भारत के टेलीविजन इतिहास में 90 के दशक का वह दौर आज भी दर्शकों के दिल में जीवंत है, जब हर रविवार सुबह बच्चे टीवी के सामने बैठकर इंतज़ार करते थे – “शक्तिमान” का! लाल-पीले रंग की पोशाक में, माथे पर चमकते चक्र और होंठों पर अमर वाक्य — “अंधकार पराजित होगा, सत्य की विजय होगी” — उस समय हर बच्चे के दिल में साहस और सत्य की एक नई ज्वाला जगा देते थे।
अब वही शक्तिमान एक बार फिर लौट आया है, लेकिन इस बार एक बिल्कुल नए रूप में – ऑडियो फॉर्मेट में।

पॉकेट एफएम ने हाल ही में लॉन्च किया है “शक्तिमान रिटर्न्स” — एक 40 एपिसोड वाली रोमांचक ऑडियो सीरीज़, जिसमें खुद मुकेश खन्ना की आवाज़ गूंजेगी। यह केवल एक मनोरंजन सीरीज़ नहीं, बल्कि एक विचारधारा है जो आधुनिक भारत के युवाओं को अपने भीतर छिपे नायक को पहचानने का संदेश देती है।
ऑडियो की दुनिया में लौटे भारत के सबसे बड़े सुपरहीरो
इस बार शक्तिमान सिर्फ राक्षसों या अपराधियों से नहीं, बल्कि मानवता की विनाशकारी प्रवृत्तियों से लड़ता है। कहानी शुरू होती है उस समय से जब दुनिया तकनीक, लालच और शक्ति के चक्रव्यूह में उलझ चुकी है। इंसान ने प्रकृति पर विजय तो पा ली है, लेकिन अपने भीतर के संतुलन को खो चुका है। ऐसे में शक्तिमान लौटता है — एक रक्षक के रूप में, जो लोगों को बताने आया है कि असली शक्ति विनाश नहीं, करुणा और संतुलन में है।
कहानी में शक्तिमान को पांच रहस्यमयी मणियों की खोज करनी होती है। प्रत्येक मणि एक मानवीय मूल्य का प्रतीक है — सत्य, त्याग, प्रेम, न्याय और करुणा। इन मणियों की यात्रा के दौरान उसे अनेक नए शत्रुओं का सामना करना पड़ता है — जो दिखने में इंसान हैं, लेकिन उनके भीतर लालच, अहंकार और तकनीकी प्रभुत्व की भूख ने उन्हें राक्षस बना दिया है।
90’s के किरदार लौटे, लेकिन नई सोच के साथ
इस ऑडियो सीरीज़ में गंगाधर शास्त्री, गीता विश्वास, महात्मा जी और टीआरपी बाबा जैसे पुराने प्रिय पात्रों की झलक भी मिलेगी, लेकिन सभी को नए युग के अनुरूप रूपांतरित किया गया है।
- गंगाधर अब एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं जो फेक न्यूज़ के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
- गीता विश्वास अब एक इन्वेस्टिगेटिव पॉडकास्ट पत्रकार हैं जो समाज में सच लाने के मिशन पर हैं।
- महात्मा जी को शक्तिमान की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बनाया गया है, जबकि
- टीआरपी बाबा आज के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की फेक लोकप्रियता का व्यंग्यात्मक प्रतिनिधित्व करते हैं।
मुकेश खन्ना बोले — “शक्तिमान सिर्फ किरदार नहीं, एक मूल्य है”
सीरीज़ के लॉन्च पर मुकेश खन्ना ने कहा —
“मैंने शक्तिमान को केवल मनोरंजन के लिए नहीं बनाया था। मेरा उद्देश्य था युवाओं के भीतर सत्य, साहस और निःस्वार्थता जैसी मूल भावनाओं को जगाना। ये मूल्य कभी पुराने नहीं होते। पॉकेट एफएम ने इसे जिस संवेदनशीलता और आधुनिकता के साथ पुनर्जीवित किया है, वह देखकर मैं भावुक हो गया। शक्तिमान अब नई पीढ़ी से नई आवाज़ में बात कर रहा है — और यही इसकी सबसे बड़ी जीत है।”
विलन भी लौटे – नए ट्विस्ट के साथ
लॉन्च के मौके पर पॉकेट एफएम ने एक ब्रांड फिल्म “डिस्ट्रेस्ड विलन्स” जारी की, जिसमें 90’s के सबसे प्रसिद्ध खलनायक — गुलशन ग्रोवर, रंजीत, शाहबाज खान, शाहज़ाद खान और सुरेंद्र पाल नज़र आए। इन सबने एक मज़ेदार अंदाज में कहा — “शक्तिमान वापस आ गया है, अब बुराई का क्या होगा?” यह फिल्म दर्शकों में पुरानी यादें जगाने के साथ ही नॉस्टेल्जिया और मॉडर्न ह्यूमर का अद्भुत मिश्रण है।
भारतीय सुपरहीरो की वापसी : अमेरिका नहीं, अब भारत बनेगा प्रेरणा
पॉकेट एफएम के सीईओ रोहन नायक ने कहा —
“दुनिया हमेशा सुपरहीरो के लिए अमेरिका की ओर देखती रही — आयरन मैन, सुपरमैन, स्पाइडरमैन। लेकिन हमारे पास अपने नायक हैं, जो भारतीय संस्कृति के मूल्यों से बने हैं। शक्तिमान उनमें सबसे बड़ा प्रतीक है। हम चाहते हैं कि भारत फिर से अपने ही नायकों से प्रेरणा ले।”
यह कथन सिर्फ मार्केटिंग लाइन नहीं, बल्कि भारतीय ऑडियो इंडस्ट्री के लिए एक नई दिशा है — जहाँ भारतीय हीरो अपनी मिट्टी से उठते हैं और अपने लोगों के दिल में जगह बनाते हैं।
ऑडियो फॉर्मेट क्यों है ज़रूरी?
डिजिटल युग में जब लोग विजुअल ओवरलोड से थक चुके हैं, तब ऑडियो मनोरंजन एक शांत लेकिन प्रभावशाली माध्यम बनकर उभरा है। “शक्तिमान रिटर्न्स” इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। ऑडियो फॉर्मेट सुनने वाले को कहानी में कल्पना की स्वतंत्रता देता है। हर व्यक्ति अपने मन में शक्तिमान का चेहरा, आवाज़ और युद्ध दृश्य खुद बना सकता है। यह इमैजिनेशन-बेस्ड एक्सपीरियंस बच्चों और युवाओं दोनों को जोड़ता है।
नया संदेश – विनाश नहीं, संतुलन है असली शक्ति
इस सीरीज़ की सबसे बड़ी खूबी इसका दार्शनिक सार है। यह केवल अच्छाई और बुराई की लड़ाई नहीं है, बल्कि इंसान की उस आंतरिक यात्रा की कहानी है, जहाँ उसे यह समझना है कि शक्ति तभी सार्थक है जब वह संतुलन और करुणा के साथ प्रयोग की जाए।
शक्तिमान आज भी कहता है —
“सच्ची ताकत किसी को हराने में नहीं, बल्कि सबको जोड़ने में है।”
भारतीय ऑडियो एंटरटेनमेंट का नया अध्याय
“शक्तिमान रिटर्न्स” न केवल पॉकेट एफएम के लिए बल्कि पूरे भारतीय डिजिटल एंटरटेनमेंट जगत के लिए एक मील का पत्थर है। 10 घंटे लंबी इस सीरीज़ को सुनने वाले दर्शक बताते हैं कि यह “साउंड सिनेमा” जैसा अनुभव देती है — जहाँ सिर्फ आवाज़ों से एक पूरी दुनिया जीवंत हो उठती है।
कहाँ सुनें और क्यों सुने
“शक्तिमान रिटर्न्स” पॉकेट एफएम ऐप पर मुफ़्त उपलब्ध है। यह युवाओं, बच्चों, और उन सभी के लिए है जो बचपन में टीवी पर शक्तिमान देखकर बड़े हुए हैं। अब यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक आत्मिक अनुभव है।
