मध्य पूर्व के सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी कामगारों को ले जा रही एक यात्री बस के भीषण हादसे ने चिंता और शोक की लहर पैदा कर दी है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, बस सड़क किनारे बने डिवाइडर और अन्य वाहनों से टकराकर पलट गई, जिसके कारण कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में भारतीय नागरिकों की संख्या अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

हादसा रविवार देर रात उस समय हुआ जब बस विदेशी श्रमिकों को उनके कार्यस्थल से आवास क्षेत्र की ओर ले जा रही थी। बस में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के श्रमिक मौजूद थे। स्थानीय प्रशासन ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।
दुर्घटना का स्थान और समय: रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात जारी था
स्थानीय पुलिस के प्रारंभिक बयान के अनुसार, यह दुर्घटना अभा–रियाद हाईवे पर हुई। यह मार्ग श्रमिकों के परिवहन के लिए प्रमुख माना जाता है। सड़क की तेज ढलान और मोड़ ने हादसे को भयावह बना दिया।
现场 रिपोर्ट्स में बताया गया है कि
- बस तेज रफ्तार में थी
- चालक संतुलन खो बैठा
- वाहन डिवाइडर से टकराकर कई बार पलटा
हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। पास से गुजर रहे वाहनों ने पुलिस और मेडिकल सेवाओं को तुरंत सूचना दी।
मृतकों की पहचान प्रक्रिया जारी, भारतीय दूतावास सतर्क
भारत सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार:
“भारतीय दूतावास अस्पतालों और स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में है। सभी भारतीय नागरिकों की पहचान के प्रयास जारी हैं। घायल भारतीयों की मदद और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।”
भारतीय विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन सक्रिय कर दी है और पीड़ित परिवारों के संपर्क में आने की कोशिश की जा रही है।
पीड़ितों में भारतीय श्रमिकों के अधिक होने की आशंका
सऊदी में लाखों भारतीय विभिन्न जगहों पर कार्यरत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या निर्माण और परिवहन क्षेत्रों से जुड़ी है। बस में सवार लोगों की सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों में अधिसंख्य दक्षिण भारतीय और उत्तर प्रदेश–बिहार के श्रमिक शामिल हो सकते हैं। बताया गया है कि
- बस सुबह की शिफ्ट समाप्त कर वापसी में थी
- यात्री थकान की स्थिति में आराम कर रहे थे
घायलों का उपचार जारी: अस्पतालों में सतर्कता बढ़ाई गई
रेस्क्यू टीमों ने तुरंत कई एम्बुलेंस तैनात कीं और गंभीर घायलों को
- अभा सेंट्रल हॉस्पिटल
- किंग खालिद हॉस्पिटल
में शिफ्ट किया गया है।
डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की हालत अत्यंत नाजुक है और मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।
सऊदी सरकार ने दिए उच्च-स्तरीय जांच के निर्देश
सऊदी परिवहन मंत्रालय की प्राथमिक जांच में ये बिंदु सामने आए हैं:
- सड़क का एक हिस्सा मरम्मत में था
- बस का तकनीकी परीक्षण समय पर नहीं हुआ था
- चालक पर अधिक दबाव और लंबी शिफ्ट की संभावना
यदि लापरवाही सिद्ध होती है तो बस ऑपरेटर पर सख्त कार्रवाई होगी।
प्रवासी भारतीयों के भविष्य को लेकर चिंता
हाल के वर्षों में विदेशों में भारतीय श्रमिकों की दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ी है। 2021 से 2025 के बीच:
- 300+ बड़े हादसों में भारतीय प्रभावित
- 1000 से अधिक मौतें
- मुख्य कारण: परिवहन सुरक्षा की कमी
विशेषज्ञों का मत है —
“कड़ी सुरक्षा मानकों के बिना प्रवासी कामगार लगातार जोखिम का सामना कर रहे हैं।”
भारत में शोक और बेचैनी: परिवारों की निगाहें सरकारी सूचना पर
उत्तर भारत के गांवों में बड़ी संख्या में परिवार बस हादसे की खबर से स्तब्ध हैं। कई परिवार स्थानीय प्रशासन और एजेंटों के संपर्क में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। एक परिजन ने मीडिया से कहा:
“सिर्फ इतना पता चले कि हमारा बेटा जिंदा है या नहीं… बस यही जानना है।”
सरकार की प्रतिक्रिया: मृतकों के पार्थिव शरीर भारत लाने की तैयारी
भारत सरकार ने कहा है:
- मृतकों के शव सम्मानपूर्वक भारत भेजे जाएंगे
- घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं
- कानूनी कार्रवाई में दूतावास सहायता देगा
इसके अतिरिक्त, प्रवासी भारतीयों से संबंधित यूनियन्स भी पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं।
जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे के कदम
फिलहाल जांच इन बिंदुओं पर केंद्रित है:
1️⃣ चालक की थकान या लापरवाही
2️⃣ वाहन की तकनीकी स्थिति
3️⃣ सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
4️⃣ बस कंपनी की जवाबदेही
अंतिम रिपोर्ट के बाद मुआवजा और सजा का निर्धारण किया जाएगा।
निष्कर्ष
यह हादसा फिर से यह सवाल उठाता है कि— क्या प्रवासी भारतीय कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं? यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि उन लाखों सपनों की असुरक्षा का दर्पण है जो परिवारों के बेहतर भविष्य के लिए सीमाओं के पार जाते हैं। दुनिया और सरकार की निगाह अब अस्पतालों से आने वाली अपडेट पर है। आशा की जा रही है कि और कोई जीवन न खोए।
