आज के समय में जब आम आदमी की वित्तीय आवश्यकताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में बैंकिंग बाजार में हलचल हमेशा आम लोगों को प्रभावित करती है। ऋण अथवा लोन लेने वाले लोगों के लिए यह जानना बेहद जरूरी होता है कि ब्याज दरों में क्या बदलाव हो रहे हैं और इन बदलावों का सीधा असर उनकी जेब पर कितना पड़ेगा। इसी सिलसिले में पीएनबी ने नया वित्तीय निर्णय लेते हुए आरएलएलआर यानी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में कटौती की घोषणा की। यह कटौती उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी जो पहले से ऋण ले चुके हैं, या जो आने वाले समय में किसी नए लोन की योजना बना रहे हैं।

इस संशोधित दर के तहत अब ग्राहकों की मासिक किस्त यानी ईएमआई कम होने जा रही है, जो घर, बिजनेस या किसी और प्रकार के ऋण लेने वाले व्यक्तियों को राहत देने वाली खबर है। इस फैसले ने वित्तीय तनाव झेल रहे घर-परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। दरअसल लंबे समय से ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव हो रहा था, ऐसे में किसी ठोस निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही थी।
क्या है बैंक का निर्णय
नए फैसले के अनुसार पीएनबी ने अपने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25 प्रतिशत की कमी की है। जहां पहले यह दर 8.35 प्रतिशत थी, वहीं अब इसे कम करके 8.10 प्रतिशत कर दिया गया है। यह जानकारी बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई। इस कटौती के बाद से ग्राहकों के लिए ऋण की लागत कम होने जा रही है और यह सीधे तौर पर उनकी मासिक ईएमआई में दिखेगा।
आरएलएलआर एक ऐसी ब्याज निर्धारण प्रणाली होती है जिसके जरिए बैंक ग्राहकों को सेंट्रल बैंक की रेपो दरों से जुड़े आधार पर ऋण प्रदान करता है। रेपो रेट कम हो या बढ़े, उसका प्रभाव स्वतः ही इस श्रेणी के लोन पर पड़ता है। पीएनबी द्वारा की गई यह कटौती फिलहाल चुनिंदा लोनधारकों के लिए लाभकारी होगी, विशेष रूप से वे लोग जिनका लोन रेपो आधारित संरचना पर तैयार किया गया है।
एमसीएलआर और बेस रेट क्यों नहीं बदला
ज्यादातर ग्राहकों के मन में यह सवाल जरूर उठेगा कि जब बैंक ने आरएलएलआर कम किया है तो आखिर एमसीएलआर और बेस रेट में संशोधन क्यों नहीं किया गया। इसका कारण यह है कि बैंकिंग प्रणाली में दोनों दरें अलग-अलग आधार पर तय होती हैं। एमसीएलआर का दायरा लंबे समय से चल रहे ऋण समझौते वाले ग्राहकों पर अधिक प्रभाव डालता है। जबकि रेपो लिंक्ड दर हाल ही के ऋण संरचना पर आधारित होती है।
बैंक ने स्पष्ट किया कि फिलहाल एमसीएलआर को बदलाव के लिए आवश्यक नहीं माना गया है। बेस रेट भी जस की तस रहेगी। बैंक का लक्ष्य फिलहाल नई ऋण श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। यदि बेस रेट या एमसीएलआर घटता, तो बैंक पर ब्याज आय का दबाव बढ़ सकता था। इसलिए मौजूदा परिस्थितियों में आरएलएलआर में बदलाव का निर्णय रणनीतिक स्तर पर संतुलित दिखता है।
नया घर खरीदने वालों के लिए सौगात
आज के भारत में लाखों परिवार ऐसे हैं जो घर खरीदने का सपना देखते हैं, लेकिन ब्याज दरों की ऊंचाई अक्सर आर्थिक मजबूरियों के साथ खड़ी हो जाती है। इस परिस्थिति में यदि ऋण दर घट जाए तो घर खरीद की योजना आसान हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती से रियल एस्टेट बाजार की गति में भी तेजी आएगी।
घर खरीदने वाले व्यक्ति जब बैंक से 20 या 25 वर्ष का ऋण लेते हैं, तो ब्याज दरों में हल्का-सा उतार-चढ़ाव भी किस्तों पर बड़ा असर डालता है। मान लीजिए कि किसी ने 50 लाख का लोन 20 वर्ष के लिए लिया है। ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कमी से हजारों रुपये की वार्षिक बचत हो सकती है। ऐसे में यह संशोधन बड़ी राहत बनकर सामने आया है।
निवेश और व्यावसायिक ऋण पर भी प्रभाव
यह निर्णय केवल होम लोन पर ही प्रभाव नहीं डालेगा, बल्कि ऑटो लोन, बिजनेस लोन और विभिन्न प्रकार के फ्लोटिंग रेट लोन भी इससे प्रभावित होंगे। निवेशक वर्ग भी इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है। छोटे उद्यमियों के लिए बैंकिंग लागत कम होने से व्यापार का विस्तार हो सकता है और इसके परिणामस्वरूप स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने की संभावना है।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण आने वाले समय में अन्य बैंक भी इस मॉडल को अपनाते हुए कटौती कर सकते हैं। यह स्थिति उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी हो सकती है।
अन्य बैंकों की भी निगाहें इस बदलाव पर
जब किसी प्रमुख बैंक की ऋण नीति या ब्याज दरों में महत्वपूर्ण बदलाव होता है, तो अन्य बैंक भी ऐसी घोषणाओं पर गंभीरता से विचार करते हैं। हाल ही में कुछ बड़े बैंक रेपो आधारित लोन संरचना में परिवर्तन कर चुके हैं। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले महीनों में कई बैंक नई समीक्षा बैठकों में दरों के पुनर्मूल्यांकन का अभ्यास कर सकते हैं।
वर्तमान बाजार परिस्थिति, ब्याज दरों में संभावित स्थिरीकरण और आर्थिक विकास के संकेतों के आधार पर निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि ब्याज नीतियां आने वाले समय में ग्राहकों के लिए और आकर्षक बन सकती हैं।
