पेशेवर अधिक सुरक्षित और बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जा रहे हैं।
आसिम मुनीर का ‘ब्रेन गेन’ बयान और विवाद
सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हाल ही में पाकिस्तानियों को प्रवास के लिए देश की शान और गरिमा बताकर यह दावा किया कि यह ‘ब्रेन ड्रेन’ नहीं बल्कि ‘ब्रेन गेन’ है। हालांकि सोशल मीडिया पर लोग इस बयान का मजाक उड़ा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई, कमजोर अर्थव्यवस्था और राजनीतिक अनिश्चितता ने वास्तविकता को स्पष्ट कर दिया है कि यह ब्रेन ड्रेन ही है, ब्रेन गेन नहीं।
ब्रेन ड्रेन का प्रभाव
ब्रेन ड्रेन के कारण पाकिस्तान की विकास दर, स्वास्थ्य प्रणाली और तकनीकी सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टर और नर्स विदेश जाने से स्वास्थ्य सेवा पर दबाव बढ़ा है। इंजीनियर और अकाउंटेंट के देश छोड़ने से व्यवसाय और वित्तीय संस्थाओं में दक्षता प्रभावित हो रही है।
डिजिटल मोर्चे पर भी नुकसान हुआ है। इंटरनेट शटडाउन के कारण तकनीकी पेशेवरों ने पाकिस्तान छोड़ना शुरू किया। इससे IT और फ्रीलांसिंग सेक्टर में लगभग 70 फीसदी नौकरियों का नुकसान हुआ।
पाकिस्तान की भविष्य की चुनौतियां
यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो पाकिस्तान को दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना करना पड़ेगा। युवा और शिक्षित वर्ग की अनुपस्थिति से देश की प्रतिस्पर्धात्मकता घटेगी और तकनीकी प्रगति धीमी पड़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में रोजगार, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित किए बिना ब्रेन ड्रेन को रोकना मुश्किल है।
