उत्तर भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र का स्वरूप लगातार बदल रहा है। इस बदले स्वरूप को गति देने में कई निजी व सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान योगदान दे रहे हैं, जिनमें से एक प्रमुख नाम पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड का भी है। यह कंपनी पिछले दो दशकों में मेडिकल ढांचे, इलाज की तकनीक और अस्पतालों की सेवाओं को आधुनिक रूप देकर अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अब कंपनी अपने विस्तार के लिए शेयर बाजार में उतरने जा रही है, जहां निवेशकों के लिए इसका आईपीओ एक नया अवसर लेकर आ रहा है।

आईपीओ अगले बुधवार से खुलेगा और इसमें आम निवेशक से लेकर बड़े वित्तीय संस्थान अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
कंपनी की यात्रा: छोटे स्तर से बड़े नेटवर्क तक का सफर
उत्तर भारत में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का विचार कोई नया नहीं, लेकिन पार्क मेडी वर्ल्ड ने इसे व्यवस्थित तरीके से विस्तार देने की दिशा में कदम रखा। कंपनी की स्थापना के समय लक्ष्य सिर्फ अस्पताल स्थापित करना नहीं था, बल्कि मरीज-केंद्रित चिकित्सा, आधुनिक उपचार व विशेषज्ञ डॉक्टरों को जोड़ना लक्ष्य रखा गया।
कंपनी के शुरुआती दिनों में अस्पताल की क्षमता सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे इसका विस्तार कई जिलों और शहरों तक हुआ। आज कंपनी के अधीन चल रहे अस्पतालों में कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजी, गाइनोकॉलॉजी, नेफ्रोलॉजी, क्रिटिकल केयर और आपातकालीन सेवाओं जैसी सुविधाएँ हैं।
सितंबर 2025 तक कंपनी के पास कुल 3250 बेडों की क्षमता मौजूद है, जो इसे उत्तर भारत में उभरते हुए बड़े हेल्थ नेटवर्क में शामिल करती है।
आईपीओ का उद्देश्य
आईपीओ के माध्यम से जुटाई जाने वाली राशि मात्र वित्तीय विस्तार भर नहीं, बल्कि नए अस्पताल निर्माण, वर्तमान परिसरों में विस्तार, नई मशीनरी की खरीद और मेडिकल स्टाफ बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर खर्च की जाएगी।
कंपनी 770 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी और लगभग 150 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी प्रमोटर द्वारा ऑफर-फॉर-सेल में बेची जाएगी। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत होने की संभावना है।
कंपनी के विस्तार योजनाओं में नए जिलों में अस्पताल खोलना, टियर-2 और टियर-3 शहरों में इलाज की पहुंच बढ़ाना तथा एम्बुलेंस और मोबाइल स्वास्थ्य सेवा शुरू करना शामिल है।
मूल्य निर्धारण और निवेश अवसर
शेयर आवंटन के लिए कंपनी ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर का मूल्य 154 से 162 रुपये प्रति शेयर रखा है। यदि ऊपरी स्तर पर शेयर बिके, तो कुल इश्यू का आकार करीब 920 करोड़ तक जाएगा।
निवेशकों का ध्यान इस आईपीओ की ओर इसलिए भी आकर्षित हो रहा है क्योंकि स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश से लाभ की संभावनाएँ अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक स्थिर मानी जाती हैं।
निवेशकों का विभाजन और आवंटन
कंपनी के अनुसार कुल ऑफर में से
- क्वालिफाइड इंस्टीट्युशनल निवेशक अधिकतम 50 प्रतिशत तक ही आवेदन कर पाएंगे
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल श्रेणी को कम से कम 15 प्रतिशत
- रिटेल श्रेणी को कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा
यह आवंटन भारतीय शेयर बाजार के मानक नियमों के अनुरूप है।
आईपीओ की महत्वपूर्ण तिथियाँ
शीघ्र आवेदन करने वालों के लिए यह बेहतर अवसर साबित हो सकता है। आवेदन खुलने और बंद होने की तारीखें तय कर दी गई हैं।
- आईपीओ – 10 से 12 दिसंबर
- आवंटन – लगभग 15 दिसंबर
- पैसे का अनब्लॉक या रिफंड – 16 दिसंबर
- डीमैट खाते में शेयर – 17 दिसंबर
- लिस्टिंग – संभवतः 17 दिसंबर
कंपनी की रणनीति
पार्क मेडी वर्ल्ड का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य सेवा देना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करना भी है। कंपनी आने वाले वर्षों में निम्न योजनाओं पर काम करेगी:
- टेली-मेडिकल सेवा
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निदान प्रणाली
- मेडिकल-टूरिज्म विस्तार
- पैथोलॉजी नेटवर्क का विस्तार
- डायग्नोस्टिक चेन स्थापित करना
एक अनुमान के अनुसार कंपनी अगले 3 वर्षों में अस्पतालों की क्षमता 5000 बेड तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।
भविष्य की आवश्यकता और स्वास्थ्य क्षेत्र का परिदृश्य
भारत में स्वास्थ्य ढांचे पर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से निवेश हुआ है। देश की आबादी बढ़ रही है, बीमारियों का दायरा बदल रहा है और आधुनिक तकनीक से इलाज के विकल्प भी विकसित हो रहे हैं।
ऐसे समय में निजी अस्पताल नेटवर्क की भूमिका अहम हो जाती है। पार्क मेडी वर्ल्ड का विस्तार इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका ध्यान स्वास्थ्य सेवाओं को मध्यम और किफायती मॉडल पर संरचित करने पर है।
