भारत में जब भी सुरक्षित निवेश की बात आती है तो सबसे पहला नाम सरकारी बैंकों का लिया जाता है। खासकर भारतीय स्टेट बैंक, जिसे आम भाषा में एसबीआई कहा जाता है, दशकों से देश के करोड़ों लोगों के विश्वास का प्रतीक रहा है। चाहे नौकरीपेशा व्यक्ति हो, रिटायर्ड बुजुर्ग हों या फिर वे लोग जो अपने भविष्य के लिए सुरक्षित बचत करना चाहते हैं, एसबीआई की फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी योजनाएं हमेशा से एक लोकप्रिय विकल्प रही हैं।

वर्तमान समय में जब बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है और शेयर बाजार जैसे जोखिमभरे विकल्प सभी के लिए उपयुक्त नहीं होते, ऐसे में एफडी जैसी स्कीमें निवेशकों को स्थिर और निश्चित रिटर्न देती हैं। हाल ही में एसबीआई की एफडी योजनाओं को लेकर लोगों के बीच एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि बैंक विभिन्न अवधियों पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है।
आरबीआई की रेपो रेट कटौती और एफडी ब्याज दरों पर असर
पिछले कुछ समय में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती की गई है। बीते वर्ष आरबीआई ने कुल मिलाकर 1.25 प्रतिशत की कटौती की थी, जिसका सीधा असर बैंकों की जमा योजनाओं पर पड़ा। लगभग सभी बैंकों ने एफडी की ब्याज दरों में संशोधन किया और दरों में कुछ कमी देखने को मिली।
इसके बावजूद भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एफडी पर प्रतिस्पर्धी और संतुलित ब्याज दरें बनाए रखी हैं। यही कारण है कि ब्याज दरों में गिरावट के दौर में भी एसबीआई की एफडी स्कीमें निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।
सात दिन से दस साल तक की एफडी अवधि का विकल्प
एसबीआई अपने ग्राहकों को बेहद लचीली एफडी अवधि का विकल्प देता है। बैंक में आप केवल सात दिनों की छोटी अवधि से लेकर पूरे दस साल तक की लंबी अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट खाता खुलवा सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपने पैसों को थोड़े समय के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं, वहीं लंबे समय के निवेशक भी अपनी जरूरत के अनुसार योजना चुन सकते हैं।
छोटी अवधि की एफडी उन लोगों के लिए फायदेमंद होती है जो निकट भविष्य में अपने पैसों का उपयोग करने की योजना बना रहे होते हैं, जबकि लंबी अवधि की एफडी उन निवेशकों के लिए बेहतर मानी जाती है जो स्थिर रिटर्न के साथ अपने धन को बढ़ाना चाहते हैं।
एसबीआई की अमृत वृष्टि स्पेशल एफडी योजना
एसबीआई समय-समय पर विशेष एफडी योजनाएं भी पेश करता है। इन्हीं में से एक है 444 दिनों की अमृत वृष्टि स्पेशल एफडी स्कीम। इस योजना के तहत सामान्य नागरिकों को 6.45 प्रतिशत तक का ब्याज दिया जा रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह ब्याज दर 6.95 प्रतिशत तक जाती है।
यह योजना उन निवेशकों के लिए खास मानी जा रही है जो मध्यम अवधि में बेहतर रिटर्न की तलाश कर रहे हैं। लगभग डेढ़ साल से थोड़ा अधिक समय की यह एफडी अवधि न तो बहुत छोटी है और न ही बहुत लंबी, जिससे यह कई लोगों की वित्तीय जरूरतों के अनुरूप बैठती है।
पांच साल की एफडी पर एसबीआई का ब्याज दर ढांचा
भारतीय स्टेट बैंक की सबसे लोकप्रिय एफडी योजनाओं में से एक है पांच साल की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट। इस अवधि को इसलिए भी पसंद किया जाता है क्योंकि यह आयकर अधिनियम के तहत टैक्स सेविंग एफडी के रूप में भी जानी जाती है।
वर्तमान में एसबीआई पांच साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों को 6.05 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह ब्याज दर बढ़कर 7.05 प्रतिशत हो जाती है। बैंक ने अति वरिष्ठ नागरिकों यानी 80 वर्ष से अधिक उम्र के निवेशकों के लिए अतिरिक्त लाभ देते हुए पांच साल की एफडी पर 7.15 प्रतिशत का ब्याज तय किया है।
दो लाख रुपये की एफडी पर कितना मिलेगा रिटर्न
अक्सर निवेशकों के मन में यह सवाल होता है कि अगर वे एक निश्चित राशि एफडी में जमा करते हैं तो मैच्योरिटी पर उन्हें कुल कितना पैसा मिलेगा। यही कारण है कि एसबीआई की एफडी योजनाओं में दो लाख रुपये के निवेश का उदाहरण सबसे ज्यादा चर्चा में है।
यदि कोई सामान्य नागरिक एसबीआई में पांच साल के लिए दो लाख रुपये की एफडी कराता है तो मैच्योरिटी पर उसे कुल 2,70,035 रुपये प्राप्त होंगे। इस राशि में 70,035 रुपये का फिक्स ब्याज शामिल होता है। यह उन लोगों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है जो बिना जोखिम के धीरे-धीरे अपने धन को बढ़ाना चाहते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ज्यादा फायदेमंद एफडी
एसबीआई वरिष्ठ नागरिकों को हमेशा से अतिरिक्त ब्याज का लाभ देता आया है। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक पांच साल के लिए दो लाख रुपये की एफडी कराता है तो उसे मैच्योरिटी पर कुल 2,83,652 रुपये मिलते हैं। इस राशि में 83,652 रुपये का निश्चित ब्याज शामिल होता है।
रिटायरमेंट के बाद जब नियमित आय के साधन सीमित हो जाते हैं, ऐसे में एफडी जैसी योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनती हैं।
अति वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा फायदा
एसबीआई ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष ब्याज दर तय की है। यदि कोई अति वरिष्ठ नागरिक पांच साल की एफडी में दो लाख रुपये जमा करता है तो मैच्योरिटी पर उसे कुल 2,85,049 रुपये मिलते हैं। इसमें 85,049 रुपये का फिक्स ब्याज शामिल होता है, जो इस श्रेणी में सबसे ज्यादा रिटर्न माना जा रहा है।
यह अतिरिक्त लाभ बुजुर्ग निवेशकों के लिए सम्मान और आर्थिक सहारे दोनों का प्रतीक है।
क्यों एफडी आज भी भरोसेमंद निवेश विकल्प है
आज के दौर में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन एफडी की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह है जोखिम का लगभग न के बराबर होना। एफडी में निवेश करने पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता और निवेशक को पहले से पता होता है कि मैच्योरिटी पर उसे कितनी राशि मिलेगी।
सरकारी बैंक होने के कारण एसबीआई पर लोगों का भरोसा और भी ज्यादा होता है। यही कारण है कि लाखों लोग आज भी अपनी बचत को एफडी में रखना सुरक्षित मानते हैं।
एसबीआई एफडी और भविष्य की वित्तीय योजना
एफडी केवल एक निवेश विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की वित्तीय योजना का अहम हिस्सा भी है। चाहे बच्चों की पढ़ाई के लिए बचत करनी हो, शादी के लिए धन जुटाना हो या रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की व्यवस्था करनी हो, एफडी हर स्थिति में उपयोगी साबित होती है।
एसबीआई की एफडी योजनाएं इसीलिए खास मानी जाती हैं क्योंकि इनमें सुरक्षा, स्थिरता और भरोसे का संतुलन देखने को मिलता है।
निष्कर्ष
अगर आप भी सुरक्षित और तय रिटर्न वाला निवेश विकल्प तलाश रहे हैं, तो भारतीय स्टेट बैंक की एफडी योजनाएं आपके लिए एक मजबूत विकल्प हो सकती हैं। ब्याज दरों में कटौती के दौर के बावजूद एसबीआई ने विभिन्न वर्गों के निवेशकों के लिए आकर्षक रिटर्न की पेशकश की है।
दो लाख रुपये के निवेश पर मिलने वाला 85,049 रुपये तक का फिक्स ब्याज यह साबित करता है कि सही योजना और सही बैंक चुनकर आज भी सुरक्षित निवेश से अच्छा रिटर्न पाया जा सकता है।
