दुनिया के सबसे प्रसिद्ध वित्तीय शिक्षकों में से एक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) ने एक बार फिर अपनी प्रेरक सोच और अनोखे दृष्टिकोण से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। अपनी बेस्टसेलर किताब ‘Rich Dad Poor Dad’ से उन्होंने करोड़ों लोगों की सोच बदल दी थी — और अब एक बार फिर वे चर्चा में हैं अपने ताज़ा बयान के साथ।
कियोसाकी ने सोशल मीडिया पर कहा है —
“किसी को एक मछली मत दो, उसे मछली पकड़ना सिखाओ। गरीब भी अमीर बन सकता है, बस उसे सही दिशा और शिक्षा चाहिए।”
यह कथन जितना सरल है, उतना ही गहरा भी। आज जब दुनिया मंदी, महंगाई और बेरोजगारी की चुनौती झेल रही है, ऐसे में कियोसाकी का यह संदेश हर उस व्यक्ति के लिए उम्मीद की किरण है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़ा सपना देखता है।

‘Rich Dad Poor Dad’ की फिलॉसफी फिर एक बार चर्चा में
कियोसाकी के अनुसार, गरीब और अमीर के बीच का अंतर केवल पैसे का नहीं होता — बल्कि मानसिकता का होता है। उनका मानना है कि “अमीर लोग पैसे को अपने लिए काम करवाना जानते हैं, जबकि गरीब लोग पैसे के लिए काम करते रहते हैं।”
वे बताते हैं कि बचपन में उनके दो पिता जैसे व्यक्ति थे —
1️⃣ ‘Poor Dad’ (उनके जैविक पिता) – पढ़े-लिखे, ईमानदार लेकिन नौकरी पर निर्भर।
2️⃣ ‘Rich Dad’ (उनके दोस्त के पिता) – व्यापारी, जिनका मानना था कि पैसा हमारे लिए एक साधन है, न कि लक्ष्य।
इन दोनों दृष्टिकोणों ने कियोसाकी के जीवन को गहराई से प्रभावित किया और उन्होंने यह अनुभव अपनी किताब में साझा किया, जिसने विश्वभर में वित्तीय सोच को नया मोड़ दिया।
क्रैश वॉर्निंग के बाद यह संदेश क्यों आया?
पिछले कुछ महीनों से रॉबर्ट कियोसाकी बार-बार आर्थिक मंदी (Economic Crash) और फाइनेंशियल क्राइसिस की चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि “दुनिया का सबसे बड़ा फाइनेंशियल बबल फूटने वाला है।”
उन्होंने निवेशकों को सावधान करते हुए बताया कि 2025 के अंत तक कई लोग अपनी संपत्ति गंवा सकते हैं अगर वे अपने पैसे को केवल बैंकों या बचत खातों में रखेंगे।
लेकिन इस डर के बीच, उन्होंने एक सकारात्मक संदेश भी दिया — “अगर कोई सीखने को तैयार है, तो वह अमीर बन सकता है। अमीरी सीखी जा सकती है, यह जन्मजात नहीं होती।”
‘सीखो, समझो, और निवेश करो’ – यही असली कुंजी
कियोसाकी का कहना है कि स्कूल हमें पैसे कमाने की शिक्षा नहीं देते।
“हम बच्चों को पढ़ाते हैं कि वे डॉक्टर, इंजीनियर या वकील बनें, लेकिन हम उन्हें कभी यह नहीं सिखाते कि पैसे को कैसे संभालना है, बढ़ाना है, और उससे आज़ादी कैसे हासिल करनी है।”
उन्होंने इस बार भी अपने पोस्ट में लिखा कि “अगर कोई व्यक्ति प्रतिदिन सिर्फ 30 मिनट भी वित्तीय शिक्षा में लगाए — किताबें पढ़े, ऑडियो सुने, या निवेश के बारे में जाने — तो वह अगले 5 वर्षों में अपनी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल सकता है।”
उनका मानना है कि “Financial Freedom (वित्तीय स्वतंत्रता)” कोई सपना नहीं, बल्कि एक अनुशासित प्रक्रिया है।
रॉबर्ट कियोसाकी की 5 ज़रूरी सलाह गरीब से अमीर बनने के लिए
1️⃣ Asset vs Liability समझो —
अमीर लोग ऐसी चीज़ों में निवेश करते हैं जो पैसा बनाती हैं (जैसे बिज़नेस, स्टॉक्स, प्रॉपर्टी)। गरीब अक्सर ऐसी चीज़ों पर खर्च करते हैं जो केवल खर्च बढ़ाती हैं (जैसे कार, गहने, फालतू खर्च)।
2️⃣ Multiple Income Sources बनाओ —
एक ही नौकरी पर निर्भर रहना सबसे बड़ा रिस्क है। आज की दुनिया में साइड हसल, ऑनलाइन इनकम या निवेश से कई आय के स्रोत होना जरूरी है।
3️⃣ Financial Literacy बढ़ाओ —
कियोसाकी कहते हैं कि पैसा संभालना भी एक “स्किल” है। किताबें पढ़ो, पॉडकास्ट सुनो, अनुभव लो। जितना सीखोगे, उतना बढ़ोगे।
4️⃣ Fear और Excuses छोड़ो —
“मेरे पास पैसा नहीं है”, “अभी सही समय नहीं है” — ये बहाने गरीबी का कारण हैं। अमीर लोग डर के बावजूद कदम बढ़ाते हैं।
5️⃣ Good Debt vs Bad Debt समझो —
हर कर्ज बुरा नहीं होता। अगर आप किसी बिज़नेस या इनकम जनरेटिंग एसेट के लिए लोन ले रहे हैं, तो वह “Good Debt” है। लेकिन खर्च के लिए लिया गया लोन आपको नीचे खींचेगा।
2025 में निवेश के नए अवसर: कियोसाकी की राय
कियोसाकी का मानना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल एसेट्स, गोल्ड, सिल्वर और रियल एस्टेट में निवेश के मौके सबसे ज्यादा रहेंगे।
वे कहते हैं, “अगर आप समझदारी से निवेश करते हैं, तो मंदी आपके लिए अवसर बन सकती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “महंगाई बढ़ने के दौर में कैश रखना मूर्खता है, क्योंकि उसका मूल्य हर दिन घटता है। निवेश करना ही असली बचाव है।”
गरीब से अमीर बनने की असली कहानी
कियोसाकी के विचार केवल थ्योरी नहीं हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में गरीबी देखी, असफलता का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
उन्होंने अपनी पहली कंपनी में नुकसान झेला, दिवालिया भी हुए, पर उन्होंने सीखा — और यही उनका मंत्र है:
“हार से मत डरो, उससे सीखो। हारने वाला हर इंसान अगली जीत के एक कदम करीब होता है।”
भारत में कियोसाकी की शिक्षा क्यों महत्वपूर्ण है
भारत तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन आज भी यहां वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) का स्तर बहुत कम है। लाखों युवा नौकरियों के पीछे भागते हैं, पर निवेश या संपत्ति निर्माण पर ध्यान नहीं देते।
कियोसाकी की सोच इस युवा पीढ़ी को सिखाती है कि — “तुम्हारा बैंक बैलेंस नहीं, तुम्हारा दिमाग तुम्हें अमीर बना सकता है।”
निष्कर्ष: अमीरी कोई संयोग नहीं, एक सोच है
रॉबर्ट कियोसाकी के संदेश का सार यही है कि “पैसे के खेल में जीतने के लिए, नियमों को समझना जरूरी है।”
वे कहते हैं —
“अगर तुम गरीब पैदा हुए हो, तो यह तुम्हारी गलती नहीं है।
लेकिन अगर तुम गरीब मरते हो, तो यह तुम्हारा चुनाव है।”
आज की पीढ़ी के लिए यह संदेश किसी जागरण से कम नहीं। आर्थिक आज़ादी पाने के लिए ज्ञान, अनुशासन और सही निर्णय सबसे बड़ा हथियार हैं।
