भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना का नाम हमेशा मैदान में दमदार प्रदर्शन, बल्लेबाज़ी के कौशल और उनकी सादगी के कारण चर्चा में रहा। हाल के महीनों में उनके जीवन का एक हिस्सा मैदान के बाहर भी सुर्खियों में था—संगीतकार पलाश मुच्छल के साथ उनका रिश्ता। एक ऐसा रिश्ता, जो कभी आकर्षण और विश्वास की प्रतीक माना गया, लेकिन अब टूटने की खबर ने उनके चाहने वालों को हैरान कर दिया।

रविवार की शाम, एक भावुक और स्पष्ट बयान जारी करते हुए स्मृति मंधाना ने बताया कि उनकी शादी रद्द हो चुकी है। यह समाचार एकाएक नहीं आया, बल्कि लगातार कई सवालों और अटकलों के बाद आया। इस संबंध में उनके इंस्टाग्राम संदेश ने महीनों से चल रही सभी शंकाओं पर रोक लगा दी।
उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह इस विषय को यहीं समाप्त करना चाहती हैं, और चाहती हैं कि लोग भी इसी भावना से आगे बढ़ें। उनके शब्दों में स्पष्टता और थकान दोनों महसूस की जा सकती थी—थकान बिना बोले गए सवालों से, थकान निजी ज़िंदगी के उल्लंघन से और थकान उस भावनात्मक दौर से जहां उम्मीदें धीरे-धीरे पीछे छूट जाती हैं।
वो शुरुआती दिन—एक खूबसूरत तस्वीर का आरंभ
कहते हैं कि रिश्ते किसी जरूरत से नहीं, किसी एहसास से जुड़ते हैं। जुलाई 2024 ने इन्हीं अहसासों को पहली बार सार्वजनिक किया। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर, जिसमें छह नहीं, पांच नहीं, बल्कि पांच साल की साथ की याद दर्ज थी। वह तस्वीर सिर्फ एक फोटो नहीं थी—वह स्मृति और पलाश के रिश्ते की पहली आधिकारिक झलक थी।
फैंस को लगा कि यह रिश्ता एक लंबी, सुखद और स्थिर कहानी बनने वाला है। क्रिकेट जगत, संगीत की दुनिया और प्रशंसकों ने इसे एक सुनहरा मेल माना।
जब भविष्य की तरफ साफ संकेत मिले
अक्टूबर 2025 का वक्त उस रिश्ते पर सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाला था। एक इवेंट में पलाश की एक छोटी-सी टिप्पणी—
“जल्द ही इंदौर का दामाद बनूंगा।”
यह कहना था कि हवा में उत्सुकता बढ़ गई।
लोगों ने तस्वीरें, वीडियो देखना शुरू किया, अनुमान लगाना शुरू किया। सोशल मीडिया पर कुछ ही घंटों में हजारों प्रतिक्रियाएँ आने लगीं।
इस बयान ने भविष्य की कहानी को मानो तय कर दिया था। लोग जानने लगे कि शादी कब? कहाँ? कैसे?
वह प्रस्ताव–जिसे देखकर प्रशंसक भावुक हुए
नवंबर 2025 ने उस रोमांस को फिल्मी मोड़ दिया जिसे हर लड़की सपने में देखती है।
मुंबई के बड़े स्टेडियम में घुटनों पर बैठकर पलाश का यह प्रस्ताव किसी रोमांटिक फिल्म से कम नहीं था। आंखों पर पट्टी बांधकर स्मृति को अंदर लाया गया, और जब पट्टी उतरी, तो पूरा मैदान रोशनी, संगीत और खुशी से जगमगा उठा।
वह क्षण बना—
वीडियो वायरल, तस्वीरें वायरल, प्रतिक्रियाएं वायरल।
एक दिन में ही लाखों लाइक्स, हजारों टिप्पणियों ने इंटरनेट को भर दिया।
उन क्षणों में उस प्रस्ताव में केवल एक सवाल का जवाब नहीं था—
वह एक भावनात्मक वादा था, एक भविष्य का संकेत था।
रिवाज, रस्में और माहौल—सपनों का घर तैयार
मध्य-नवंबर में हल्दी की तस्वीरें सामने आईं।
हल्के पीले रंग में चमकती स्मृति, पारिवारिक माहौल, दोस्तों की मौजूदगी—सबकुछ किसी उत्सव जैसा लग रहा था।
लोगों ने उस हल्दी समारोह को ट्रेंड पर ला दिया। अगली ही शाम मेहंदी की रस्म हुई, जिसमें क्रिकेट जगत के कई नाम दिखे।
वीडियो में हंसी थी, गाने थे, रंग थे—जैसे कोई अध्याय शुरू होने वाला हो।
और फिर अचानक कहानी बदल गई
जब सब तैयार था—स्थल, तारीखें, लोग—तभी खबर आई कि स्मृति के पिता अस्वस्थ हो गए हैं।
परिवार किसी समारोह से पहले होता है।
तारीखें बदलीं, योजनाएं रुकीं और समारोह स्थगित हो गया।
यहीं से बदलाव शुरू हुआ।
रिश्ते कभी-कभी वहीं टूटते हैं जहां भावनात्मक भार बढ़ जाता है।
कुछ दिनों बाद खबर आई कि पलाश भी अस्पताल में भर्ती हुए। अचानक दोनों परिवारों में स्थिति बदल गई।
जिस पल को सब देखने वाले थे, वह अचानक धुंधला पड़ गया।
कुछ दिन चुप्पी—फिर अंत का ऐलान
7 दिसंबर की शाम आई न्यूज में नहीं, बल्कि सीधे उस पोस्ट के रूप में जो दिल से निकली थी।
स्मृति ने कहा—
“मैं इस मामले को यहीं खत्म करना चाहती हूं।”
यह सिर्फ बयान नहीं था—
यह एक अध्याय का समापन था।
एक सफर का अंत जो कभी उज्ज्वल दिखा था।
उन्होंने साथ ही निजता का सम्मान करने की भी बात कही।
रिश्तों के अंत में घोषणाएं नहीं होतीं, बस निर्णय होता है—
और उनका निर्णय यह था कि वह आगे बढ़ रही हैं।
जहां उम्मीद खत्म होती है, वहीं जीवन नया रास्ता देता है
दोनों ने अपने-अपने सोशल मीडिया पर बदलाव किए।
कुछ तस्वीरें हटाई गईं, कुछ अनफॉलो किया गया, कुछ कैप्शन बदले गए।
उनके चाहने वालों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं दीं—
कुछ निराश थे,
कुछ समझने वाले थे,
लेकिन अधिकतर ने यही कहा—
“समय सब ठीक कर देता है।”
अब आगे की दिशा
स्मृति अब अपने आने वाले टूर्नामेंट और व्यक्तिगत लक्ष्यों की तरफ बढ़ रही हैं।
पलाश अपने संगीत प्रोजेक्ट्स पर वापस लौट चुके हैं।
जीवन आगे बढ़ता है—मुस्कुराहट, अनुभव और परिपक्वता साथ लेकर।
