राजस्थान प्रदेश में इस समय सर्दी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के चलते बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार फतेहपुर इलाके में न्यूनतम तापमान केवल 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के अन्य शहरों जैसे सीकर, लूणकरणसर, नागौर, चूरू, अलवर, पिलानी, झुंझुनू, श्री गंगानगर और वनस्थली में भी रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ।

इस सर्दी की वजह उत्तर भारत के पहाड़ों से चलकर आने वाली ठंडी हवाओं को बताया जा रहा है। इन हवाओं के प्रभाव से रात और सुबह का तापमान काफी नीचे चला गया है, जिससे लोगों को ठंड का अधिक अनुभव हो रहा है। दिन के समय भी तापमान में गिरावट होने के कारण राजस्थान के अधिकांश शहरों में धूप का आनंद लेने वाले लोग नजर आने लगे हैं।
पश्चिमी विक्षोभ और मौसम में बदलाव
राजस्थान के मौसम पर पश्चिमी विक्षोभ का भी असर देखा जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभाग में हाल ही में मौसम का मिजाज बदल गया। इन जिलों के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार 28 नवंबर को अजमेर और जयपुर संभाग के आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है।
प्रदेश के जालौर, सिरोही, पाली, उदयपुर, राजसमंद, भीलवाड़ा और अजमेर जिलों में भी मौसम बदलने का असर देखा जा रहा है। यहां हल्की बारिश और बूंदाबांदी के साथ सर्दी और तेज होने की संभावना है। अधिकांश अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन ठंडी हवाओं का असर लगातार महसूस किया जाएगा।
प्रदेश के सबसे ठंडे और गर्म इलाके
राजस्थान के ठंडे इलाकों में फतेहपुर सबसे प्रमुख रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा सीकर का तापमान 4.0 डिग्री, लूणकरणसर 4.5 डिग्री, नागौर 5.2 डिग्री, चूरू 5.6 डिग्री, अलवर 6.5 डिग्री, पिलानी 7.0 डिग्री, झुंझुनू 7.2 डिग्री, श्री गंगानगर 8.7 डिग्री और वनस्थली 9.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
वहीं प्रदेश के सबसे गर्म इलाके बाड़मेर और जालौर रहे, जहां अधिकतम तापमान क्रमशः 29.4 और 28.1 डिग्री दर्ज हुआ। इस तरह राज्य में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर देखा जा रहा है, जो लोगों के जीवन पर प्रत्यक्ष प्रभाव डाल रहा है।
शीतलहर का बढ़ता असर
उत्तर भारत के पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते राजस्थान में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। अब दिन के समय भी ठंड का एहसास होने लगा है। लोग धूप सेंकने के लिए खुले में नजर आने लगे हैं और रात्रि में घरों में ही रहने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के लगभग सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंडी हवाओं का प्रभाव जारी रहेगा और शीतलहर के चलते कई जिलों में तापमान और गिर सकता है। इसके साथ ही प्रदेश में शुष्क मौसम और हल्की बारिश का मिश्रित प्रभाव भी रहेगा।
भविष्य में मौसम की संभावनाएं
राजस्थान मौसम विभाग ने आगाह किया है कि आने वाले 48 घंटे में प्रदेश के 20 जिलों में बारिश होने की संभावना है। इनमें दौसा, जयपुर, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर शामिल हैं। इन जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के साथ तापमान में गिरावट होने की संभावना है।
सर्दियों में ऐसे मौसम का असर किसानों, स्कूलों, ट्रांसपोर्ट और दैनिक जीवन पर पड़ता है। लोग अतिरिक्त सावधानी बरतें, बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और स्वास्थ्य संबंधी सतर्कताएं अपनाएं।
