इस सप्ताह हवाई यात्रा के क्षेत्र में एक बड़ा अलर्ट जारी हुआ है। दुनिया भर में 6,000 से ज्यादा एयरबस A320 परिवार के विमान उड़ान नहीं भर पाएंगे। इसका मुख्य कारण सूरज से निकली Coronal Mass Ejection (CME) है। CME वह घटना है जिसमें सूरज से भारी मात्रा में आवेशित कण और गर्म प्लाज्मा पृथ्वी की दिशा में निकलते हैं। जब ये कण हमारे वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो उच्च ऊंचाई पर उड़ रहे विमानों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और नेविगेशन उपकरण प्रभावित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि एयरबस A320 फैमिली के विमानों में हाल ही में तकनीकी समस्या सामने आई है। इंडिगो और एयर इंडिया समूह के लगभग 250 A320 विमानों को विशेष सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपग्रेड की जरूरत है। यह अपग्रेड विमान के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम को CME से उत्पन्न संभावित खतरों से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। इन विमानों में तेज सोलर रेडिएशन के कारण डेटा करप्शन का जोखिम पाया गया है।
Airbus A320 परिवार की प्रमुख विशेषताएँ
A320 विमान फैमिली दुनिया भर की एयरलाइंस की पसंदीदा उड़ानों में शामिल है। यह विमान 4,700 नॉटिकल मील या लगभग 8,700 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है और इसमें 120 से 244 यात्रियों की क्षमता है। A320 के एडवांस टर्बोफैन इंजन ईंधन खपत में लगभग 20% तक की कमी लाते हैं। इसके अलावा यह विमान 50% सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल के साथ उड़ान भर सकता है, जिससे पर्यावरण पर असर कम होता है।
हालांकि CME और तकनीकी समस्याओं के कारण लगभग 6,000 विमानों को प्रभावित होने का खतरा है। ज्यादातर विमानों के लिए समाधान आसान है और केवल नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना होगा, जिसमें लगभग तीन घंटे का समय लगेगा। लेकिन लगभग 900 पुराने विमानों को पूरी कंप्यूटर प्रणाली बदलने की जरूरत है। जब तक यह कार्य पूरा नहीं होता, इन विमानों को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी।
CME का प्रभाव विमान इलेक्ट्रॉनिक्स पर
CME के कारण 28,000 फीट से ऊपर उड़ रहे विमानों के इलेक्ट्रॉनिक्स प्रभावित हो सकते हैं। जब सूर्य से निकले आवेशित कण वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो ये विमान के नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम में समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इस प्रकार की घटनाओं का अनुभव Qantas Airline के पूर्व कैप्टन डॉ. इयान गेटली ने 2003 में लॉस एंजिल्स और न्यूयॉर्क के बीच की उड़ान में किया था। इसके बाद उन्होंने इस विषय पर गंभीर शोध किया।
सरल शब्दों में कहें तो CME सूर्य का शक्तिशाली विस्फोट है, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर विमान के इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन सिस्टम पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
यूरोपीय संघ की चेतावनी
यूरोपीय संघ उड्डयन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने Airbus A320 फैमिली के लिए इमरजेंसी एयर वर्थीनेस निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के तहत प्रभावित विमानों में तुरंत काम करने वाले ELAC (Elevator-Aileron Computer) इंस्टॉल किए जाने चाहिए। यह अपडेट अगली उड़ान से पहले अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए, ताकि विमान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यह चेतावनी एयरलाइंस और यात्रियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। एयरबस ने भी अपने सभी ऑपरेटर्स को अलर्ट किया है कि अचानक पिच डाउन की समस्या के कारण विमानों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा हो सकता है।
भारतीय विमानों की स्थिति
भारत में इंडिगो और एयर इंडिया के 250 से ज्यादा A320 फैमिली के विमानों को इस तकनीकी अपग्रेड के लिए रोका जाएगा। यह प्रक्रिया 2-3 दिन में पूरी की जा सकती है। भारतीय एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी फ्लाइट शेड्यूल की पुष्टि करें और संभावित देरी के लिए तैयार रहें।
CME और सोलर रेडिएशन के कारण उत्पन्न इस चुनौती ने वैश्विक हवाई यात्रा प्रणाली को प्रभावित किया है। विमान निर्माता और सुरक्षा एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं ताकि विमान सुरक्षित उड़ान भर सकें।
