वर्तमान समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता और अनिश्चितताओं से घिरी हुई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हाल ही में ब्याज दरों में कटौती की है और क्वांटिटेटिव ईज़िंग (QE) की ओर संकेत दिया है। यह कदम व्यापक पैमाने पर पैसा छापने की प्रक्रिया को सक्रिय करता है। ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक और निवेश विशेषज्ञ रॉबर्ट कियोसाकी का मानना है कि इससे वैश्विक महंगाई में तेजी आएगी और हाइपर-इन्फ्लेशन की संभावना बढ़ जाएगी।

कियोसाकी का तर्क है कि आम लोग इस आर्थिक दिशा के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में जीवन बहुत महंगा हो जाएगा और जिनके पास हार्ड एसेट्स नहीं होंगे, वे वित्तीय रूप से प्रभावित होंगे।
रॉबर्ट कियोसाकी की आर्थिक भविष्यवाणी
रॉबर्ट कियोसाकी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, जिसका शीर्षक था: ‘दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह होने पर अमीर कैसे बनें।’ उन्होंने लिखा कि फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती और QE की नीति नकली पैसा छापने के संकेत देती है। इसे वित्तीय विश्लेषक लैरी लेपार्ड ‘द बिग प्रिंट’ कहते हैं।
कियोसाकी का मानना है कि यह आर्थिक दिशा आम लोगों के लिए खतरा है, क्योंकि उनकी आमदनी और बचत मुद्रास्फीति के मुकाबले टिकाऊ नहीं रह पाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे समय में सोना, चांदी, बिटकॉइन और एथेरियम जैसी रियल एसेट्स में निवेश करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
हार्ड एसेट्स: बचाव की रणनीति
कियोसाकी का सुझाव है कि इस आर्थिक संकट से बचने के लिए निवेशकों को अपनी संपत्ति को हार्ड एसेट्स में बदलना चाहिए। इन एसेट्स में सोना और चांदी के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन और एथेरियम शामिल हैं।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में चांदी खरीदी है। उनका मानना है कि चांदी की कीमत 2024 में $20 प्रति औंस थी, लेकिन जल्द ही यह $200 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। शुक्रवार को चांदी की कीमत पहली बार $67 प्रति औंस से अधिक हो गई, और इस साल इसमें 133 प्रतिशत की तेजी देखी गई है।
क्रिप्टो और रियल एसेट्स में निवेश की आवश्यकता
कियोसाकी ने कहा कि उनका निवेश केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं है, बल्कि यह उनके विश्वास और सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य नकली अर्थव्यवस्था से खुद को सुरक्षित रखना है।
रॉबर्ट ने बताया कि वैश्विक वित्तीय तंत्र में जो QE और ब्याज दरों में कटौती जैसी नीतियां अपनाई जा रही हैं, वे लंबे समय में मुद्रास्फीति को बढ़ाएंगी। ऐसे में सामान्य जनता के लिए जीवन महंगा और कठिन हो जाएगा। इसलिए उनका मानना है कि सुरक्षित निवेश विकल्पों में निवेश करना ही भविष्य की सुरक्षा है।
हाइपर-इन्फ्लेशन और निवेशकों के लिए चुनौती
कियोसाकी ने चेताया कि हाइपर-इन्फ्लेशन आम लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा। जिनके पास ठोस संपत्ति नहीं होगी, उनके लिए जीवन के साधन महंगे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में नकदी में रहना जोखिम भरा है।
इसके मुकाबले सोने, चांदी और क्रिप्टोकरेंसी जैसे हार्ड एसेट्स मूल्य बनाए रखेंगे और निवेशकों को आर्थिक अस्थिरता से सुरक्षित रखेंगे।
वैश्विक वित्तीय माहौल: अमेरिकी और जापानी बैंकों की भूमिका
कियोसाकी ने अमेरिकी फेड की ब्याज दरों में कटौती और QE के कदम को वैश्विक आर्थिक मंदी की ओर बढ़ता हुआ संकेत बताया। इसके अलावा उन्होंने जापान के सेंट्रल बैंक की हालिया ब्याज दर बढ़ाने की नीति का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि यह अस्थिरता वित्तीय बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव ला रही है।
भविष्य के लिए रणनीति
रॉबर्ट कियोसाकी का फॉर्मूला साफ है: आर्थिक मंदी और हाइपर-इन्फ्लेशन के समय अमीर बनने के लिए निवेशकों को हार्ड एसेट्स, कीमती धातुएँ और क्रिप्टोकरेंसी में विश्वास रखना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह रणनीति केवल लाभ कमाने की नहीं, बल्कि वित्तीय सुरक्षा और भविष्य के लिए बचाव की भी योजना है।
कियोसाकी का सुझाव है कि निवेशकों को भविष्य की अस्थिरताओं से बचने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार चांदी की कीमत आने वाले सालों में बहुत बढ़ सकती है, और यह समय निवेश के लिए अनुकूल है।
